'लॉकडाउन नहीं, वैक्सीनेशन से ही भारत में कोरोना की दूसरी लहर को मिलेगी मात'

देश में इस वक्त दुनिया का सबसे बड़ा कोरोना वैक्सीनेशन कार्यक्रम जारी है. (सांकेतिक तस्वीर)

देश में इस वक्त दुनिया का सबसे बड़ा कोरोना वैक्सीनेशन कार्यक्रम जारी है. (सांकेतिक तस्वीर)

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के इकोनॉमिक रिसर्च डिपार्टमेंट के मुताबिक लॉकडाउन के बजाए वैक्सीनेशन के जरिए कोरोना की दूसरी लहर को रोका जा सकता है. 'Second wave of infections: The beginning of the end?' नाम की इस रिपोर्ट को ग्रुप के चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर सौम्य कांति घोष ने लिखा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 25, 2021, 8:32 PM IST
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नई दिल्ली. देश में कोरोना के तेजी से बढ़ते मामलों (Covid-19 Rising Cases) के बीच लॉकडाउन की आहट सुनाई देने लगी है. विशेष रूप से पश्चिमी राज्य महाराष्ट्र (Maharashtra) में तो इसके आसार सबसे ज्यादा लग रहे हैं. इस बीच भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के इकोनॉमिक रिसर्च डिपार्टमेंट के मुताबिक लॉकडाउन के बजाए वैक्सीनेशन के जरिए कोरोना की दूसरी लहर को रोका जा सकता है.

'Second wave of infections: The beginning of the end?' नाम की इस रिपोर्ट को ग्रुप के चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर सौम्य कांति घोष ने लिखा है. रिपोर्ट में सलाह दी गई है कि लॉकडाउन और प्रतिबंध अब तक कोरोना के प्रसार को रोकने में प्रभावी नहीं दिखे हैं. इस वजह से वैक्सीन के जरिए ही इस पर नियंत्रण पाया जा सकता है.

महाराष्ट्र और पंजाब जैसे राज्यों का जिक्र

रिपोर्ट में कहा गया है कि महाराष्ट्र और पंजाब जैसे राज्यों को देखकर समझा जा सकता है कि प्रतिबंधों के बावजूद कोरोना केस बढ़ रहे हैं. रिपोर्ट ने इशारा किया है कि कोरोना को रोकने के लिए अब वैक्सीनेशन ही एक मात्रा आशा है. कहा गया है कि अगर लोग और बड़ी संख्या में वैक्सीनेशन में दिलचस्पी दिखाएंगे तो अगले चार-पांच महीनों में 45 के ऊपर की पूरी आबादी को टीका दिया जा सकेगा. गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर 1 अप्रैल से 45 के ऊपर के सभी लोगों को वैक्सीनेशन की छूट दे दी है.
पहले की महामारियों की स्टडी का जिक्र

रिपोर्ट में पहले की महामारियों की स्टडी का जिक्र किया गया है. कहा गया है कि ये सच है कि बचाव उपायों की वजह से पहले भी महामारियों की रफ्तार रोकी गई लेकिन जब जीवन सामान्य हुआ तो ये फिर फैल गईं. इसी वजह से वैक्सीनेशन की रफ्तार बढ़ाया जाना एकमात्र विकल्प है. इसी के आधार पर कोरोना को हराया जा सकता है.
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