मजदूर ने बिस्तर पर पड़ी मां को जिंदा जलाया, देखभाल करने के लिए नहीं बचे थे पैसे: तेलंगाना पुलिस

मजदूर ने बिस्तर पर पड़ी मां को जिंदा जलाया, देखभाल करने के लिए नहीं बचे थे पैसे: तेलंगाना पुलिस
महिला का नाम सलेहा बेगम है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

तेलंगाना निवासी 65 वर्षीय महिला शांत्ममा की कमर की हड्डी पांच साल पहले टूट गई थी. ऐसे में वह बिस्तर पर ही रहती थीं. तिरुमला और उनकी तीन बहनों ने मां का खयाल रखने के लिए एक केयर टेकर को भी रखा था. हालांकि पेमेंट ना होने की वजह से उसने भी आना बंद कर दिया था.

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हैदराबाद. कोरोना वायरस (Coronavirus) के चलते लॉकडाउन में नौकरी खोने वाले शख्स ने अपनी मां को जिंदा जला दिया. मिली जानकारी के अनुसार जब महिला सो रही थी तभी उसके 45 वर्षीय बेटे तिरुमाला लिंगस्वामी ने यह घातक कदम उठा लिया. घटना के बारे में पुलिस ने बताया कि तेलंगाना (Telangana) की राजधानी हैदराबाद से 120 किलोमीटर दूरी पर स्थित नलंगोडा के नरसिंहबटला गांव निवासी तिरुमला ने कथित तौर पर अपनी बहनों से कहा कि वह अब किसी की देखभाल नहीं कर सकता है. मां को जिंदा जलाने के बाद तिरुमाला मौके से फरार हो गया और पुलिस उसे खोज रही है.

मिली जानकारी के अनुसार 65 वर्षीय महिला शांतम्मा की कमर की हड्डी पांच साल पहले टूट गई थी. ऐसे में वह बिस्तर पर ही रहती थीं. तिरुमला और उनकी तीन बहनों ने मां का खयाल रखने के लिए एक केयर टेकर को भी रखा था. हालांकि पेमेंट ना होने की वजह से उसने भी आना बंद कर दिया था. पड़ोसियों ने शांतम्मा के लिए इंतजाम किया था लेकिन वह खुद का ख्याल नहीं रख पा रहीं थीं इसलिए आगे मदद करना बंद कर दिया.

न तो केयरटेकर और न ही उनकी बहनें अपनी मां के घर गईं
नलगोंडा ग्रामीण पुलिस के सब-इंस्पेक्टर राजेश्वर रेड्डी ने कहा, 'पड़ोस के गांव में रहने वाली उनकी बेटी हफ्ते में एक बार आती थी और उन्हें नहला देती थी, नहीं तो बूढ़ी औरत अकेली थी और उसकी कोई मदद नहीं करता था.' लॉकडाउन (Lockdown) के बाद, तिरुमला कुछ दिनों के लिए एक कंस्ट्रक्शन साइट पर था लेकिन कुछ दिनों के बाद गांव पहुंचा और पाया कि लॉकडाउन के कारण न तो केयरटेकर और न ही उनकी बहनें अपनी मां के घर आ पाईं.
सूत्रों के अनुसार, अपनी बीमार मां की हालात ना देख पाने पर तिरुमाला अप्रैल के पहले हफ्ते में हैदराबाद लौट आए और अपनी बहनों के साथ कथित संपर्क में रहकर जिम्मेदारी से बचने के लिए लोगों से बातचीत बंद कर दी. पुलिस ने कहा कि तेलंगाना सरकार ने 5 मई को प्रतिबंधों में ढील देने के बाद लिंगस्वामी की गांव में वापसी की और लोगों को मनाने की कोशिश की लेकिन वे नहीं माने.



तिरुमला घर बेचने के लिए दबाव डाल रहा था
तीन बहनों के बयान दर्ज करने के बाद, पुलिस ने कहा कि वित्तीय संकट से निपटने के लिए तिरुमला घर बेचने के लिए शांतम्मा पर दबाव डाल रहा था. पुलिस के अनुसार 'उनकी बहनों ने बताया कि बताया कि उनके पास पैसे नहीं थे क्योंकि उन्होंने अपने सारे पैसे लॉकडाउन के दौरान इस्तेमाल कर लिए. उसने अपनी बहनों पर दबाव डाला कि वे अपनी मां को घर बेचने के लिए कहें ... उनकी बहनों ने कहा कि यह शायद वह मां का खयाल रखने में सक्षम नहीं था और घर बेचने को मना कर दिया, जिसके बाद उसने यह जुर्म किया.'

पुलिस ने कहा, 'यह साफ नहीं है कि वह अपनी मां की देखभाल के लिए पैसे का उपयोग करना चाहता था या नहीं.' एक अधिकारी ने कहा, 'हम यह भी जांच कर रहे हैं कि क्या निजी जिंदगी में दिक्कतों के कारण तिरुमला की पत्नी ने हाल ही में अपने दो साल के बच्चे के साथ घऱ छोड़ दिया.' उनकी बहनों का दावा है कि तालाबंदी के दौरान तिरुमला बहुत शराब पीता था.'

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