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लखीमपुर हिंसाः अजय मिश्रा बोले- पार्टी हाईकमान ने समन नहीं किया, कुछ काम से जाऊंगा दिल्ली

लखीमपुर हिंसाः अजय मिश्रा बोले- पार्टी हाईकमान ने समन नहीं किया, कुछ काम से जाऊंगा दिल्ली

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 'जिन लोगों की घटना में जान गई है, उनके प्रति मैं अपनी सहानुभूति व्यक्त करता हूं. मामले में पारदर्शी जांच होनी चाहिए.' (फोटो- ANI)

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 'जिन लोगों की घटना में जान गई है, उनके प्रति मैं अपनी सहानुभूति व्यक्त करता हूं. मामले में पारदर्शी जांच होनी चाहिए.' (फोटो- ANI)

Ajay Mishra Teni ने कहा कि उनका बेटा कार में मौजूद नहीं था. कार पर पहले हमला हुआ था और ड्राइवर उसमें घायल हो गया था. इसके चलते कार अपनी बैलेंस खो बैठी थी और वहां मौजूद कुछ लोगों के ऊपर कार चढ़ गई थी.

    लखीमपुर. लखीमपुर खीरी हिंसा (Lakhimpur Kheri Violence) मामले में घिरे केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा तेनी (Ajay Mishra Teni) ने ANI से बातचीत में कहा है कि पार्टी हाईकमान (BJP Leadership) ने उन्हें दिल्ली नहीं बुलाया है. लेकिन वे आज रात या गुरुवार तक दिल्ली जाएंगे, क्योंकि उनके कुछ काम अधूरे पड़े हैं. दरअसल इस आशय की खबरें आईं थीं कि लखीमपुर खीरी में हिंसा (Lakhimpur Kheri Violence) की घटना के बाद पार्टी लीडरशिप ने अजय मिश्रा तेनी को समन किया है. घटना से पहले एक कार्यक्रम में अपने संबोधन से जुड़े वायरल ऑडियो के बारे में तेनी ने कहा कि पूरा ऑडियो नहीं बजाया जा रहा है. मैंने कभी भी किसानों (Farmers) के खिलाफ एक शब्द नहीं कहा है.

    उन्होंने कहा कि ‘उनका बेटा कार में मौजूद नहीं था. कार पर पहले हमला हुआ था और ड्राइवर उसमें घायल हो गया था. इसके चलते कार अपनी बैलेंस खो बैठी थी और वहां मौजूद कुछ लोगों के ऊपर चढ़ गई.’ केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ‘जिन लोगों की घटना में जान गई है, उनके प्रति मैं अपनी सहानुभूति व्यक्त करता हूं. मामले में पारदर्शी जांच होनी चाहिए.’

    विपक्ष हमलावर
    बता दें कि कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी पार्टियों ने लखीमपुर खीरी हिंसा और प्रियंका गांधी वाड्रा को हिरासत में लिए जाने को लेकर मंगलवार को सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि अब तक केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा को बर्खास्त क्यों नहीं किया गया और उनके बेटे की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई. कांग्रेस पार्टी ने यह आरोप भी लगाया कि इस मामले में राज्य सरकार की ओर से जिस जांच की घोषणा की गई वह एक महज ‘कागजी कार्रवाई’ भर है.

    कांग्रेस का कहना है कि पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को लखीमपुरी खीरी जाएगा और इस संदर्भ में राज्य सरकार से अनुमति मांगी गई है. वहीं मंगलवार को पुलिस अभिरक्षा में मौजूद प्रियंका गांधी ने एक बयान जारी कर आरोप लगाया है कि उन्हें गैरकानूनी ढंग से हिरासत में रखा गया है और उनके वकीलों को भी उनसे नहीं मिलने दिया गया है.

    संविधान खतरे मेंः राहुल गांधी
    राहुल गांधी ने कहा कि किसानों को गाड़ी से कुचलने वाले केंद्रीय मंत्री के पुत्र को हिरासत में नहीं लिए जाने का मतलब यह है कि देश का संविधान खतरे में है. उन्होंने जोर देकर यह भी कहा कि प्रियंका गांधी एक सच्ची कांग्रेसी हैं और डरने वाली नहीं हैं तथा उनका सत्याग्रह जारी रहेगा. राहुल गांधी ने लखीमपुर में किसानों को गाड़ी से कुचलने से संबंधित एक कथित वीडियो को साझा करते हुए फेसबुक पोस्ट में कहा, ‘एक मंत्री का बेटा अगर अपनी गाड़ी के नीचे सत्याग्रही किसानों को कुचल दे, तो देश का संविधान ख़तरे में है. अगर वीडियो के सामने आने के बाद भी उसे हिरासत में ना लिया जाए तो देश का संविधान ख़तरे में है. अगर एक महिला नेता को 30 घंटे तक बिना प्राथमिकी के हिरासत में रखा जाए तो देश का संविधान ख़तरे में है.’

    ‘मुआवजे की घोषणा कागजी कार्रवाई’
    कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने एक बयान में कहा, ‘मोदी जी, हत्यारे अभी तक गिरफ़्तार क्यों नहीं हुए? इनका संरक्षक केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री योगी अभी तक पदों पर कैसे बने हुए हैं? हत्यारों को गिरफ़्तार कीजिए और दोनों संरक्षकों को बर्खास्त कीजिए. वरना स्वीकार कीजिए कि आप ही इन सबके मुख्य संरक्षक हैं!’

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अश्विनी कुमार ने पीड़ित किसान परिवारों के लिए मुआवजे, जांच की घोषणा को लेकर कहा, ‘हम समझते हैं कि यह सिर्फ कागजी कार्रवाई है, ताकि लोगों के गुस्से को कम किया जा सके. लेकिन लोगों के आक्रोश को दबाया नहीं जा सकता, इतिहास इस बात का गवाह है.’
    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को लखनऊ में थे और उनसे उम्मीद थी कि वह पीड़ित परिवारों से मिलेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को हिरासत में लिए जाने को गैरकानूनी कदम करार देते हुए मंगलवार को कहा कि तथ्यों से साबित होता है कि उत्तर प्रदेश में कानून का राज नहीं है और वहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अपना कानून चल रहा है. कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने आरोप लगाया कि लखीमपुरी खीरी में किसानों के साथ जो हुआ, उससे जलियांवाला बाग नरसंहार की याद ताजा हो गई.

    माफी मांगें पीएमः सिद्धारमैया
    उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर प्रधानमंत्री मोदी को माफी मांगनी चाहिए. लखीमपुर खीरी के तिकोनिया क्षेत्र में हुई हिंसा में चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत के बाद वहां जाने के दौरान रास्ते में हिरासत में लीं गईं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा सोमवार सुबह से पुलिस अभिरक्षा में हैं.

    गौरतलब है कि लखीमपुर खीरी जिले के तिकोनिया क्षेत्र में रविवार को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के पैतृक गांव के दौरे के विरोध को लेकर भड़की हिंसा में चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत हो गई थी. इस मामले में मिश्रा के बेटे आशीष समेत कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.

    Tags: Ajay Mishra Teni, BJP, Lakhimpur farmer demonstration, Lakhimpur incident

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