खास है ये 15 अगस्‍त, अब समलैंगिक भी मना रहे हैं 'आज़ादी' का जश्न

सितंबर 2018 में धारा 377 (Section 377) हटाए जाने का फैसला देश भर के लाखों LGBTQIA+ लोगों की ज़िंदगी बदलने वाला फैसला था. इसका मतलब था कि उन्हें आखिरकार संवैधानिक समानता दी गई. इस साल वास्तव में उनके लिए पहला स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) है.

News18Hindi
Updated: August 15, 2019, 11:21 AM IST
खास है ये 15 अगस्‍त, अब समलैंगिक भी मना रहे हैं 'आज़ादी' का जश्न
सितंबर 2018 में धारा 377 हटाए जाने का फैसला देश भर के लाखों LGBTQIA+ लोगों की ज़िंदगी बदलने वाला फैसला था.
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Updated: August 15, 2019, 11:21 AM IST
दुनिया के बहुत से देशों की तरह पिछले 15 अगस्‍त तक भारत में भी समलैंगिकता अपराध की श्रेणी में आती थी. इसके चलते समलैंगिक लोगों को न सिर्फ सामाजिक रूप से सामने आने में दिक्‍कत रहती थी, बल्कि वे कानून की निगाह में भी अपराधी थे. लेकिन सितंबर 2018 में धारा 377 (Section 377) हटाए जाने का फैसला देश भर के लाखों LGBTQIA+ लोगों की ज़िंदगी बदलने वाला फैसला था. इसका मतलब था कि उन्हें आखिरकार संवैधानिक समानता दी गई.

इस साल वास्तव में उनके लिए पहला स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) है. LGBTQIA+ समुदाय का मानना है कि हम सभी एक साथ संविधान के तहत एकजुट हैं. इस उत्सव को मनाने के लिए, द हमसफर ट्रस्ट, एजेंसी नेटवर्क IPG मीडिया ब्रांड्स इंडिया के साथ मिलकर दुनिया के सामने अपने राष्ट्रगान का गौरव-प्रसंग प्रस्तुत कर रहा है.

इस वीडियो में LGBTQIA+ समुदाय के प्रमुख सदस्य राष्ट्रगान पर खड़े हुए दिखाई दे रहे हैं. इस वीडियो को चुनिंदा सिनेमाघरों में दिखाने की तैयारी भी की जा रही है. LGBTQIA+ समुदाय का मानना है कि यह फिल्म और ऐंथम हम सभी को एकजुट करने और दुनिया को दिखाने में मदद करेगा कि हम सभी प्राउड इंडियन हैं.

गौरतलब है कि समलैंगिकों को मूलत: एलजीबीटीक्यू (लेस्बियन, गे, बाय-सेक्शुअल्स, ट्रांसजेंडर्स और क्वीर, lesbian, gay, bisexual, transgender, queer) कहा जाता है.

 



LGBTQIA+ समुदाय के लोगों का मानना है कि अगर आप इस उत्सव के जरिये हमारे साथ एकजुटता में खड़े होना चाहते हैं, आपका स्वागत है. ताकि, हम इस मुहीम को आगे ले जाएं.
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First published: August 15, 2019, 4:34 AM IST
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