लद्दाख: अर्थ मूवर में बैठकर कोविड वॉरियर्स ने पार की नदी, इंटरनेट पर बंधे तारीफों के पुल


सांसद नामयाल की तरफ से जारी की गई तस्वीर में साफ नजर आ रहा है कि चार फ्रंटलाइन वर्कर एक अर्थ मूवर के आगे वाले हिस्से में बैठकर नदी पार कर रहे हैं. (फोटो: Twitter/@jtnladakh)

सांसद नामयाल की तरफ से जारी की गई तस्वीर में साफ नजर आ रहा है कि चार फ्रंटलाइन वर्कर एक अर्थ मूवर के आगे वाले हिस्से में बैठकर नदी पार कर रहे हैं. (फोटो: Twitter/@jtnladakh)

Ladakh Frontline Workers Viral Photo: सांसद सेरिंग नामयाल ने लिखा, 'हमारे कोविड वॉरियर्स को सलाम है. ग्रामीण लद्दाख में अपनी ड्यूटी पूरी करने के लिए कोविड वॉरियर्स की एक टीम नदी पार करती हुई. घर पर रहें, सुरक्षित रहें और कोविड वॉरियर्स के साथ सहायता करें.'

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नई दिल्ली. बीते करीब डेढ़ साल से लगातार कोविड मरीजों (Covid Patients) की सेवा में लगे स्वास्थ्यकर्मी अपना कर्तव्य निभाने में जान दांव पर लगाने से भी नहीं हिचक रहे हैं. हाल ही में लद्दाख से एक तस्वीर सामने आई है, जहां कुछ फ्रंटलाइन वर्कर्स ड्यूटी के लिए अर्थ मूवर पर बैठकर नदी पार कर रहे हैं. लद्दाख से भारतीय जनता पार्टी के सांसद जामयांग सेरिंग नामयाल (Jamyang Tsering Namgyal) ने यह तस्वीर आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर शेयर की है.

सांसद नामयाल की तरफ से जारी की गई तस्वीर में साफ नजर आ रहा है कि चार फ्रंटलाइन वर्कर एक अर्थ मूवर के आगे वाले हिस्से में बैठे हुए हैं. उन्होंने लिखा, 'हमारे कोविड वॉरियर्स को सलाम है. ग्रामीण लद्दाख में अपनी ड्यूटी पूरी करने के लिए कोविड वॉरियर्स की एक टीम नदी पार करती हुई. घर पर रहें, सुरक्षित रहें और कोविड वॉरियर्स के साथ सहायता करें.' तस्वीर के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर यूजर्स लगातार कर्मियों की तारीफ कर रहे हैं.

ट्विटर यूजर्स कर रहे जमकर तारीफ-


इससे पहले भी केरल से एक खबर आई थी, जहां लोगों की मदद के लिए डॉक्टर्स की एक टीम नदी और जंगल पार कर गांव में पहुंची थी. द इंडियन एक्स्प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, डॉमिसिलियरी केयर सेंटर की मेडिकल टीम को एक जनजातीय गांव मुरुगुला में आपात स्थिति में पहुंचना था. यह गांव पलक्कड़ के अटापडी से 20 किमी दूर है.


यहां इरुला, मुदुगर और कुरुंबा जनजाति के करीब 100 लोग रहते हैं. बीते हफ्ते एक परिवार के तीन लोगों को तेज बुखार की शिकायत हुई थी और उन्हें तत्काल मेडिकल सुविधा की जरूरत थी. टीम में तीन डॉक्टर और एक ड्राइवर था. वे जानते थे कि गाड़ी को केवल भवानी पुझा नदी के किनारे तक ले जाया जा सकता है और उन्हें नदी अपने आप ही पार करनी होगी. शनिवार सुबह नदी पार करने के बाद टीम अटापडी जंगल में और 8 किमी तक चलने के बाद गांव पहुंची.

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