कुमारस्वामी ने कांग्रेस से गठबंधन तोड़ने के दिए संकेत, BJP ने कहा-फिर ड्रामेबाजी

एचडी कुमारस्वामी ने राजनीति में अपनी मौजूदगी को आकस्मिक करार दिया और कहा कि वह राजनीति से 'पीछे हटना' चाहते हैं

News18Hindi
Updated: August 4, 2019, 10:54 PM IST
कुमारस्वामी ने कांग्रेस से गठबंधन तोड़ने के दिए संकेत, BJP ने कहा-फिर ड्रामेबाजी
कुमारस्वामी ने कांग्रेस से गठबंधन तोड़ने के दिए संकते, बीजेपी ने कहा-फिर ड्रामेबाजी
News18Hindi
Updated: August 4, 2019, 10:54 PM IST
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कांग्रेस के साथ गठबंधन तोड़ने के संकेत दिए हैं. उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा है कि अब हमें किसी भी गठबंधन की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा, 'मैं एक्सीडेंटल सीएम बना था. मुझे सत्ता हासिल करने का कोई मोह नहीं है, मुझे तो बस आपका प्यार चाहिए. इससे पहले कुमारस्वामी ने ये बात बोलकर हर किसी को हैरान कर दिया था कि वह राजनीति छोड़कर शांति से रहने की सोच रहे हैं. कुमारस्वामी के इन बयानों पर बीजेपी ने चुटकी ली है. भाजपा नेता जगदीश शेट्टार ने कहा कि कुमारस्वामी विधानसभा में विश्वासमत हासिल न कर पाने के कारण घड़ियालू आंसू बहा रहे हैं. पूरा देवेगौड़ा परिवार ड्रामेबाज है.

गौरतलब है कि कर्नाटक में कांग्रेस के साथ गठबंधन सरकार गिरने के करीब एक हफ्ते बाद पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने राजनीति में अपनी मौजूदगी को आकस्मिक करार दिया और कहा कि वह राजनीति से 'पीछे हटना' चाहते हैं. जनता दल (सेक्युलर) के नेता ने वर्तमान राजनीति पर नाखुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह लोगों के लिए अच्छा नहीं है, क्योंकि यह नफरत और जाति का वर्चस्व है.

कुमारस्वामी ने कहा, 'आज की राजनीति अच्छे लोगों के लिए नहीं है. आज की राजनीति जाति, घृणा की राजनीति के प्रति मोह भर गई है. जिस तरह से एक वर्ग के लोगों में कुछ भावनाओं को उकसाया जाता है, आज जिस तरह से युवा अपने रास्ते से विचलित हो रहे हैं ... क्या मैं इन सबको ठीक कर सकता हूं. भगवान जानें?'

कुमारस्वामी ने दे दिया था इस्तीफा

कुमारस्वामी ने 23 जुलाई को 14 महीने पुरानी कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार के साथ मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. सके बाद 14 कांग्रेस और तीन जद (एस) बागियों ने इस्तीफा दे दिया, जिन्हें तत्कालीन अध्यक्ष केआर रमेश कुमार ने अयोग्य ठहराया था. विधायकों को बाद में संबंधित दलों से निष्कासित कर दिया गया था.

राजनीति में प्रवेश और मुख्यमंत्री बनना आकस्मिक- कुमारस्वामी
विश्वास मत के दौरान कुमारस्वामी ने भी कहा था कि उनका राजनीति में प्रवेश और मुख्यमंत्री बनना आकस्मिक था, क्योंकि उन्हें कांग्रेस द्वारा उस समय पद की पेशकश की गई थी, जब वह मई 2018 के विधानसभा चुनावों के बाद राजनीति से दूर रह रहे थे. चुनाव में उनकी पार्टी तीसरे नंबर पर आई थी. विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और जेडीएस ने एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ा था और सरकार बनाने के लिए हाथ मिलाया था. 23 जुलाई को कुमारस्वामी सरकार के गिरने के बाद, भारतीय जनता पार्टी के बीएस येडियुरप्पा ने 26 जुलाई को मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली और उन्होंने तीन दिन बाद विधानसभा में बहुमत साबित किया.
First published: August 4, 2019, 6:42 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...