कोविड-19 के इलाज के लिए तैयार हो रही विकल्पों की लिस्ट, इन दवाओं पर चल रहा काम

कोविड-19 के इलाज के लिए तैयार हो रही विकल्पों की लिस्ट, इन दवाओं पर चल रहा काम
भारत में प्रमुख रूप से ध्यान कोविड-19 के टीके के विकास पर रहा है और 30 से अधिक टीकों को समर्थन दिया गया है जो विकास के विभिन्न स्तरों पर हैं

Covid-19 Treatment: डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि इस बीमारी के खिलाफ लड़ाई में प्रभावी टीका निश्चित ही कारगर साबित होगा. हर्षवर्धन ने यह भी कहा कि आयुष मंत्रालय ने कोविड-19 के प्रबंधन और उसे कम करने के लिए अनेक उपायों के जरिये योगदान दिया है.

  • भाषा
  • Last Updated: September 14, 2020, 10:24 PM IST
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नई दिल्ली. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन (Health Minister Dr Harvardhan) ने सोमवार को कहा कि कोविड-19 रोगियों (Covid-19 Patients) के लिए पुन: उपयोग में लाये जा सकने वाली दवाओं के 13 क्लीनिकल परीक्षण तथा आधुनिक चिकित्सा उपचार की पद्धति का इस्तेमाल करते हुए परंपरागत ज्ञान का उपयोग करके उपचार के विकल्पों की सूची तैयार की जा रही है. कोविड-19 महामारी (Covid-19 Pandemic) और केंद्र सरकार द्वारा उठाये गये कदमों पर लोकसभा (Loksabha) में बयान देते हुए हर्षवर्धन ने कहा कि भारत में प्रमुख रूप से ध्यान कोविड-19 के टीके (Covid-19 Vaccine) के विकास पर रहा है और 30 से अधिक टीकों को समर्थन दिया गया है जो विकास के विभिन्न स्तरों पर हैं.

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि ‘इम्युनोमॉड्यूलेटर सेप्सिवाक’ के दूसरे चरण के क्लीनिकल परीक्षण को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है. इसके अलावा पहली जड़ी-बूटी आधारित (फाइटोफार्मास्युटिकल) दवा एसीक्यूएच का दूसरे चरण का क्लीनिकल परीक्षण चल रहा है. हर्षवर्धन ने कहा कि ‘अश्वगंधा’ का एक रोगनिरोधक परीक्षण और ‘गुडूची प्लस पिप्पली’, यष्ठिमधु तथा पॉलीहर्बल आयुष औषधि (आयुष-64) के तीन परीक्षण मामूली रूप से अस्वस्थ कोविड-19 रोगियों पर करने की योजना है.

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टीका ही होगा कारगर
डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि इस बीमारी के खिलाफ लड़ाई में प्रभावी टीका निश्चित ही कारगर साबित होगा. हर्षवर्धन ने यह भी कहा कि आयुष मंत्रालय ने कोविड-19 के प्रबंधन और उसे कम करने के लिए अनेक उपायों के जरिये योगदान दिया है.

इसके अलावा देश में कोविड-19 के बढ़ते मामलों के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा कि महामारी से निपटने के लिए देशभर में लॉकडाउन लगाने समेत सरकार के समय पर लिये गये फैसलों से संक्रमण के करीब 14-29 लाख मामलों को रोकने में और 37,000-38,000 लोगों को मौत से बचाने में मदद मिली.

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देश में 92 प्रतिशत मामले हल्के लक्षण वाले
कोविड-19 महामारी और उससे निपटने के लिए सरकार द्वारा उठाये गये कदमों पर लोकसभा में बयान देते हुए हर्षवर्धन ने कहा कि भारत में करीब 92 प्रतिशत मामले हल्के लक्षण वाले हैं, वहीं केवल 5.8 प्रतिशत मामलों में ऑक्सीजन थैरेपी की जरूरत पड़ी और केवल 1.7 प्रतिशत मामले आईसीयू वाले रहे.

उन्होंने कहा कि भारत में 11 सितंबर तक नोवेल कोरोना वायरस के कुल 45,62,414 मामले आए और 76,271 लोगों की संक्रमण से मृत्यु हो चुकी थी. उन्होंने बताया कि संक्रमण से मृत्यु दर 1.67 प्रतिशत है.

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने कोविड-19 को सर्वोच्च स्तर की राजनीतिक चुनौती के तौर पर लिया.
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