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कुलगाम हत्याकांडः कश्‍मीरी दुकानदार ने बचाई कोलकाता के 7वें मजदूर बशीरुल की जिंदगी

News18Hindi
Updated: November 1, 2019, 1:11 PM IST
कुलगाम हत्याकांडः कश्‍मीरी दुकानदार ने बचाई कोलकाता के 7वें मजदूर बशीरुल की जिंदगी
कुलगाम आतंकी हमले के बाद बशीरुल सरकार सदमे में चले गए. डॉक्टरों ने बताया कि सरकार को सोने में दिक्कत होती है. वह सोते-सोते अचानकर डरकर जाग जाते हैं.

जम्‍मू-कश्‍मीर (jammu-Kashmir) के कुलगाम (Kulgam) में पश्चिम बंगाल (West Bengal) के मुर्शिदाबाद के मारे गए 6 मजदूरों के साथी बशीरुल सरकार को कोलकाता (Kolkata) के एक अस्पताल से छुट्टी मिल गई है. मंगलवार को हुए आतंकी हमले में बचे बशीरुल को साथियों की मौत से सदमे में जाने के कारण अस्‍पताल में भर्ती करना पड़ा था. वह अकेले में रोने लगते हैं. हमले के दौरान एक दुकानदार ने उनसे भागने को कहा था, जिससे उनकी जान बच गई.

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  • Last Updated: November 1, 2019, 1:11 PM IST
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कोलकाता. पश्चिम बंगाल (West Bengal) के मुर्शिदाबाद के रहने वाले बशीरुल सरकार को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है. वह कोलकाता (Kolkata) के एसएसकेएम अस्पताल डिस्चार्ज होकर गुरुवार को अपने घर पहुंच गए. जम्‍मू-कश्‍मीर (Jammu-Kashmir) के कुलगाम (Kulgam) में मंगलवार को हुए आतंकी हमले (Terrorist Attack) में उनके 5 साथियों की मौके पर ही मौत हो गई थी. वहीं, छठे साथी की अगले दिन अस्‍पताल में मौत हो गई थी. घटना के वक्त बशीरुल सरकार कुछ सामान खरीदने घर से बाहर गए थे.

चावल खरीदने के लिए घर से निकले थे बशीरुल सरकार
बशीरुल ने बताया कि एक कश्मीरी दुकानदार (kashmiri shopkeeper) की चेतावनी के कारण आतंकी हमले के दिन उनकी जिंदगी बच गई. बशीरुल सरकार ने बताया कि घटना वाली रात वह चावल खरीदने के लिए घर से निकले थे. चावल लेकर जब वह घर लौट रहे तो पड़ोस के एक दुकानदार ने उनसे तुरंत भागने के लिए कहा. उस दुकानदार ने बशीरुल से कहा, 'तुम यहां से भागो.' यही वो एक वाक्‍य थे, जिसने उनकी जिंदगी बचा ली. उन्होंने बताया कि दुकानदार के चिल्‍लाते ही वह तेजी से भागने लगे. इस दौरान उन्होंने गोलियों की आवाज (Firing) सुनी, तब उन्हें पता चला कि दुकानदार ने उन्हें भागने को क्यों कहा था.

दुकानदार को शुक्रिया नहीं कह पाने का बशीरुल को है मलाल

घटना के बाद बशीरुल सरकार सदमे में चले गए. डॉक्टरों ने बताया कि सरकार को सोने में दिक्कत होती है. वह सोते-सोते अचानकर डरकर जाग जाते हैं. डॉक्टरों ने उन्हें अकेले में रोते हुए भी देखा है. उन्होंने बताया कि सरकार को अभी पूरी तरह से ठीक होने तक अस्पताल में रहना चाहिए, लेकिन वह लगातार घर जाने की जिद कर रहे थे. इसलिए उन्‍हें छुट्टी दे दी गई है. डॉक्‍टरों ने उनसे कहा है कि जरूरत पड़ने पर वह तुरंत अस्पताल आएं. सरकार को मलाल है कि वह उनकी जान बचाने वाले कश्मीरी दुकानदार को शुक्रिया तक नहीं कह पाए.

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First published: November 1, 2019, 1:11 PM IST
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