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Lakhimpur Kheri Violence: मृत पत्रकार, किसान और बीजेपी कार्यकर्ता के परिजनों के सवाल, सुनाई दुखदायी दास्तान

Lakhimpur Kheri Violence: मृत पत्रकार, किसान और बीजेपी कार्यकर्ता के परिजनों के सवाल, सुनाई दुखदायी दास्तान

रमन की पत्नी आराधना ने कहा, 'उनका पूरा शरीर खून में लिथड़ा हुआ था, उनके शरीर में गिट्टी धंसी हुई थी.'

रमन की पत्नी आराधना ने कहा, 'उनका पूरा शरीर खून में लिथड़ा हुआ था, उनके शरीर में गिट्टी धंसी हुई थी.'

Lakhimpur Kheri Violence: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में घटना के बाद आक्रोशित किसानों के गुस्से का शिकार हुए बीजेपी के बूथ लेवल के कार्यकर्ता शुभम मिश्रा के पिता और भाई ने कहा, 'क्या हम आतंकवादी हैं. प्रियंका गांधी हमसे क्यों नहीं मिलना चाहती हैं?'

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    लखीमपुर. दो साल का अभिनव सीएनएन-न्यूज18 के माइक्रोफोन से खेलता है. वह सीधे कैमरे में देखते हुए झूमता है और फिर मां की ओर माइक्रोफोन बढ़ा देता है, जिनके ऊपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. अभिनव जोर देता है कि मां रोना बंद करे और कुछ बोले. अभिनव ने अक्सर अपने पिता रमन को अक्सर काम के दौरान ऐसा करते हुए देखा था. 35 वर्षीय रमन एक स्थानीय स्कूल मॉडर्न गुरुकुल में टीचर में थे. लेकिन खबरों को लेकर जोश से भरे हुए थे, ऐसे में 5 महीने पहले उन्होंने एक टीवी चैनल के रिपोर्टिंग का काम शुरू कर दिया था. रविवार को असाइनमेंट के तौर पर रमन लखीमपुर खीरी (Lakhimpur Kheri Violence) जिले में किसान आंदोलन (Farmers Protest) को कवर करने गए थे. लेकिन फिर नहीं लौटे…

    अभिनव की मां संतोष कुमारी 12 घंटे के डरावने इंतजार को बयां किया, जिस दौरान उनका परिवार रमन को ढूंढ़ रहा था, बाद में उनका पार्थिक शरीर स्थानीय पुलिस थाने में मिला. निघासन स्थित अपने आवास पर संतोष कुमारी ने सीएनएन न्यूज18 से कहा, ‘वह दोपहर 12 बजे के करीब निकले थे, तीन बजे के करीब हमें पता चला कि किसानों के आंदोलन में कुछ हुआ है. लेकिन हमें पता नहीं था कि वे चोटिल हैं. उनका फोन नहीं लग रहा था. हमने उनके बारे में पूछते हुए लोगों को तस्वीरें दिखाईं. फोटो चिपकाएं. पूरी रात हम उन्हें ढूंढ़ते रहे. उनके साथी रिपोर्टर भी वापस लौट आए लेकिन उनके बारे में कोई जानकारी नहीं थी. सुबह के तीन बजे पुलिस का हमें फोन आया कि आकर एक शव की पहचान कर लो. ये रमन थे.’

    रमन की पत्नी आराधना ने कहा, ‘उनका पूरा शरीर खून में लिथड़ा हुआ था, उनके शरीर में गिट्टी धंसी हुई थी.’ लखीमपुर में किसान केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा तेनी और यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या की यात्रा का विरोध कर रहे थे. पिछले एक साल से किसान संगठन देश भर में केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं.

    रमन के परिवार को मानना है कि उन्हें गाड़ी से कुचला गया था. रमन के पिता ने कहा कि रिपोर्टर को समय पर इलाज नहीं मिला. उन्होंने कहा, ‘रमन की चोट बहुत ज्यादा गंभीर नहीं थी. अगर वे लोग उसे लेकर अस्पताल गए होते, शायद वह बच गया होता, लेकिन उन्होंने उसे शव वाहन में डाल दिया.’ राम दुलारे ने इस बात से इनकार किया कि रमन को कोई गोली लगी थी. उन्होंने कहा, ‘रमन के शरीर पर खरोंच के निशान थे. उसे कार से टक्कर मारी गई थी.’

    किसान संगठनों का आरोप है कि तेनी के बेटे आशीष ने रमन और चार प्रदर्शनकारी किसानों को कार से रौंद दिया. कश्यप के आवास के बाहर एक शिलापट्ट लगा है, जिसमें पक्की सड़क के लिए केंद्रीय मंत्री और स्थानीय सांसद को धन्यवाद ज्ञापित किया गया है.

    निघासन से 25 किलोमीटर दूर चौकदा फार्म लवप्रीत सिंह का परिवार रहता है, जो प्रशासन से बेहद नाराज है. 20 वर्षीय किसान की भी कथित तौर पर कार से रौंदे जाने के चलते मौत हुई है. लवप्रीत का शव काफी देर तक गांव के चौराहे पर पड़ा रहा. फिर किसान नेता राकेश टिकैत ने इलाके का दौरा किया और बात करके प्रशासन और स्थानीय लोगों में समझौता कराया. हालांकि लोगों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सवाल उठाए हैं.

    विपक्ष के नेताओं जैसे कि कांग्रेस की प्रियंका गांधी ने प्रशासन पर असंवेदनशील होने का आरोप लगाया है. प्रियंका गांधी को गिरफ्तार करके सीतापुर में रखा गया है, कांग्रेस नेता लखीमपुर जाने पर अड़ी हुई हैं और परिवार वालों से मिलने के लिए परमिशन मांग रही हैं.

    हालांकि घटना में मौत के शिकार हुए बीजेपी कार्यकर्ताओं ने सवाल उठाया है कि प्रियंका गांधी उनसे सहानुभूति क्यों नहीं है. लखीमपुर में घटना के बाद आक्रोशित किसानों के गुस्से का शिकार हुए बीजेपी के बूथ लेवल के कार्यकर्ता शुभम मिश्रा के पिता और भाई ने कहा, ‘क्या हम आतंकवादी हैं. प्रियंका गांधी हमसे क्यों नहीं मिलना चाहती हैं? जो लोग विरोध प्रदर्शन में शामिल थे, वे किसान नहीं थे, बल्कि कानून तोड़ने वाले थे.’ बता दें कि किसानों पर शुभम मिश्रा की लिंचिंग करने के आरोप लगाए जा रहे हैं.

    Tags: Families of Dead Journalist, Farmer and BJP Worker, Lakhimpur kheri violence, Priyanka gandhi, UP Government, प्रियंका गांधी, यूपी सरकार, लखीमपुर खीरी हिंसा

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