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J&K सरकार ने लद्दाख मामलों का हेडक्वाटर लेह-लद्दाख में शिफ्ट करने का दिया आदेश

एएनआई
Updated: October 17, 2019, 4:39 AM IST
J&K सरकार ने लद्दाख मामलों का हेडक्वाटर लेह-लद्दाख में शिफ्ट करने का दिया आदेश
जम्मू-कश्मीर विधानसभा. (फाइल फोटो)

आगामी 31 अक्टूबर से जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) और लेह-लद्दाख (Leh-Ladakh) दो केंद्र शासित प्रदेश अस्तित्व में आ जाएंगे.

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नई दिल्ली. जम्मू- कश्मीर (Jammu and Kashmir) सरकार ने लेह-लद्दाख प्रशासनिक सचिव को एक आदेश जारी कर लेह-लद्दाख प्रधान कार्यालय को तत्काल वहां शिफ्ट करने के लिए कहा है. विभाग ने जम्मू-कश्मीर पुनर्निमाण अधिनियम के तहत चर्चा के दौरान यह आदेश जारी किया है. आगामी 31 अक्टूबर से जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) और लेह-लद्दाख (Leh-Ladakh) दो केंद्र शासित प्रदेश अस्तित्व में आ जाएंगे.

लद्दाख में मुख्यालय बनाने के लिय कहा
इस आदेश के अनुसार सरकार (Government) के आयुक्त, लेह-लद्दाख के सचिव को लद्दाख में मुख्यालय बनाने के लिय कहा गया है. बता दें कि इसी साल पांच अगस्त को केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 (Article 370) को हटा दिया था. यह अनुच्छेद जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देता था. इसके बाद से जम्मू-कश्मीर और लेह-लद्दाख को दो केंद्र शासित प्रदेश बना दिया गया है. इसी 31 अक्टूबर से दो संघ शासित प्रदेश अस्तित्व में आ जाएंगे.

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आदेश की कॉपी.


J&K से हट चुका है अनुच्छेद - 370
बता दें कि राज्यसभा में अनुच्छेद 370 की अधिकतर धाराओं को खत्म कर जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख को दो केन्द्र शासित क्षेत्र बनाने संबंधी सरकार के दो संकल्पों को मंजूरी दी गई थी. गृह मंत्री अमित शाह ने इस अनुच्छेद के कारण राज्य में विकास नहीं होने और आतंकवाद पनपने का दावा करते हुए आश्वासन दिया था कि जम्मू कश्मीर को केन्द्र शासित क्षेत्र बनाने का कदम स्थायी नहीं है और स्थिति समान्य होने पर राज्य का दर्जा बहाल कर दिया जाएगा.

अनुच्छेद - 370 पर जमकर हुई थी राजनीति
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उच्च सदन में कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों के भारी हंगामे के बीच गृह मंत्री अमित शाह द्वारा पेश किए गये दो संकल्पों एवं जम्मू कश्मीर पुनर्गठन विधेयक को चर्चा के बाद मंजूरी दी गई थी. साथ ही सदन ने जम्मू कश्मीर आरक्षण (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2019 को भी मंजूरी दी गई थी. इनको पारित किये जाने के समय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी सदन में मौजूद थे.

प्रधानमंत्री मोदी ने शाह की पीठ थपथपाते हुए उन्हें बधाई दी थी और गृह मंत्री शाह ने हाथ जोड़कर उनका आभार जताया. बाद में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गृह मंत्री शाह द्वारा सदन में दिये गए भाषण की सराहना करते हुए उसे व्यापक और सारगर्भित बताया था.

सरकार के दोनों संकल्पों के एवं पुनर्गठन विधेयक के प्रावधानों के तहत जम्मू कश्मीर विधायिका वाला केन्द्र शासित क्षेत्र बनेगा जबकि लद्दाख बिना विधायिका वाला केन्द्र शासित क्षेत्र होगा. इन दोनों संकल्पों को साहसिक और जोखिमभरा माना जा रहा है. दोनों संकल्पों और दोनों विधेयकों पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए गृह मंत्री शाह ने जम्मू कश्मीर में आतंकवाद सहित वहां की तमाम समस्याओं की जड़ करार दिया था.

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First published: October 17, 2019, 4:35 AM IST
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