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कुंभ का सबक: आखिर क्‍यों नवरात्रि और दशहरा में कम रहे कोरोना केस? यहां जानें

कुंभ का सबक: आखिर क्‍यों नवरात्रि और दशहरा में कम रहे कोरोना केस? यहां जानें

दशहरा और दिवाली में कम रहे कोरोना के मामले. (File pic)

दशहरा और दिवाली में कम रहे कोरोना के मामले. (File pic)

Coronavirus in India: कुंभ के दौरान बढ़े कोरोना मामलों से सरकारों ने सीख लेते हुए लोगों की सुरक्षा के संबंध में नवरात्रि और दशहरा पर कई कदम उठाए थे.

    नई दिल्‍ली. 12 अप्रैल, 2021 को भारत में कोरोना वायरस (Coronavirus) के 1.69 लाख मामले दर्ज किए गए थे. इसके साथ ही भारत कोरोना (Covid 19 in India) से प्रभावित दूसरा बड़ा देश बनने की ओर था. उसी महीने उत्‍तराखंड के हर‍िद्वार में आयोजित हुए कुंभ मेले (Kumbh 2021) में हिस्‍सा लेने के लिए करीब 60 लाख लोगों ने यात्रा की थी. अब करीब 6 महीने बाद देश 15 अक्‍टूबर को दशहरा (Dussehra) मनाने के लिए तैयार था. लेकिन इस बार देश में उस दिन 214 दिनों में सबसे कम 16,862 कोरोना वायरस के मामले दर्ज किए गए थे.

    सरकारी आंकड़ों के अनुसार 28 अप्रैल को कुंभ समाप्त होने तक 91 लाख लोग उसमें शामिल हो चुके थे. अक्टूबर में भी ऐसा ही मामला था. फ्लाइट पूरी भरी थीं. ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्‍ट थी क्‍योंकि लोग देश के अलग-अलग हिस्‍सों में यात्रा कर रहे थे. आइए यहां समझते हैं कि अब एक बड़े धार्मिक आयोजन से लेकर दूसरे आयोजन के बीच क्या बदला, जिससे कोरोना केस कम हो गए….

    बड़ा टीकाकरण अभियान
    16 जनवरी, 2021 को भारत में कोविड-19 टीकाकरण अभियान शुरू किया गया. पहले चरण में टीकाकरण के लिए फ्रंटलाइन वर्कर्स को प्राथमिकता दी गई, इसके बाद 60 साल से अधिक उम्र के लोगों और 45 से अधिक को मॉर्बिलिटी वाले लोगों को टीका लगाया गया. बाद में 45 साल से ऊपर के सभी लोगों को टीकाकरण में शामिल किया गया. 28 अप्रैल, 2021 को देश में 18 साल से अधिक उम्र वाले सभी लोगों के लिए 1 मई से टीका लगाने की घोषणा हुई और रजिस्‍ट्रेशन शुरू किया गया. हालांकि, कुछ राज्यों में इसमें देरी हुई. मार्च के अंत में सप्‍लाई और मांग संबंधी मुद्दों के कारण टीकाकरण अभियान धीमा हो गया था.

    30 अप्रैल, 2021 तक 15.23 करोड़ लोगों का टीकाकरण किया जा चुका था. बाद के महीनों में टीकाकरण की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है. भारत ने विश्व स्तर पर रोजाना अधिक वैक्‍सीन लगाई. देश में 15 अक्टूबर को दशहरा पर ही 8.36 लाख से अधिक कोविड-19 वैक्सीन की डोज लगाई गईं. इसके साथ ही कुल वैक्‍सीन डोज की संख्‍या 97.23 करोड़ हो गई.

    देश को पहली 10 करोड़ डोज लगाने में 85 दिन लगे थे. अगले 10 करोड़ डोज में 45 दिन लगे और अन्य 29 दिनों में भारत ने 30 करोड़ का आंकड़ा छू लिया था. हालांकि सबसे बड़ा उछाल 17 सितंबर को आया, जब एक दिन में 2.1 करोड़ से ज्यादा डोज लगाए गए.

    राज्‍यों की ओर से प्रतिबंध आए काम
    अधिक टीकाकरण संख्या के बावजूद राज्यों को अब तक सामूहिक समारोहों के खतरनाक प्रभावों का अहसास हो चुका था और लोगो को कोविड के मामले में कोई छूट देना विकल्प नहीं था. गुजरात में अधिकारियों ने 400 लोगों को गरबा समारोह के लिए एकत्र होने की अनुमति दी थी, शर्त थी कि उन्‍हें वैक्‍सीन की दोनों डोज लगी हो. इसके अलावा शादियों और अंतिम संस्‍कार में शामिल होने वाले लोगों की संख्या भी 400 रखी गई थी. होटल और रेस्तरां को 75 फीसदी क्षमता के साथ खुलने की अनुमति दी गई थी. राज्य के आठ शहरों: अहमदाबाद, राजकोट, भावनगर, जूनागढ़, जामनगर, गांधीनगर, सूरत और वडोदरा में रात के कर्फ्यू का समय एक घंटे बढ़ा दिया गया था.

    महाराष्ट्र में बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) ने कहा था कि किसी भी गरबा समारोह की अनुमति नहीं दी जाएगी. लोगों से कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करने का आग्रह करते हुए बीएमसी ने मंडलों को ऑनलाइन दर्शन की व्यवस्था करने और भक्तों तक पहुंचने के लिए सोशल मीडिया का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया है.

    7 अक्टूबर को पूजा स्थलों को फिर से खोलने का निर्णय लेने के बाद बीएमसी ने धार्मिक स्थलों को 50 फीसदी क्षमता पर खोले जाने की अनुमति दी. उन्‍हें दिन में तीन बार साफ किया जाना था. मिठाई और प्रसाद वितरित नहीं किया जाना था. परिवारों के लिए पांच लोगों को विसर्जन उत्सव में भाग लेने की अनुमति दी गई थी, जबकि सामुदायिक समूहों के लिए अधिकतम 10 भक्तों को इसमें हिस्‍सा लेने की अनुमति थी. बीएमसी ने कहा था कि दोनों ही मामलों में हिस्‍सा लेने वाले भक्तों को कोरोना वैक्‍सीन की दोनों डोज लगी हों.

    दिल्ली सरकार ने छठ पूजा के सार्वजनिक समारोहों पर रोक लगा दी है. 5 फीसदी से कम पॉजिटिविटी रेट वाले जिलों को रामलीला और दुर्गा पूजा सभाओं के लिए जिलाधिकारी से अनुमति प्राप्त करने की अनुमति दी गई थी.

    गुजरात में हॉल को 50 फीसदी की अधिकतम क्षमता के साथ संचालित करने के लिए बनाया गया था, जिसमें 200 लोगों को बंद स्थानों में आने अनुमति दी गई थी. राज्य के अधिकारियों ने कहा था कि उत्सव में स्टालों और भोजनालयों की अनुमति नहीं दी जाएगी.

    उत्तर प्रदेश में कंटेनमेंट जोन के बाहर 100 से अधिक लोगों को एकत्र होने की अनुमति दी गई थी. दिशानिर्देशों में कहा गया था कि लोगों की सीटों के बीच 6 फीट की दूरी सुनिश्चित करनी चाहिए. यूपी सरकार ने यह भी अनिवार्य किया था कि आयोजन स्थलों के प्रवेश द्वार पर एक कोविड हेल्पडेस्क स्थापित किया जाएगा.

    मास इम्‍युनिटी की ओर बढ़ते हम
    देश में 73 फीसदी से अधिक आबादी को कोविड-19 वैक्सीन की पहली डोज लग चुकी है. ऐसी संभावना जताई गई है कि इसी महीने भारत में 100 करोड़ वैक्‍सीनेशन पूरा हो जाएगा. एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार विशेषज्ञों ने कहा कि अक्टूबर के मध्य तक किए गए जीनोमिक सीक्‍वेंसिंग और अन्य अध्ययनों से पता चलता है कि कोरोना वायरस के म्‍यूटेट होने का कोई संकेत नहीं है और न ही इसका कोई नया वेरिएंट सामने आया है.

    Tags: Corona vaccination, Coronavirus, COVID 19

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