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पुणे में हिंसक हुआ आंदोलन, IT कंपनी में घुसे प्रदर्शनकारी, पुलिस ने किया लाठीचार्ज

राजनीतिक रूप से प्रभावशाली मराठा समुदाय राज्य की आबादी का लगभग 30 फीसदी हैं जो 16 फीसदी आरक्षण की मांग कर रहे हैं. आंदोलन सुबह आठ बजे से शाम छह बजे तक होगा.

Hindi.news18.com | August 9, 2018, 6:57 PM IST
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Last Updated August 9, 2018

हाइलाइट्स

आरक्षण की मांग को लेकर बुलाए गए महाराष्ट्र बंद के दौरान कुछ हिस्सों में हिंसा की घटनाएं सामने आ रही हैं. मराठा प्रदर्शनकारियों ने लातूर, जालना, सोलापुर और बुलधाना जिले में कई जगहों पर ट्रैफिक रोक दिया और तोड़फोड़ की. लोकल रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने पुणे के कुछ आईटी ऑफिस की बिल्डिंग पर पथराव किया और कांच तोड़ दिए. प्रदर्शनकारी एक आईटी ऑफिस में भी घुस गए और कर्मचारियों को धमकाते हुए घर जाने को कहा. हालांकि, मुंबई में हिंसा की खबर नहीं है.

बता दें कि महाराष्ट्र में गुरुवार को मराठा समूहों के संघ सकल मराठा समाज ने नवी मुंबई को छोड़कर पूरे महाराष्ट्र में 'बंद' बुलाया है. इनकी मांग है कि मराठा समाज को आरक्षण दिया जाए. अधिकारियों ने हिंसा की आशंका को देखते हुए कुछ इलाकों में स्कूलों और कॉलेजों को बंद रखने के आदेश दिए हैं. राज्य के अलग-अलग हिस्सों में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया है. राजनीतिक रूप से प्रभावशाली मराठा समुदाय राज्य की आबादी का लगभग 30 फीसदी हैं जो 16 फीसदी आरक्षण की मांग कर रहे हैं. आंदोलन सुबह आठ बजे से शाम छह बजे तक होगा.

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6:03 pm (IST)

पुणे कलेक्टरेट के बाहर हिंसा के बाद वहां बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है. मराठा क्रांति मोर्चा के कन्वीनर्स में से एक शांताराम कुंजीर ने कहा कि पहले तय हुआ था कि कलेक्टरेट के बाहर दो-तीन घंटे तक बैठककर शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन किया जाएगा और इसके बाद कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा. उन्होंने कहा, "प्लान के मुताबिक, हम कलेक्टर के ऑफिस पहुंचे और उन्हें ज्ञापन सौंपा. इसके बाद प्रदर्शन में शामिल लोगों को बताया गया कि कलेक्टर को ज्ञापन दे दिया गया है." उन्होंने बताया यह तय किया गया था कि आरक्षण की मांग के लिए अपनी जान गंवाने वालों के लिए एक मिनट का मौन रखने और धरना समाप्त करने से पहले राष्ट्रगान गाने का फैसला किया गया था. कुंजीर ने कहा, "हालांकि, 15 से 25 साल के बीच के कुछ प्रदर्शनकारी हिंसक हो गए और तोड़फोड़ करने लगे." उन्होंने आगे बताया कि मोर्चा और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से शांत रहने की अपील की थी.

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