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    नए ट्वीट पर मुश्किल में फंसे कुणाल कामरा, अवमानना कार्यवाही को मंजूरी

    कुणाल कामरा ने सुप्रीम कोर्ट  को लेकर एक नया ट्वीट किया था. (फाइल फोटो)
    कुणाल कामरा ने सुप्रीम कोर्ट को लेकर एक नया ट्वीट किया था. (फाइल फोटो)

    प्रयागराज स्थित वकील अनुज सिंह (Advocate Anuj Singh) के इस संदर्भ में किये गए अनुरोध पर वेणुगोपाल (Attorney General K K Venugopal) ने नयी स्वीकृति दी. अटॉर्नी जनरल ने कहा, 'जिस ट्वीट का जिक्र है वह बेहद अशिष्ट व अप्रिय है.

    • News18Hindi
    • Last Updated: November 21, 2020, 5:34 AM IST
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    नयी दिल्ली. अटॉर्नी जनरल के.के वेणुगोपाल (Attorney General K K Venugopal) ने स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा (Kunal Kamra) के खिलाफ उनके 18 नवंबर के ट्वीट को लेकर अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की सहमति देते हुए कहा कि यह 'बेहद अशिष्ट और अप्रिय' था और इसका मकसद उच्चतम न्यायालय के अधिकार को कम करना था.

    पहले भी की है आलोचना
    शीर्ष विधि अधिकारी ने पिछले हफ्ते कामरा के खिलाफ उनके पूर्व के ट्वीट को लेकर अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की मंजूरी दी थी. कामरा ने अपने पूर्व के ट्वीट में कथित तौर पर उच्चतम न्यायालय की आलोचना की थी. अटॉर्नी जनरल ने कहा था कि वे 'अपमानजनक' थे और यह समय है जब लोगों को समझना चाहिए कि न्यायालय पर निशाना साधने पर वे सजा के हकदार होंगे.

    प्रयागराज के वकील का अनुरोध
    किसी व्यक्ति के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करने के लिये अदालत की अवमानना अधिनियम की धारा 15 के तहत अटॉर्नी जनरल या सॉलिसीटर जनरल की मंजूरी अनिवार्य है. प्रयागराज स्थित वकील अनुज सिंह के इस संदर्भ में किये गए अनुरोध पर वेणुगोपाल ने नयी स्वीकृति दी.



    ट्वीट में आपत्तिजनक भाषा
    कामरा ने 18 नवंबर को किये अपने ट्वीट में भारत के प्रधान न्यायाधीश के खिलाफ टिप्पणी करते हुए आपत्तिजनक हावभाव प्रदर्शित किये थे. सिंह को लिखे अपने पत्र में अटॉर्नी जनरल ने कहा, '18 नवंबर 2020 (रात नौ बजकर 46 मिनट) के ट्वीट के संदर्भ में कुणाल कामरा के खिलाफ अदालत की अवमानना अधिनियम, 1971 की धारा 15 के तहत मंजूरी के लिये आपके अनुरोध को मैंने देखा है.'

    ट्वीट की भाषा अशिष्ट और असभ्य
    उन्होंने कहा, 'जिस ट्वीट का जिक्र है वह बेहद अशिष्ट व अप्रिय है और इस बात पर मुझे कोई संदेह नहीं कि यह उच्चतम न्यायालय के प्राधिकार को कम करने के साथ ही उस विश्वास को भी कम कर देगा, जो सर्वोच्च अदालत में याचिका दायर करने वाली जनता को इस संस्थान पर है.'

    इससे पहले भी दी जा चुकी है अनुमति
    इससे पहले अटॉर्नी जनरल की पूर्व में दी गई सहमति के बाद उच्चतम न्यायालय में 13 नवंबर को एक याचिका दायर कर कामरा के खिलाफ आपराधिक अवमानना कार्रवाही शुरू करने की इजाजत मांगी गई थी. यह याचिका शीर्ष अदालत के खिलाफ कामरा के कथित 'अपमानजनक ट्वीट' को लेकर दायर की गई.
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