उमर अब्दुल्ला ने रीट्वीट की दो दशक पुरानी तस्वीरें, वायरल हो रही फेक न्यूज की जानें हकीकत

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्‍दुल्‍ला की फाइल फोटो
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्‍दुल्‍ला की फाइल फोटो

इस तस्वीर के बारे में गलत जानकारी दी गई थी कि यह तस्वीर असम (Assam) की है. उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) ने गलत जानकारी के साथ साझा की गई इसी तस्वीर को रीट्वीट (Retweet) किया.

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नई दिल्ली. फेक न्यूज (Fake News) के झांसे में साधारण लोग ही नहीं, बड़े नेता भी आ जाते हैं. इसलिए इसके प्रसार को रोकने पर बहुत बल दिया जाता है. ऐसा ही एक वाकया सोशल मीडिया ट्विटर (Twitter) पर शनिवार को तब हुआ, जब जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) ने बिना जांचे एक एक ट्वीट को रीट्वीट कर दिया. दरअसल एक ट्विटर एकाउंट (Twitter Account) से एक गाय के सामने बैठे तेंदुए (Leopard) की तस्वीर ट्वीट की गई थी. इस तस्वीर के बारे में गलत जानकारी दी गई थी कि यह तस्वीर असम (Assam) की है. अब्दुल्ला ने गलत जानकारी के साथ साझा की गई इसी तस्वीर को रीट्वीट (Retweet) किया.

इस तस्वीर के बारे में ट्वीट (Tweet) में लिखा गया था- "असम में एक व्यक्ति ने गाय (Cow) खरीदी. रात को उसने कुत्तों को भौंकते सुना, यह बाद की रातों में भी होता रहा तो उसने वहां CCTV लगवा दिया. वह यह देखकर आश्चर्यचकित हुआ कि एक तेंदुआ (Leopard) हर रात आता था और गाय के पास बैठता था. गाय के पहले मालिक से पूछने पर उसे पता चला कि तेंदुए की मां की हत्या कर दी गई थी, जब यह मात्र 20 दिनों का बच्चा था. गाय ने उसे अपना दूध पिलाया था और उसकी जान बचाई थी. तेंदुआ जब बड़ा हो गया तब उसे जंगल में छोड़ दिया गया. लेकिन पूरी तरह से बड़ा होने के बाद भी तेंदुआ हर रात वापस आता था और गाय से साथ समय बिताता था, जिसे वह अपनी मां मानता था."





उमर अब्दुल्ला ने रीट्वीट कर लिखा- "क्या जबरदस्त कहानी है, साझा करने के लिए शुक्रिया"
उमर अब्दुल्ला ने इस ट्वीट को रीट्वीट करते हुए लिखा, क्या जबरदस्त कहानी है. साझा करने के लिए शुक्रिया. लेकिन उनके इस रीट्वीट के बाद एक फैक्ट चेकर ने बताया कि यह तस्वीर करीब दो दशक पुरानी है और असम की न होकर गुजरात की तस्वीर है. यह तस्वीरें गुजरात के वडोदरा जिले के अंतोली गांव में ली गई थीं. और उसमें गाय के तेंदुए को बचपन में दूध पिलाने की कहानी का भी कोई जिक्र नहीं था.

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असली कहानी बिल्कुल ऐसी नहीं
2002 में इस तस्वीर के बारे में लिखी गई रिपोर्ट में एक वन संरक्षक के हवाले से बताया गया था कि एक पूर्णत: जंगली माहौल में न रहने के चलते और ग्रामीण परिवेश के आस-पास रहने के चलते तेंदुए का अन्य पालतू जानवरों से लगाव हो गया था और इसलिए वह रात में गाय के पास आकर बैठता था.
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