नई शिक्षा नीति में हर स्टूडेंट को मिलेगा खुद को साबित करने का मौका- प्रधानमंत्री

नई शिक्षा नीति में हर स्टूडेंट को मिलेगा खुद को साबित करने का मौका- प्रधानमंत्री
PM मोदी ने बताया नई शिक्षा नीति से कैसे मिलेगा फायदा

मानव संसाधन विकास मंत्रालय (Ministry of Human Resource Development) और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (University Grants Commission) की ओर से आयोजित कॉन्क्लेव में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) नई शिक्षा नीति पर अपनी बात रखी.

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  • Last Updated: August 7, 2020, 12:17 PM IST
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नई दिल्ली. देश में नई शिक्षा नीति (Education Policy) की घोषणा के बाद मानव संसाधन विकास मंत्रालय (Ministry of Human Resource Development) और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (University Grants Commission) की ओर से आयोजित कॉन्क्लेव में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) नई शिक्षा नीति पर अपनी बात रखी. 34 साल बाद बदलाव में लाई गई शिक्षा नीति को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भविष्य की शिक्षा, रिसर्च जैसे मामलों पर चर्चा की.

यहां पढ़ें NEP 2020 पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के Highlights


>> राष्ट्रीय शिक्षा नीति सिर्फ सर्कुलर जारी करके, नोटिफाई करके Implement नहीं होगी.इसके लिए मन बनाना होगा, आप सभी को दृढ़ इच्छाशक्ति दिखानी होगी.भारत के वर्तमान और भविष्य को बनाने के लिए आपके लिए ये कार्य एक महायज्ञ की तरह है - पीएम

>> नेशनल एजुकेशन पॉलिसी- राष्ट्रीय शिक्षा नीति को अमल में लाने के लिए हम सभी को एकसाथ संकल्पबद्ध होकर काम करना है.यहां से Universities, Colleges, School education boards, अलग-अलग States, अलग-अलग Stakeholders के साथ संवाद और समन्वय का नया दौर शुरु होने वाला है  - पीएम
>> एक प्रयास ये भी है कि भारत का जो टेलेंट है, वो भारत में ही रहकर आने वाली पीढ़ियों का विकास करे. राष्ट्रीय शिक्षा नीति में teacher training पर बहुत जोर है, वो अपनी skills लगातार अपडेट करते रहें, इस पर बहुत जोर है - पीएम



>>शिक्षा व्यवस्था में बदलाव, देश को अच्छे students, अच्छे प्रोफेशनल्स और उत्तम नागरिक देने का बहुत बड़ा माध्यम आप सभी Teachers ही हैं, प्रोफेसर्स ही हैं. इसलिए नेशनल एजुकेशन पॉलिसी-राष्ट्रीय शिक्षा नीति में dignity of teachers का भी विशेष ध्यान रखा गया है - पीएम

>>Good-Quality Education का रास्ता इन दोनों मतों के बीच में है. जो संस्थान Quality education के लिए ज्यादा काम करे, उसको ज्यादा Freedom से Reward किया जाना चाहिए. इससे Quality को Encouragement मिलेगा और सबको Grow करने के लिए Incentive भी मिलेगा - पीएम

>>जब Institutions और Infrastructure में भी ये Reforms, Reflect होंगे, तभी राष्ट्रीय शिक्षा नीति को अधिक प्रभावी और त्वरित गति से Implement किया जा सकेगा - पीएम

>> वर्चुअल लैब जैसे कॉन्सेप्ट ऐसे लाखों साथियों तक बेहतर शिक्षा के सपने को ले जाने वाला है, जो पहले ऐसे Subjects पढ़ ही नहीं पाते थे जिसमें Lab Experiment जरूरी हो - पीएम

>>अब टेक्नोलॉजी ने हमें बहुत तेजी से, बहुत अच्छी तरह से, बहुत कम खर्च में, समाज के आखिरी छोर पर खड़े Student तक पहुंचने का माध्यम दिया है. हमें इसका ज्यादा से ज्यादा उपयोग करना है - पीएम

>> 21वीं सदी के भारत से पूरी दुनिया को बहुत अपेक्षाएं हैं.भारत का सामर्थ्य है कि कि वो टैलेंट और टेक्नॉलॉजी का समाधान पूरी दुनिया को दे सकता है हमारी इस जिम्मेदारी को भी हमारी Education Policy address करती है - पीएम

>> जब गांवों में जाएंगे, किसान को, श्रमिकों को, मजदूरों को काम करते देखेंगे, तभी तो उनके बारे में जान पाएंगे, उन्हें समझ पाएंगे, उनके श्रम का सम्मान करना सीख पाएंगे.इसलिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति में student education और Dignity of Labour पर बहुत काम किया गया है - पीएम

>>Higher education को streams से मुक्त करने, multiple entry और Exit, Credit Bank के पीछे यही सोच है. हम उस era की तरफ बढ़ रहे हैं जहां कोई व्यक्ति जीवन भर किसी एक प्रोफेशन में ही नहीं टिका रहेगा. इसके लिए उसे निरंतर खुद को re-skill और up-skill करते रहना होगा - पीएम

>> हर विद्यार्थी को, Student को ये अवसर मिलना ही चाहिए कि वो अपने Passion को Follow करे. वो अपनी सुविधा और ज़रूरत के हिसाब से किसी डिग्री या कोर्स को Follow कर सके और अगर उसका मन करे तो वो छोड़ भी सके- पीएम

>> अब कोशिश ये है कि बच्चों को सीखने के लिए Inquiry-based, Discovery-based, Discussion based, और analysis based तरीकों पर जोर दिया जाए। इससे बच्चों में सीखने की ललक बढ़ेगी और उनके क्लास में उनका Participation भी बढ़ेगा - पीएम

>> अभी तक जो हमारी शिक्षा व्यवस्था है, उसमें What to Think पर फोकस रहा है. जबकि इस शिक्षा नीति में How to think पर बल दिया जा रहा है. ये मैं इसलिए कह रहा हूं कि आज जिस दौर में हम हैं, वहां Information और Content की कोई कमी नहीं है - पीएम

>> इस बात में कोई विवाद नहीं है कि बच्चों के घर की बोली और स्कूल में पढ़ाई की भाषा एक ही होने से बच्चों के सीखने की गति बेहतर होती है. ये एक बहुत बड़ी वजह है जिसकी वजह से जहां तक संभव हो, 5th class तक, बच्चों को उनकी मातृभाषा में ही पढ़ाने पर सहमति दी गई है- पीएम

>> जड़ से जग तक, मनुज से मानवता तक, अतीत से आधुनिकता तक, सभी बिंदुओं का समावेश करते हुए, इस राष्ट्रीय शिक्षा नीति का स्वरूप तय किया गया है - पीएम

>> इसके हिसाब से भारत का एजुकेशन सिस्टम खुद में बदलाव करे, ये भी किया जाना बहुत जरूरी था. School Curriculum के 10+2 structure से आगे बढ़कर अब 5+3+3+4 curriculum का structure देना, इसी दिशा में एक कदम है- पीएम

>> आज मुझे संतोष है कि भारत की नेशनल एजुकेशन पॉलिसी- राष्ट्रीय शिक्षा नीति को बनाते समय, इन सवालों पर गंभीरता से काम किया गया. बदलते समय के साथ एक नई विश्व व्यवस्था खड़ी हो रही है. एक नया Global Standard भी तय हो रहा है- पीएम

>> आज गुरुवर रबीन्द्रनाथ ठाकुर की पुण्यतिथि भी है.वो कहते थे - "उच्चतम शिक्षा वो है जो हमें सिर्फ जानकारी ही नहीं देती बल्कि हमारे जीवन को समस्त अस्तित्व के साथ सद्भाव में लाती है." निश्चित तौर पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति का बृहद लक्ष्य इसी से जुड़ा है- पीएम

>> बीते अनेक वर्षों से हमारे Education System में बड़े बदलाव नहीं हुए थे. परिणाम ये हुआ कि हमारे समाज में Curiosity और Imagination की Values को प्रमोट करने के बजाय भेड़ चाल को प्रोत्साहन मिलने लगा था- पीएम

>> भारत की National Educational Policy- राष्ट्रीय शिक्षा नीति का आधार भी यही सोच है. राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 21वीं सदी के भारत की, नए भारत की Foundation तैयार करने वाली है- पीएम

>> हर देश, अपनी शिक्षा व्यवस्था को अपनी National Values के साथ जोड़ते हुए, अपने National Goals के अनुसार Reform करते हुए चलता है. मकसद ये होता है कि देश का Education System, अपनी वर्तमान औऱ आने वाली पीढ़ियों को Future Ready रखे, Future Ready करे- पीएम

>> आप सभी राष्ट्रीय शिक्षा नीति के implementation से सीधे तौर पर जुड़े हैं और इसलिए आपकी भूमिका बहुत ज्यादा अहम है. जहां तक Political Will की बात है, मैं पूरी तरह कमिटेड हूं, मैं पूरी तरह से आपके साथ हूं- पीएम

>> कुछ लोगों के मन में ये सवाल आना स्वभाविक है कि इतना बड़ा Reform कागजों पर तो कर दिया गया, लेकिन इसे जमीन पर कैसे उतारा जाएगा. यानि अब सबकी निगाहें इसके Implementation की तरफ हैं- पीएम

>> ये भी खुशी की बात है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति आने के बाद देश के किसी भी क्षेत्र से, किसी भी वर्ग से ये बात नहीं उठी कि इसमें किसी तरह का Bias है, या किसी एक ओर झुकी हुई है-पीएम

>> आज देशभर में इसकी व्यापक चर्चा हो रही है.अलग-अलग क्षेत्र के लोग, अलग-अलग विचारधाराओं के लोग, अपने views दे रहे हैं, राष्ट्रीय शिक्षा नीति को Review कर रहे हैं. ये एक Healthy Debate है, ये जितनी ज्यादा होगी, उतना ही लाभ देश की शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा- PM

>>  जितनी ज्यादा जानकारी स्पष्ट होगी फिर उतना ही आसान इस राष्ट्रीय शिक्षा नीति का Implementation भी होगा. 3-4 साल के व्यापक विचार-विमर्श के बाद, लाखों सुझावों पर लंबे मंथन के बाद राष्ट्रीय शिक्षा नीति को स्वीकृत किया गया है- पीएम

>> National Education Policy  राष्ट्रीय शिक्षा नीति के संदर्भ में आज का ये event बहुत महत्वपूर्ण है. इस कॉन्क्लेव से भारत के Education World को National Education Policy  राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विभिन्न पहलुओं के बारे में विस्तृत जानकारी मिलेगी.

>> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन शुरू

>> कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश निशंक पोखरियाल संबोधित कर रहे हैं. इस कार्यक्रम में NEP 2020 कमिटी के अध्यक्ष कस्तूरीरंगन भी शामिल हैं.

NEP 2020



कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानमंत्री मोदी के भाषण के साथ हुआ. इस खास मौके पर शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल सहित राष्ट्रीय शिक्षा नीति का ड्राफ्ट तैयार करने वाली कमेटी के सभी सदस्य मौजूद हैं.

प्रधानमंत्री मोदी ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा, 'शुक्रवार 7 अगस्त को सुबह 11 बजे मैं राष्ट्रीय शिक्षा नी​ति के तहत उच्च शिक्षा में परिवर्तनकारी सुधार पर आयोजित कॉन्क्लेव को संबोधित करूंगा. यह सम्मेलन इस बात पर जोर देगा कि भारत के शिक्षा क्षेत्र में बदलाव से युवाओं को क्या लाभ होगा.'



बता दें कि नई शिक्षा नीति के तहत पांचवी कक्षा तक के बच्चों की पढ़ाई उनकी मातृ भाषा या क्षेत्रीय भाषा में होगी. बोर्ड परीक्षाओं के महत्व को इसमें कुछ कम किया गया है. विधि और मेडिकल कॉलेजों के अलावा अन्य सभी विषयों की उच्च शिक्षा के एक एकल नियामक का प्रावधान है. साथ ही विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए समान प्रवेश परीक्षा की बात कही गई है.

इसे भी पढ़ें :- नई शिक्षा नीति से देश के बच्चों को क्या मिलेगा, समझिए PM के शब्दों में

नई नीति में 5+3+3+4 का ढांचा लागू
पुरानी नीति के 10+2 (दसवीं कक्षा तक, फिर बारहवीं कक्षा तक) के ढांचे में बदलाव करते हुए नई नीति में 5+3+3+4 का ढांचा लागू किया गया है. इसके लिए आयु सीमा क्रमश: 3-8 साल, 8-11 साल, 11-14 साल और 14-18 साल तय की गई है. एम.फिल खत्म कर दिया गया है और निजी तथा सरकारी उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए समान नियम बनाए गए हैं.
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