बेंगुलुरु: फर्जी कोविड-19 निगेटिव रिपोर्ट जारी करने वाले दो हेल्थ वर्कर सस्पेंड

सांकेतिक तस्वीर
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स्वास्थ्य मंत्री के सुधाकर (Health Minister K Sudhakar) ने मंगलवार को आश्वासन दिया कि ऐसी अनियमितताओं को रोकने के लिये कदम उठाए जाएंगे. मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार इस घटना को गंभीरता से देख रही है और दोनों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा.

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  • Last Updated: October 28, 2020, 5:54 PM IST
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बेंगलुरु. बेंगलुरु के नगर निकाय द्वारा संचालित एक अस्पताल के लैब टेक्नीशियन  (Lab technician) और एक ‘आशा’ स्वास्थ्य कर्मी (ASHA worker) को कथित रूप से फर्जी कोविड-19 निगेटिव प्रमाण-पत्र जारी करने पर निलंबित किया गया है. स्वास्थ्य मंत्री के सुधाकर (Health Minister K Sudhakar) ने मंगलवार को आश्वासन दिया कि ऐसी अनियमितताओं को रोकने के लिये कदम उठाए जाएंगे. मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार इस घटना को गंभीरता से देख रही है और दोनों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा.

केस दर्ज किया जाएगा
संवाददाताओं से बात करते हुए सुधाकर ने कहा कि उनके संज्ञान में अस्पताल से फर्जी निगेटिव रिपोर्ट जारी करने का मामला आया था जिसके बाद संयुक्त आयुक्त और स्वास्थ्य अधिकारियों के दल को निरीक्षण के लिये भेजा गया था. उन्होंने कहा, 'कोविड-19 निगेटिव रिपोर्ट जारी कर रहे संविदा पर रखे गए लैब टेक्नीशियन और आशा कर्मी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी.'


निगेटिव सर्टिफिकेट देने के लिए लेते थे पैसे


बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) के सूत्रों के मुताबिक संक्रमित मिलने वाले मरीजों को कोविड-19 निगेटिव प्रमाण-पत्र देने के बदले दोनों 1500 रुपये तक लेते थे. उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में तो जांच तक नहीं की गई. सुधाकर ने कहा कि गड़बड़ियों को दुरुस्त करने केलिये कड़े नियम बनाए जाएंगे जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं का दोहराव न होना सुनिश्चित हो.

खुद चिकित्सा पेशेवर डॉ. सुधाकर ने कहा, 'एक डॉक्टर के तौर पर यह घटना मुझे आहत करती है. अवैध जरिये से रुपये कमाना चिकित्सा पेशे का असम्मान है.'
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