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Corona Vaccine: खत्म हुआ इंतजार, सीरम इंस्‍टीट्यूट और भारत बायोटेक की कोरोना वैक्सीन के इमरजेंसी यूज की DCGI ने दी मंजूरी

डीसीजीआई ने जानकारी दी है कि कोविशील्‍ड और कोवैक्‍सीन पूरी तरह से सुरक्षित हैं.
डीसीजीआई ने जानकारी दी है कि कोविशील्‍ड और कोवैक्‍सीन पूरी तरह से सुरक्षित हैं.

ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने रविवार को सीरम इंस्‍टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) की कोविशील्‍ड वैक्‍सीन (Covishield) और भारत बायोटेक की कोवैक्‍सीन (Covaxin) को भारत में इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 3, 2021, 6:29 PM IST
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नई दिल्‍ली. भारत में कोरोना वायरस (Coronavirus) की वैक्सीन (Corona vaccine) को लेकर लंबे समय से चल रहा इंतजार आखिरकार अब पूरा हो गया. ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने रविवार को सीरम इंस्‍टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) की कोविशील्‍ड वैक्‍सीन (Covishield) और भारत बायोटेक की कोवैक्‍सीन (Covaxin) को भारत में इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है. डीसीजीआई ने जानकारी दी है कि कोविशील्‍ड और कोवैक्‍सीन पूरी तरह से सुरक्षित हैं. टीकाकरण के दौरान इन वैक्‍सीन की 2-2 डोज दी जाएंगी. उन्होंने इसके साथ ही जायडस कैडिला की वैक्सीन 'जाइकोव-डी' को तीसरे चरण के क्लिनिकल ट्रायल के लिए मंजूरी देने की जानकारी दी. इससे व्यापक टीकाकरण अभियान का रास्ता साफ हो गया है.

केंद्रीय औषध मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की कोविड-19 संबंधी विषय विशेषज्ञ समिति (एसईसी) की अनुशंसा के आधार पर भारत के औषध महानियंत्रक (डीसीजीआई) ने यह मंजूरी प्रदान की है. डीसीजीआई डॉ. वीजी सोमानी ने कहा, ‘सीडीएससीओ ने पर्याप्त अध्ययन के बाद विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों को स्वीकार करने का फैसला किया है और तदनुसार मैसर्स सीरम और मैसर्स भारत बायोटेक के टीकों के आपात स्थिति में सीमित उपयोग के लिए स्वीकृति प्रदान की जा रही है.'


डीसीजीआई वीजी सोमानी ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'अगर किसी भी चीज में जरा सी भी खामी होगी तो हम उसे अनुमति नहीं देंगे. वैक्‍सीन 110  फीसदी सुरक्षित हैं. इसके कुछ सामान्‍य साइड इफेक्‍ट हैं. जैसे हल्‍का बुखार, दर्द और एलर्जी. इससे नपुंसकता होने की बात बिलकुल गलत है.' डीसीजीआई की प्रेस कॉन्‍फ्रेंस के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों और वैज्ञानिकों को शुभकामनाएं दीं. उन्‍होंने ट्वीट किया, 'जोशपूर्ण जंग को बल देने के लिए यह एक निर्णायक कदम है. सीरम इंस्‍टीट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बायोटेक की वैक्‍सीन को डीसीजीआई की ओर से अनुमति मिलने से कोविड फ्री इंडिया और स्‍वस्‍थ्‍य इंडिया का मार्ग प्रशस्‍त होगा. भारत को शुभकामनाएं. हमारे नवोन्‍मेषकों और वैज्ञानिकों को शुभकामनाएं.'




भारत में दो कोरोना वैक्सीन के इस्तेमाल की मंजूरी मिलने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को बधाई दी है. पीएम मोदी  ने कहा, 'भारतीयों के लिए यह गर्व की बात हो सकती है क्‍योंकि जिन दो वैक्‍सीन को इमरजेंसी यूज की अनुमति मिली है, वे मेड इन इंडिया के तहत बनी हैं. यह आत्‍मनिर्भर भारत के प्रति देश के वैज्ञानिकों की प्रतिबद्धता दर्शाता है.'

डीसीजीआई की ओर से जानकारी दी गई है कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की मदद से कोविशील्‍ड तैयार की है. एसआईआई ने दावा किया किया है कि उसने इस वैक्‍सीन को 23,745 वॉलंटियर्स पर टेस्‍ट किया है. इसमें इसकी प्रभावशीलता 70.42 फीसदी रही है. इसके बाद इसे देश में 1600 लोगों पर पहले और दूसरे चरण के क्‍लीनिकल ट्रायल के लिए मंजूरी दी गई. इसकी समीक्षा के बाद एक्‍सपर्ट कमेटी ने इसे इमरजेंसी यूज के लिए अनुमति दे दी है.

वहीं भारत बायोटेक की कोवैक्‍सीन का देश में तीसरे चरण का क्‍लीनिकल ट्रायल 25,800 लोगों पर किया जाना है. इसमें से अब तक 22,500 लोगों को यह वैक्‍सीन लग चुकी है. उपलब्‍ध डाटा के अनुसार यह पूरी तरह से सुरक्षित है.
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