सरकार गिरने के बाद बोले कुमारस्वामी- छोड़ना चाहता हूं पॉलिटिक्स, गलती से बन गया सीएम

कुमारस्वामी ने कहा कि आज की राजनीति अच्छे लोगों के लिए नहीं है. आज की राजनीति जाति, घृणा की राजनीति के प्रति मोह भर गई है.

News18Hindi
Updated: August 4, 2019, 11:00 AM IST
सरकार गिरने के बाद बोले कुमारस्वामी- छोड़ना चाहता हूं पॉलिटिक्स, गलती से बन गया सीएम
कुमारस्वामी ने कहा कि आज की राजनीति अच्छे लोगों के लिए नहीं है. आज की राजनीति जाति, घृणा की राजनीति के प्रति मोह भर गई है.
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Updated: August 4, 2019, 11:00 AM IST
कर्नाटक में कांग्रेस के साथ गठबंधन सरकार गिरने के करीब एक हफ्ते बाद पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने राजनीति में अपनी मौजूदगी को आकस्मिक करार दिया और कहा कि वह राजनीति से 'पीछे हटना' चाहते हैं.

जनता दल (सेक्युलर) के नेता ने वर्तमान राजनीति पर नाखुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह लोगों के लिए अच्छा नहीं है, क्योंकि यह नफरत और जाति का वर्चस्व है.

कुमारस्वामी ने कहा, 'आज की राजनीति अच्छे लोगों के लिए नहीं है. आज की राजनीति जाति, घृणा की राजनीति के प्रति मोह भर गई है. जिस तरह से एक वर्ग के लोगों में कुछ भावनाओं को उकसाया जाता है, आज जिस तरह से युवा अपने रास्ते से विचलित हो रहे हैं ... क्या मैं इन सबको ठीक कर सकता हूं. भगवान जानें?'

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मेरे परिवार को बीच में न लाएं- कुमारस्वामी
हासन से पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, 'मेरे परिवार को बार-बार इसमें मत लाओ. मैं यहां राजनीति में नहीं टिकूंगा. आज की राजनीति को देखते हुए, मैं खुद राजनीति से पीछे हटना चाहता हूं. मैं गलती से राजनीति में आ गया हूं. मैं गलती से मुख्यमंत्री बन गया.'

कुमारस्वामी ने उन रिपोर्टों को भी खारिज कर दिया कि उनके बेटे निखिल कुमारस्वामी केआर पेट से जेडीएस के उम्मीदवार होने की संभावना थी, जहां बागी पार्टी के विधायक नारायणगड्डा की अयोग्यता के बाद उपचुनाव होना है.
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निखिल ने लोकसभा चुनाव के दौरान मांड्या के पार्टी के गढ़ में निर्दलीय उम्मीदवार और अभिनेत्री सुमलता अम्बरीश के खिलाफ हार गए थे.

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कुमारस्वामी ने दे दिया था इस्तीफा
कुमारस्वामी ने 23 जुलाई को 14 महीने पुरानी कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार के साथ मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. सके बाद 14 कांग्रेस और तीन जद (एस) बागियों ने इस्तीफा दे दिया, जिन्हें तत्कालीन अध्यक्ष केआर रमेश कुमार ने अयोग्य ठहराया था. विधायकों को बाद में संबंधित दलों से निष्कासित कर दिया गया था.

राजनीति में प्रवेश और मुख्यमंत्री बनना आकस्मिक- कुमारस्वामी
विश्वास मत के दौरान कुमारस्वामी ने भी कहा था कि उनका राजनीति में प्रवेश और मुख्यमंत्री बनना आकस्मिक था, क्योंकि उन्हें कांग्रेस द्वारा उस समय पद की पेशकश की गई थी, जब वह मई 2018 के विधानसभा चुनावों के बाद राजनीति से दूर रह रहे थे. चुनाव में उनकी पार्टी तीसरे नंबर पर आई थी.

विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और जेडीएस ने एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ा था और सरकार बनाने के लिए हाथ मिलाया था. 23 जुलाई को कुमारस्वामी सरकार के गिरने के बाद, भारतीय जनता पार्टी के बीएस येडियुरप्पा ने 26 जुलाई को मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली और उन्होंने तीन दिन बाद विधानसभा में बहुमत साबित किया.

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First published: August 4, 2019, 10:36 AM IST
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