लाइव टीवी

अध्ययन में खुलासा, देशों की अक्षांश स्थिति से हो सकता है कोरोना वायरस के फैलने का संबंध

भाषा
Updated: March 22, 2020, 4:16 PM IST
अध्ययन में खुलासा, देशों की अक्षांश स्थिति से हो सकता है कोरोना वायरस के फैलने का संबंध
अध्ययन में यह भी कहा गया है कि भारत में आने वाले बुधवार तक कोविड-19 के मरीज करीब 400 तक हो सकते हैं

अध्ययन में मौसम परिस्थितियों और कोरोना वायरस (Coronavirus) फैलने की दर के बीच कोई संबंध नहीं पाया गया. इस संक्रामक रोग से दुनियाभर में 11,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है जिसके चलते भारत (India) समेत विभिन्न देशों को बंद की घोषणा करनी पड़ी.

  • Share this:
चेन्नई. चेन्नई (Chennai) के एक प्रतिष्ठित संस्थान द्वारा किए गए महामारी विज्ञान (Epidemic Science) अध्ययन में पता चला है कि जिस तेजी से कोरोना वायरस (Coronavirus) दुनियाभर में फैल रहा है तो इसका देशों की अक्षांश स्थिति (Latitude Link) से संबंध हो सकता है.

भारत में 900 तक हो सकती है मरीजों की संख्या
केंद्र के परमाणु ऊर्जा विभाग (Nuclear Energy Department) के तहत आने वाले स्वायत्त संगठन गणितीय विज्ञान संस्थान (Institute of Mathematical Sciences) के अध्ययन में यह भी कहा गया है कि भारत में आने वाले बुधवार तक कोविड-19 (Covid-19) के मरीज करीब 400 तक हो सकते हैं तथा और खराब स्थिति में यह संख्या 900 तक पहुंच सकती है.

सौम्या ईश्वरन के साथ अध्ययन करने वाले प्रोफेसर सीताभ्रा सिन्हा ने कहा कि मामले बढ़ेंगे या घटेंगे यह निजी स्तर पर लोगों की प्रतिक्रिया और इस संकट से निपटने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों को सहयोग जैसी बातों पर निर्भर करेगा.



विभिन्न पहलुओं का अध्ययन करते हुए संस्थान की दो सदस्यीय टीम ने कोरोना वायरस (Coronavirus) के प्रसार का संबंध अक्षांश स्थिति से बताया.

सिन्हा ने एक साक्षात्कार में पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘सामान्य तौर पर उच्च अक्षांश वाले क्षेत्रों में इस महामारी के फैलने की वृद्धि दर अधिक है.’’

दुनिया भर में 11 हजार लोगों की मौत
अध्ययन में मौसम परिस्थितियों और वायरस फैलने की दर के बीच कोई संबंध नहीं पाया गया. इस संक्रामक रोग से दुनियाभर में 11,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है जिसके चलते भारत समेत विभिन्न देशों को बंद की घोषणा करनी पड़ी.

शोधकर्ता ने कहा कि देशों की अक्षांश स्थिति और रोगाणुओं के छितराव की दर के बीच संबंध आगे के अध्ययन में और पुख्ता होगा जो अभी चल रहा है.

चीन और भारत समेत अन्य एशियाई देशों, कई यूरोपीय देशों तथा अमेरिका में कोरोना वायरस के प्रसार पर आंकड़ों के बारे में बताते हुए सिन्हा ने कहा कि उन्होंने यह देखने की कोशिश की कि क्या विभिन्न क्षेत्रों में संक्रमित लोगों की संख्या की वृद्धि दर का संबंध कुछ घटकों से हो सकता है.

ये भी पढ़ें-
कोरोना: मोदी सरकार का बड़ा फैसला, ट्रेनें रुकी, नहीं चलेंगी बसें और मेट्रो

इटली पर कोरोना के प्रकोप से क्या सीख सकती है दुनिया?

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: March 22, 2020, 4:16 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर