सुशांत केस Highlights : सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा, गुरुवार तक सभी पक्षों से लिखित में मांगा जवाब

सुशांत केस Highlights : सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा, गुरुवार तक सभी पक्षों से लिखित में मांगा जवाब
ईडी ने सोमवार को भी की थी सुशांत केस में पूछताछ.

Sushant Singh rajput case Highlights: सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा. सुप्रीम कोर्ट अपने फैसले में यह तय करेगा कि बिहार में दर्ज एफआईआर को मुंबई को ट्रांसफर किया जाए या नहीं. वहीं सुप्रीम कोर्ट अपने फैसले में यह भी तय करेगा कि मामले में सीबीआई जांच करे या नहीं. सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों से लिखित जवाब गुरुवार तक दखिल करने के लिए कहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 11, 2020, 5:43 PM IST
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नई दिल्‍ली. बॉलीवुड एक्‍टर सुशांत सिंह राजपूत सुसाइड केस (Sushant Singh Rajput case live) से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रिया चक्रवर्ती (Rhea Chakraborty), उनके भाई शौविक चक्रवर्ती और पिता इंद्रजीत चक्रवर्ती का फोन जब्त कर लिया है. ईडी से जुड़े सूत्रों ने बताया कि सोमवार को इन तीनों से लंबी पूछताछ की गई थी, जिसमें विरोधाभासी जवाब मिलने पर यह कदम उठाया गया है. ईडी मंगलवार को भी चक्रवर्ती फैमिली से पूछताछ कर रही है. इससे पहले रिया की बिजनेस मैनेजर श्रुति मोदी और सुशांत के रूममेट सिद्धार्थ पिठानी भी ईडी के दफ्तर पहुंचे. सूत्रों के मुताबिक, सोमवार को हुई पूछताछ के दौरान श्रुति से कई दस्तावेज मांगे गए थे. आज वही दस्तावेज जमा कराने वह ईडी ऑफिस आई थीं. रिया की याचिका पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. यहां पढ़ें इस मामले की हाईलाइट्स...

Highlights


> सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा. सुप्रीम कोर्ट अपने फैसले में यह तय करेगा कि बिहार में दर्ज एफआईआर को मुंबई को ट्रांसफर किया जाए या नहीं. वहीं सुप्रीम कोर्ट अपने फैसले में यह भी तय करेगा कि मामले में सीबीआई जांच करे या नहीं. सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों से लिखित जवाब गुरुवार तक दखिल करने के लिए कहा है.

> केंद्र के वकील तुषार मेहता - CrPC 174 के तहत शुरू दुर्घटना में मौत की जांच बहुत कम समय तक चलती है. बॉडी देखकर और स्पॉट पर जाकर देखा जाता है कि मौत की वजह संदिग्ध है या नहीं. फिर FIR दर्ज होती है. मुंबई पुलिस जो कर रही है, वह सही नहीं.
> SG तुषार मेहता: हम नहीं जानते कि याचिकाकर्ता रिया आरोपी हैं या पीड़ित लेकिन वो सुप्रीम कोर्ट में केस ट्रांस्फर को लेकर आई हैं लेकिन अभी कोई केस है ही नहीं. अभी तो जांच चल रही है और जांच ट्रांसफर नहीं हो सकती.



> तुषार मेहता - रिया यहां एफआईआर ट्रांसफर के लिए आई है.

> मुंबई पुलिस ने 56 लोगों के बयान दर्ज किए जिनका कानून नजर में कोई मतलब नहीं था यानी वह बेजा कार्रवाई थी-तुषार मेहता

> तुषार मेहता- जब सुशांत के‌ पोस्टमार्टम में चोट‌ और अन्य परिस्थितिजन्य‌ साक्ष्य आशंका को बढ़ा रहे थे तो मुंबई पुलिस ने तत्काल एफआईआर‌ दर्ज क्यों नहीं की. मुंबई में कोई केस नहीं दर्ज हुआ. ऐसे में बिहार में दर्ज एफआईआर ट्रांसफर करने का कोई मतलब नहीं है. जबकि मुंबई पुलिस का लापरवाह रवैया साफ है.

> तुषार मेहता- इस मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, सच्चाई सबके सामने आनी चाहिए. मुंबई में न तो कोई एफआईआर दर्ज हुई है और ना ही और कोई जांच शुरू हुई है.

> तुषार मेहता ने कहा सीबीआई ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है. बिहार सरकार की सिफारिश मान ली गई है. महाराष्ट्र सरकार ने अपने हलफनामे में सही जानकारी नहीं दी है.

> केंद्र सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पक्ष रखना शुरू किया

विकास सिंह की दलील 

> हर रोज सबूत नष्ट हो रहे हैं, जांच में जितनी देरी होगी उससे और नुकसान होगा- विकास सिंह

> विकास सिंह ने कहा कि सुशांत को परिवार से दूर किया जा रहा था. पिता ने बार-बार पूछा कि मेरे बेटे का क्या इलाज हो रहा है? मुझे वहां आने दो. लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. मामले में कई पहलू जांच के लायक हैं. ऐसा लग रहा है कि गले पर निशान बेल्ट के थे. बॉडी को किसी ने पंखे से लटका हुआ नहीं देखा.

> विकास सिंह ने कहा कि सुशांत की बहन केवल 10 मिनट की दूरी पर थीं, जब लॉक तोड़ा गया
तो उसको कॉल नहीं किया गया न ही इंतजार किया. बहन जब घर पहुंची तो बॉडी जमीन पर रखी हुई थी. उन्होंने बॉडी को लटकी हुई नहीं देखा

> विकास सिंह ने कहा कि मुंबई पुलिस ने इस मामले में सबसे पूछताछ की लेकिन मुख्य आरोपी से नहीं की. डेडबॉडी पर जो निशान मिले थे वो बेल्ट के हो सकते हैं. रिया जो सब कुछ कंट्रोल कर रही थीं उनसे पूछताछ होनी चहिए थी लेकिन मुंबई पुलिस कुछ और ही कर रही थी.

> विकास सिंह ने कहा कि वह इस मामले में स्पष्ट जांच चाहते हैं. सिंह ने कहा उन्हें मुंबई पुलिस पर भरोसा नहीं है और मुंबई पुलिस जांच को अलग दिशा में ले कर जा रही है.

> विकास सिंह- सुशांत से उसके पिता बात करना चाहते थे लेकिन रिया की तरफ से रिस्पॉन्स नहीं दिया गया.

> विकास सिंह - मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले मे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के बेटे का नाम आया है इस पर विचार की जरूरत है.

> विकास सिंह ने जीरो एफआईआर के मामले में आसाराम केस का हवाला देते हुए कहा कि पीड़िता राजस्थान से आई थी, और शिकायत दिल्ली में दर्ज करवाई गई थी, जिसके बाद मामले में जांच की गई थी.

सुशांत सिंह के पिता की तरफ से वकील विकास सिंह ने बहस की शुरुआत

सिंघवी की दलील हुई पूरी

> सिंघवी - मान लीजिए कल कोई मुंबई में कोई हिट रन केस हो जाए. अगर पीड़ित और आरोपी दोनों ये कहने लगे कि हमें मुंबई पुलिस पसंद नहीं हो. जांच केरल या कोई राज्य की पुलिस करे, तब क्या होगा!

> सिंघवी -  घटना जहां पर हुई है उस राज्य की सहमति सीबीआई जांच के लिए जरूरी है. अपवाद यह है कि हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट अपनी ओर से भी सीबीआई जांच का आदेश दे सकता है लेकिन ऐसा बेहद रेयर केस में होना चाहिए

> महाराष्ट्र के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि मीडिया इस सामान्य केस को असामान्य केस बना रही है.

> महाराष्ट्र के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि एक ट्रांसफर याचिका को इतना सनसनीखेज बनाया जा रहा है. हर एंकर और रिपोर्टर एक्सपर्ट बन गए हैं. इसका नतीजा जांच और सच्चाई भुगत रहे हैं.

> महाराष्ट्र के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि देश में संघीय ढांचा है. क्या शिकायतकर्ता की सुविधा के लिए कहीं भी केस दर्ज कर लिया जाएगा? इस केस में हर कोई वकील और जज बन गया है. कोई कह रहा है आत्महत्या है, कोई हत्या. लेकिन यह तय है कि मामले में आपराधिक मुकदमा प्रक्रिया की हत्या हो रही है.

> अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा - मामले की जांच के लिए बिहार पुलिस का अधिकार क्षेत्र नहीं. अब यह ट्रांसफर का मामला नहीं है. इसमें अब सीबीआई जांच की बात है. हमारी स्टेटस रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के समक्ष सीलबंद कवर में दाखिल की गई है. बिहार ने अपने हलफ़नामे में कहा कि सुशांत सिंह राजपूत बिहार से ताल्लुक रखते हैं.

> बिहार सरकार की तरफ से दलील पूरी. महाराष्ट्र सरकार की तरफ से वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने पक्ष रखना शुरू किया

> बिहार सरकार के वकील ने कहा रिया ने सोशल मीडिया के माध्यम से खुद सीबीआई जांच की मांग की थी.

> मनिंदर सिंह - यह हमारा दायित्व था कि हम जांच से आगे बढ़ें क्योंकि किसी प्राधिकरण को जांच करनी है

> बिहार पुलिस की जांच में मुंबई पुलिस ने कोई सहयोग नहीं किया. सुप्रीम कोर्ट को इस मामले में विचार करने की जरूरत है. बिहार सरकार ने महाराष्ट्र पुलिस पर राजनैतिक दबाव में काम करने का आरोप लगाया. बिहार सरकार ने कहा कि FIR दर्ज करना हमारी जिम्मेदारी थी जो हमनें निभाई. जहां तक बात है अधिकारक्षेत्र की वो जांच पूरी होने के बाद देखा जाए.

> बिहार सरकार ने कहा कि जब आत्महत्या ‌और हत्या के बीच‌ कि आशंका को महाराष्ट्र पुलिस ने स्वीकार किया था तो एफआईआर क्यों नहीं दर्ज की. बिहार के वकील ने कहा- महाराष्ट्र पुलिस ने मामले से जुड़े एक भी कागजात को बिहार पुलिस के साथ शेयर नहीं किया. महाराष्ट्र पुलिस इस मामले में किसको बचाना चाहती है.महाराष्ट्र पुलिस बिहार के सीनियर जांच अधिकारी को होम क्‍वारंटाइन कर दिया. क्या महाराष्ट्र पुलिस की यह करवाई तर्कसंगत है.

> बिहार के वकील मनिंदर सिंह ने कहा कि मुंबई पुलिस ने बिना FIR दर्ज किए 56 लोगों के बयान दर्ज कर लिए. जांच तब तक जारी रह सकती है जब तक मौत के कारण का पता नहीं चल जाता. बिहार ने कहा कि‌ राज्य पुलिस इस‌ मामले तब आगे आई जब लंबे समय तक मुंबई पुलिस ने कोई एफआईआर ‌नहीं दर्ज की.

> महाराष्ट्र सरकार की तरफ से पेश वकील ने कहा पहले सुप्रीम कोर्ट को इस पर सुनवाई करनी चाहिए कि बिहार पुलिस के पास यह अधिकार है कि वह इस मामले में एफआईआर दर्ज कर सकती है या फिर नहीं.

> सुप्रीम कोर्ट ने रिया चक्रवर्ती के वकील से पूछा कि क्या आप मामले में सीबीआई जांच चाहते हैं. रिया के वकील- हम निष्पक्ष जांच चाहते हैं लेकिन पहले बिहार पुलिस की एफआईआर दर्ज होने पर सुप्रीम कोर्ट विचार करे. सुप्रीम कोर्ट ने श्याम दीवान से पूछा- आपकी याचिका में ही सीबीआई जांच की बात है. क्या आप चाहते हैं कि सीबीआई इस मामले की जांच करे? श्याम दीवान ने कहा कि हम चाहते हैं सही एजेंसी सही जांच करे.

> बिहार के वकील मनिदर सिंह ने बिहार के लिए दलील रखना शुरू किया है. बिहार के वकील- मुंबई पुलिस ने इस मामले में कोई एफआईआर नही दर्ज की. बिहार ने कहा कि‌ राज्य पुलिस इस‌ मामले तब आगे आई जब लंबे समय तक मुंबई पुलिस ने कोई एफआईआर ‌नहीं दर्ज की. आखिर एफआईआर क्यों नहीं दर्ज कि‌ गई. दरअसल यह मामले को रफा दफा करने के लिए किया गया. जबकि एफआईआर पोस्टमार्टम से पहले की जानी चाहिए थी.

> रिया के वकील ने कहा कि कार्यपालिका ऐसा काम नहीं कर  सकती जो सर्वोच्च न्यायालय के अधिकार क्षेत्र को शून्य कर दें. अगर सुप्रीम कोर्ट का मानना है कि सीबीआई को ट्रांसफर करने का आदेश दिया जाना चाहिए, तो सुप्रीम कोर्ट को ऐसा करना चाहिए. लेकिन यह बिहार सरकार के माध्यम से नहीं किया जा सकता है. रिया के वकील ने कहा कि यह मुझे लगता है कि जांच काफी आगे बढ़ गई है. मुंबई पुलिस का दृष्टिकोण यह है कि याचिकाकर्ता के लिए पटना में प्राथमिकी दर्ज करना आवश्यक नहीं था.

>  रिया के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि राजनीतिक फायदे के लिए इस मामले को तूल दिया जा रहा है. हमने कभी ऐसा मामला नहीं देखा है जहां एक मुख्यमंत्री को एफआईआर दर्ज करने के लिए कहना पड़े. मामला राजनीति से प्रेरित है. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और मंत्री संजय झा के हस्तक्षेप पर पटना पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है.

> रिया के वकील ने कहा कि बिहार में जो एफआईआर दर्ज हुई है वो जीरो एफआईआर है. बिहार पुलिस‌ का न्‍यायिक क्षेत्र नहीं है. उन्हें खुद एफआईआर ट्रांसफर करना चाहिए था. लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया जबकि कानून और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व में दिए गए फैसले में जीरो एफआईआर का ट्रांसफर उस क्षेत्र कि पुलिस को करना अनिवार्य है जहां घटना हुई है.

> वहीं ईडी के सूत्रों के अनुसार श्रुति मोदी ने बताया है कि सुशांत के सारे फैसले रिया लेती थीं.

> रिया के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि सुशांत के पिता रिया को पसंद नहीं करते हैं. जब वो उनके परिवार से मिलने पटना आई थी तब वो लगातार उसे वापस मुंबई जाने का दबाव बना रहे थे. रिया के वकील ने कहा कि सोशल मीडिया पर भी रिया ट्रोल की जा रही है. वह सुशांत की मौत के बाद से दुखी थी. दीवान ने कहा कि रिया सुशांत से प्यार करती थी. अब उनका शोषण हो रहा है.

> रिया की तरफ से पेश वकील ने कोर्ट में दलील देते हुए कहा की उन्हें जवाब देने के लिए समय दिया जाए. वकील विकास सिंह सुशांत के पिता और श्याम दीवान रिया की तरफ से पेश हो रहे हैं.

> रिया के वकील ने कहा कि बिहार में जो एफआईआर पटना दर्ज हुई है उसे महाराष्ट्र स्थानांतरित करने की मांग है. न्‍यायिक प्रक्रिय के तहत इस मांग पर अदालत निर्देश जारी करे. श्याम दीवान ने कहा कि सभी ने अपना जवाब सुप्रीम कोर्ट में दाखिल कर दिया है.

> सुशांत सिंह की मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट में रिया की याचिका पर सुनवाई शुरू हुई है. जस्टिस ऋषिकेश राय कर रहे है मामले की सुनवाई. वरिष्ठ वकील मनिदर सिंह बिहार के लिए पेश हो रहे हैं.

> सुशांत सिंह राजपूत की बहन मीतू सिंह इस मामले में अपना बयान दर्ज कराने के लिए ईडी ऑफिस पहुंची हैं. मीतू सुशांत सिंह के परिवार की पहली सदस्य हैं, जिनसे ईडी पूछताछ कर रही है.

> श्रुति मोदी सुशांत की भी पूर्व बिजनेस मैनेजर हैं. अभी तक श्रुति मोदी से ED की टीम दो बार पूछताछ कर चुकी है. साथ ही ईडी आज मामले में सुशांत सिंह राजपूत की बहन मीतू का भी बयान दर्ज करेगी.

> प्रवर्तन निदेशालय के सूत्रों के मुताबिक रिया के दो मोबाइल फोन, शौविक का एक मोबाइल और पिता इंद्रजीत का मोबाइल ईडी ने जब्त किया है. सभी के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्‍त किए गए हैं. ईडी सभी की फॉरेंसिक जांच करवाएगी. पूछताछ में विरोधाभास होने के बाद ईडी ने यह कार्रवाई की है. ईडी सबकी काल डिटेल्स भी खंगालेगी.

>  सुशांत सिंह राजपूत के रूममेट रहे सिद्धार्थ पिठानी भी आज फिर पूछताछ के लिए ईडी के ऑफिस पहुंचे.

> सुशांत सिंह राजपूत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से पहले ट्वीट कर कहा, 'मैं सभी से आग्रह करती हूं कि सभी लोग प्रार्थना करें कि सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से सकारात्‍मक बात निकलकर आए.'


सुप्रीम कोर्ट में आज होगी सुनवाईरिया चक्रवर्ती पर सुशांत सिंह राजपूत के पिता केके ने उनके बेटे को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है. शुरू में रिया ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी अपील लंबित होने का हवाला देकर ईडी के सामने पेश होने से इनकार कर दिया था. सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर मंगलवार को सुनवाई हो रही है. रिया ने शीर्ष अदालत से मांग की है कि बिहार पुलिस द्वारा उनके विरूद्ध दर्ज मामले को मुंबई पुलिस को स्थानांतरित किया जाए.


सोमवार को हुई थी पूछताछ
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत से संबंधित धन शोधन के मामले में अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती तथा उनके परिवार के सदस्यों से सोमवार को करीब नौ घंटे पूछताछ की. रिया, उनके भाई शौविक तथा पिता इंद्रजीत चक्रवर्ती पूर्वाह्न करीब 11 बजे बलार्ड एस्टेट इलाके में स्थित प्रवर्तन निदेशालय कार्यालय पहुंचे थे. उन्हें सोमवार को पेश होने के लिए सम्मन भेजा गया था.

मुंबई पुलिस की महिला कर्मियों के साथ रिया को और साथ में उनके भाई शौविक को रात नौ बजे के कुछ समय बाद ईडी कार्यालय से निकलते हुए देखा गया. दिन में एजेंसी ने रिया और राजपूत की प्रबंधक श्रुति मोदी तथा दिवंगत अभिनेता के मित्र एवं रूममेट सिद्धार्थ पिठानी से भी पूछताछ की थी.
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