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PM मोदी ने किया गैस पाइपलाइन का उद्घाटन, कहा- अब धीमे विकास नहीं कर सकता भारत

पीएम मोदी ने गैसलाइन का किया उद्घाटन. (Pic- BJP twitter)
पीएम मोदी ने गैसलाइन का किया उद्घाटन. (Pic- BJP twitter)

450 किलोमीटर लंबी कोच्चि-मंगलुरू प्राकृतिक गैस पाइपलाइन (kochi mangaluru natural gas pipeline) का निर्माण गेल (भारत) लिमिटेड ने किया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 5, 2021, 12:23 PM IST
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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने मंगलवार को देश को नए साल की सौगात देते हुए कोच्चि-मंगलुरू प्राकृतिक गैस पाइपलाइन (kochi mangaluru gas pipeline) का उद्घाटन किया. 450 किलोमीटर लंबी इस पाइपलाइन का निर्माण गेल (भारत) लिमिटेड ने किया है. प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान कहा कि इससे विकास को बढ़ावा मिलेगा. इससे कर्नाटक और केरल को लाभ पहुंंचेगा.

पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि ये पाइप लाइन दोनों राज्यों में लाखों लोगों के लिए ईज ऑफ लिविंग बढ़ाएगी. ये पाइप लाइन दोनों ही राज्यों के गरीब, माध्यम वर्ग और उद्यमियों का खर्च कम करेगी. उन्‍होंने कहा, 'मैं पिछले वर्षों में भारत की प्रगति की दर के पीछे के कारणों पर बात नहीं करूंगा. अब भारत धीमी गति से विकास नहीं कर सकता. पिछले कुछ वर्षों में देश ने विकास की गति, स्‍तर और संभावनाओं में वृद्धि की है.'


पीएम मोदी ने इस दौरान कहा, 'कोच्चि-मंगलुरू पाइप लाइन इस बात का बहुत बड़ा उदाहरण है कि विकास को प्राथमिकता देकर सभी मिलकर काम करें, तो कोई भी लक्ष्य कठिन नहीं होता. इस प्रोजेक्ट में कई दिक्कतें भी आईं, लेकिन हमारे श्रमिकों, इंंजीनियर्स, किसानों और राज्य सरकारों के सहयोग से ये काम पूर्ण हुआ. कहने को तो ये पाइप लाइन है, लेकिन दोनों राज्यों के विकास को गति देने में इसकी बहुत बड़ी भूमिका होने वाली है.' पीएमओ ने बताया कि इसके पास प्रति दिन 12 मिलियन मीट्रिक स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर की परिवहन क्षमता है और यह कोच्चि में तरलीकृत प्राकृति गैस टर्मिनल से मंगलुरू तक प्राकृतिक गैस ले जाएगा. यह एर्णाकुलम, त्रिशूर, पलक्कड़, मलप्पुरम, कोझिकोड, कन्नूर और कासरगोड जिलों से गुजरेगा. परियोजना की पूरी लागत करीब 3000 करोड़ रुपये है और इसके निर्माण से 12 लाख श्रम दिवस रोजगार का सृजन हुआ.



पाइपलाइन से पर्यावरण हितैषी और सस्ता ईंधन घरों में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) के रूप में मिलेगा और परिवहन क्षेत्र को कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) मिलेगी. बयान में बताया गया कि यह पाइपलाइन जिन जिलों से गुजरेगी वहां व्यावसायिक एवं औद्योगिक इकाइयों को प्राकृतिक गैस मिलेगी.

बयान में कहा गया कि स्वच्छ ईंधन के उपभोग से वायु प्रदूषण कम होगा जिससे वायु की गुणवत्ता में सुधार आएगा.
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