कश्मीर में लगातार 57वें दिन जनजीवन प्रभावित

कश्मीर में लगातार 57वें दिन बाजार और सार्वजनिक वाहनों का आवागमन बंद रहा
कश्मीर में लगातार 57वें दिन बाजार और सार्वजनिक वाहनों का आवागमन बंद रहा

कश्मीर (Kashmir) में लगातार 57वें दिन जनजीवन प्रभावित, अधिकारियों का कहना है कि घाटी में मोबाइल सेवाओं के निलंबन के अलावा घाटी में कहीं भी कोई प्रतिबंध नहीं है.

  • भाषा
  • Last Updated: September 30, 2019, 3:16 PM IST
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श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) में अनुच्छेद 370 (Article 370) के अधिकतर प्रावधान निरस्त किए जाने के बाद आज सोमवार को लगातार 57वें दिन भी बाजार बंद रहे साथ ही सार्वजनिक वाहनों (Public Transport) का भी आवागमन बंद रहा. ऐसे माहौल के कारण जनजीवन प्रभावित रहा. इस बीच अधिकारियों ने कहा कि भले ही सुरक्षा बल बड़ी संख्या में कश्मीर में तैनात हो लेकिन मोबाइल सेवाओं के निलंबन के अलावा घाटी में कहीं भी कोई प्रतिबंध नहीं है.

उन्होंने बताया कि असामाजिक तत्वों के कई स्थानों पर कारों में तोड़-फोड़ करने और दुकानदारों को धमकाने के बाद बंद का असर अधिक दिखा. इस तरह की हो रही घटनाओं का संज्ञान लिया गया है. अधिकारियों ने बताया कि घाटी में मुख्य बाजार और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे और सार्वजनिक वाहन भी सड़क पर दिखाई नही दिये. शहर के कुछ इलाकों में कुछ निजी कारें और कुछ अंतर-जिला कैब और ऑटो रिक्शा नजर आएं.

केन्द्र सरकार के पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस लेने के बाद से ही कश्मीर के स्कूलों में कक्षाएं प्रभावित हैं. स्कूलों के सामान्य संचालन के लिए राज्य सरकार कई प्रयास कर रही है लेकिन इतने प्रयासों के बावजूद भी माता-पिता सुरक्षा कारणों के चलते बच्चों को घर से बाहर भेजने को तैयार नहीं हैं.



उन्होंने बताया कि उत्तर में हिंदवाड़ा ओर कुपवाड़ा इलाकों को छोड़ कर कश्मीर में मोबाइल सेवाएं हर जगह बंद कर दी गई हैं और लगातार 57वें दिन इंटरनेट सेवाएं हर मंच पर बंद रहीं. पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती समेत मुख्य धारा के कई नेता अब भी नजरबंद या हिरासत में हैं.
पूर्व मुख्यमंत्री और श्रीनगर से लोकसभा सांसद, फारूक अब्दुल्ला को विवादास्पद सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया है, उनके पिता और नेशनल कॉन्फ्रेंस के संस्थापक शेख मोहम्मद अब्दुल्ला द्वारा 1978 में कानून बनाया गया था जब वह मुख्यमंत्री थे.

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