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कश्मीर में स्थिति हो रही सामान्य, पहले के मुकाबले अधिक वाहन नजर आये

भाषा
Updated: November 25, 2019, 3:18 PM IST
कश्मीर में स्थिति हो रही सामान्य, पहले के मुकाबले अधिक वाहन नजर आये
कश्मीर में स्थिति हो रही सामान्य

तीन महीने बाद कश्मीर घाटी में पहले की तुलना में सोमवार को सार्वजनिक वाहन सहित अंतर-जिला कैब, ऑटो-रिक्शा और मिनी बसें सड़कों पर अधिक नजर आएं.

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श्रीनगर. श्रीनगर (Srinagar) में अधिकतर स्थानों पर सोमवार सुबह दुकानें खुली नजर आईं और पहले के मुकाबले सड़कों पर सार्वजनिक वाहन भी अधिक दिखे. अधिकारियों ने बताया कि लाल चौक और घाटी में कुछ स्थानों सहित शहर के कई इलाकों में दुकानें खुली. हालांकि जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) से विशेष राज्य का दर्जा वापस लिए जाने के विरोध में दोपहर में इन्हें बंद कर दिया गया.

सभी तरह के वाहन दिखे सड़क पर
पहले की तुलना में सोमवार को सार्वजनिक वाहन सहित अंतर-जिला कैब, ऑटो-रिक्शा और मिनी बसें सड़कों पर अधिक नजर आईं. उन्होंने बताया कि अधिक निजी कारों के सड़कों पर निकलने से शहर में कई स्थानों पर जाम भी लगा. केन्द्र सरकार के अनुच्छेद 370 (Article 370) के अधिकतर प्रावधान हटाने के निर्णय के करीब तीन महीने बाद कश्मीर घाटी में कई स्थानों पर पिछले कुछ हफ्तों में स्थिति सामान्य होती दिख रही है.

पुलिस लगातार कर रही कारवाई

हालांकि पिछले दुकानदारों और सार्वजनिक वाहन परिचालकों को धमकी देने वाले पोस्टर लगाये जाने के बाद बुधवार से बंद दोबारा शुरू हो गया. पुलिस ने बताया कि उन्होंने इन घटनाओं का संज्ञान लिया है और कई लोगों की गिरफ्तारी के बाद कई ऐसे संगठनों का भंडाफोड़ भी हुआ है.

वहीं पांच अगस्त को केन्द्र के जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस लेने और उसे केन्द्र शासित प्रदेश बनाने की घोषणा करने के बाद से अभी तक यहां प्री-पेड मोबाइल फोन और सभी इंटरनेट सेवाएं निलंबित हैं.

सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं श्रीनगर से मौजूदा लोकसभा सांसद फारुक अब्दुल्ला को अब भी विवादित लोक सुरक्षा अधिनियम के तहत हिरासत में रखा है. इस कानून को 1978 में अब्दुल्ला के पिता एवं नेशनल कांफ्रेंस के संस्थापक शेख मोहम्मद अब्दुल्ला ने मुख्यमंत्री रहते हुए लागू किया था.
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First published: November 25, 2019, 3:18 PM IST
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