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liquor ban in bihar attracts businessmen in nepal know what is the matter

बिहार की शराबबंदी से नेपाल में कारोबारियों की धूम, जानें क्‍या है मामला 

बिहार की सीमा से लगे नेपाल में शराब बेचने के ठिकाने. इन छोटी दुकानों तक हर वर्ग की पहुंच है.

बिहार की सीमा से लगे नेपाल में शराब बेचने के ठिकाने. इन छोटी दुकानों तक हर वर्ग की पहुंच है.

बिहार (Bihar) में शराबबंदी की वजह से नेपाल (Nepal) में शराब के कारोबार की धूम मची हुई है. बिहार के बाशिंदे अपनी शराब की ज़रूरत को पूरा करने के लिए अब नेपाल जा रहे हैं.

नई दिल्‍ली. बिहार (Bihar) में शराबबंदी (Liquor Ban) की वजह से नेपाल (Nepal) में शराब के कारोबार की धूम मची हुई है. बिहार के बाशिंदे अपनी शराब की ज़रूरत को पूरा करने के लिए अब नेपाल जा रहे हैं. बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 2016 में शराब पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था, तभी से यहां की सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है, साथ ही शराब अवैध तरीके से दोगुने और तिगुने दामों पर धड़ल्ले से बिक रही है. भारत और नेपाल में सीमा के आर पार जाने को लेकर कोई मनाही नहीं है. इस वजह से दोनों तरफ के लोग अपनी जरूरतों का सामान एक दूसरे के यहां से लेने आते रहते हैं. मसलन बाइक के पुर्जे भारत में सस्ते मिलते हैं तो पेट्रोल नेपाल में सस्ता है.

न्यूयॉर्क टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक भारत और नेपाल की सीमा पर हुए राजनीतिक तनाव को छोड़ दिया जाए तो यह सीमा दोनों तरफ के लोगों के लिए हमेशा से ही काम की रही है. बरसों से चली आ रही इस प्रक्रिया के बीच अब एक चीज़ और है जिसने बिहार के लोगों को सीमा पार कर नेपाल जाने के लिए प्रेरित किया है. करीब 400 मील लंबी इसी नेपाल की सीमा से सटे बिहार की शराबबंदी के कारण रोजाना कई लोग नेपाल केवल शराब के लिए आते हैं. जो लोग बिहार में अवैध रूप से बिक रही महंगी शराब नहीं खरीद सकते हैं तो वह नेपाल जाना पसंद करते हैं. ऐसे में कुछ लोग ऐसे भी हैं जो रोज ही नेपाल जाते हैं.

स्थानीय शराब को विदेशी ब्रांड की नकल के साथ बेचा जा रहा
भारत की सीमा से लगे नेपाल में बीते दिनों ढेर सारे बार और रेस्त्रां खुल गए हैं. जहां पर स्थानीय शराब को विदेशी ब्रांड की नकल के साथ बेचा जा रहा है. बिहार में शराबबंदी के पीछे यहां की स्थानीय महिलाओं का विरोध था जो आए दिन घरेलू हिंसा, व्यर्थ की पैसे की बरबादी और दूसरी परेशानियों से निजात चाहती थीं. इसके बाद बिहार में नीतीश कुमार ने शराब पर पाबंदी लगा दी जिसके चलते अगर कोई शराब पीता पकड़ा जाता तो उसे हजारों रुपये का जुर्माना और जेल दोनों हो सकती है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का कहना है कि शराबबंदी से हिंसा और अपराध में बहुत कमी आई है, हालांकि सीमाओं के खुले होने से कानून का ठीक तरह से पालन नहीं हो पाता है.

नीति से बदला कुछ नहीं शराब अब भी मिल रही
बिहार के लोग जो आए दिन नेपाल जाते रहते हैं, उनका कहना है कि नीतीश कुमार इसलिए चुनाव जीते थे क्योंकि महिलाओंं ने उन्हें वोट दिया था. लेकिन इस नीति से बदला कुछ नहीं शराब अब भी मिल रही है और दोगुनी तिगुनी दाम पर मिल रही है और सरकार को कुछ हासिल नहीं हो रहा. खुली सीमा का इलाका बहुत बड़ा है और यहां पर अब शाम को नेपाल में शराब पीने और लेने वालों की तादाद दिन पर दिन बढ़ती जा रही है. इस वजह से कभी कभार यहां पर असामाजिक गतिविधि भी बढ़ रही है.

बिहार की वजह से नेपाल में लोगों को व्यापार चमक गया
हालांकि न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक नेपाली यूनिवर्सिटी के लेक्चरर का कहना है कि खुली सीमाओं की वजह से जो अवसर हैं वह शराबी ग्राहकों की बढ़ने की तुलना में कम ही हैं. बिहार की वजह से नेपाल में लोगों को व्यापार चमक गया है वहां की रेस्त्रां में स्थानीय शराब भरी पड़ी हैं. कुछ समय पहले नेपाल में अपना होटल बनाने वाले एक शख्स जिनकी कभी बिहार में स्टेशनरी की दुकान हुआ करती थी, हंसते हुए कहते हैं कि पहले हम शिक्षा बेचते थे, अब हम शराब बेचते हैं. मैं यहां आने वालों से कहता हूं कि बहुत पढ़ लिए अब जम कर पियो.

Tags: Liquor Ban, Nepal

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