ऐसे यूरोप खासकर फ्रांस बना लद्दाख के पश्मीना का बाजार

लद्दाख का पशमीना बना फ्रांस और यूरोप का पसंदीदा उत्पाद (फाइल फोटो)
लद्दाख का पशमीना बना फ्रांस और यूरोप का पसंदीदा उत्पाद (फाइल फोटो)

लद्दाख (Ladakh) में 1 फ़ीसदी से भी कम पश्मीना ऊन की प्रोसेसिंग कर उनका उत्पाद बनाया जाता है. कुंजस और इन जैसे अन्य युवा उद्यमी इस बदलते वक्त में बाजार की जरूरत को समझ रहे हैं और आने वाले दिनों में ज्यादा से ज्यादा अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाएंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 18, 2020, 5:02 PM IST
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लद्दाख (Ladakh) में महिलाएं स्टार्टअप के जरिए सीमावर्ती इलाकों में प्राचीन चामथंग समुदाय के लोगों को रोजगार देकर उन्हें मुख्यधारा में लाने का प्रयास कर रही हैं. कोरोना काल में लेह में एक ऐसे स्टार्टअप (Startup) ने पश्मीना ऊन से जुड़े सौ से ज्यादा उत्पादों को यूरोप भेजा है, जहां उन्हें अच्छे ऑर्डर भी मिले हैं.

कोरोना के वक्त इस तरीके से काम करते हुए लद्दाख रीजन में सीमावर्ती इलाकों में रह रहीं इन महिलाओं के लिए पश्मीना ऊन रोजगार का नया जरिया बन गया है. सारी प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए लद्दाख की युवा महिला उद्यमी कुंजस अंगमो ने कोरोना काल के दौरान महिलाओं को पश्मीना उद्योग से जोड़ने की मुहिम लगातार जारी रखी और नतीजा यह हुआ आज यूरोप और खासकर फ्रांस में लद्दाख के महिलाओं द्वारा बुने गए पश्मीना का एक नया बाजार बन गया है.

कुंजस अंगमो, महिला उद्यमी, लद्दाख के मुताबिक कोविड-19 वक्त देश के अन्य हिस्सों की तरह उनके लिए भी बहुत चुनौती भरा था, लेकिन समय के अनुसार उन्होंने अपने व्यवसाय में बदलाव किया और यूरोपीय मार्केट के अनुसार ही उन महिलाओं को ट्रेनिंग दी जाने लगी जो पश्मीना की बुनाई करती हैं.



कुंजस ने प्राचीन चामथंग समुदाय के महिलाओं को अपने साथ जोड़ा उन्हें यूरोप के बाजार की जरूरतों के बारे में समझाया और पश्मीना से जुड़े रॉ मैटेरियल को मुहैया करवाया. मौजूदा समय में यूरोपियन टेस्ट के मुताबिक लद्दाख की यह महिलाएं एक्सक्लूसिव प्रोडक्ट तैयार कर रही हैं. यूरोप के अलावा अब कुंजस आने वाले दिनों में अमेरिकन और अन्य ग्लोबल मार्केट में भी अपने उत्पादों को भेजेंगी.
मौजूदा समय में लद्दाख में 1 फ़ीसदी से भी कम पश्मीना ऊन की प्रोसेसिंग कर उनका उत्पाद बनाया जाता है. कुंजस और इन जैसे अन्य युवा उद्यमी इस बदलते वक्त में बाजार की जरूरत को समझ रहे हैं और आने वाले दिनों में ज्यादा से ज्यादा अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाएंगे.
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