1 मई से अबतक 76 श्रमिक विशेष ट्रेनें चलाई गईं, 70 हजार श्रमिक कर चुके यात्रा

1 मई से अबतक 76 श्रमिक विशेष ट्रेनें चलाई गईं, 70 हजार श्रमिक कर चुके यात्रा
1 मई से शुरू की गई 'श्रमिक स्पेशल ट्रेन'.

इंडियन रेलवे (Indian Railway) ने अलग-अलग राज्यों में फंसे प्रवासी मजूदरों (Migran Workers) को उनके गृह राज्यों तक पहुंचाने के लिए अबतक 76 'श्रमिक स्पेशल ट्रेन' (Shramik Special Train) चलाई है.

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नई दिल्ली. देशभर में 4 मई से लॉकडाउन का तीसरा चरण (Lockdown 3) शुरू हो गया है. बीते एक मई से गृह मंत्रालय के निर्देश पर इंडियन रेलवे (Indian Railway) ने अलग-अलग राज्यों में फंसे प्रवासी मजूदरों (Migran Workers) को उनके गृह राज्यों तक पहुंचाने के लिए 'श्रमिक स्पेशल ट्रेन' (Shramik Special Train) चलाई है. भारतीय रेलवे ने मंगलवार को कहा कि वह एक मई से अबतक 76 श्रमिक विशेष ट्रेनें चला चुका है, जिनमें करीब 70 हजार श्रमिक यात्रा कर चुके हैं. रेलवे के अनुसार चार मई तक 55 ट्रेनें चलाई जा चुकी थीं.

रेलवे ने अभी आधिकारिक रूप से यह नहीं बताया है कि इन सेवाओं पर कितनी रकम खर्च हो रही है. सरकार का कहना है कि इसका 85 प्रतिशत खर्च केन्द्र सरकार जबकि 15 प्रतिशत खर्च राज्य सरकारें उठाएंगी. हालांकि अधिकारियों ने संकेत दिये हैं कि मंगलवार सुबह तक चलाई गयीं 67 ट्रेनों पर करीब 50 करोड़ रुपये खर्च किये जा चुके हैं. सूत्रों ने कहा कि रेलवे, प्रति श्रमिक विशेष ट्रेन सेवा पर लगभग 80 लाख रुपये खर्च कर रहा है. इन ट्रेनों में प्रवासी मजदूरों के अलावा विभिन्न राज्यों में फंसे स्टूडेंट्स, शरणार्थी, टूरिस्ट को भी घर भेजने की व्यवस्था की जा रही है.

किराए को लेकर विपक्ष का आरोप
इन ट्रेनों में किराया वसूलने के नाम पर विवाद भी शुरू हो गया है. आरोप ये हैं कि विदेशों में फंसे लाखों लोगों को एयर इंडिया मुफ्त में भारत लेकर आई, लेकिन गरीब मजदूरों से गांव जाने के पैसे वसूले जा रहे हैं. हालांकि, विवाद केवल किराये को लेकर ही नहीं है बल्कि किराये पर 50 रुपये एक्स्ट्रा चार्ज की वसूली पर भी है.
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1000 से 1200 यात्री के बैठने की व्यवस्था
इंडियन रेलवे ने कहा है कि श्रमिक स्पेशल ट्रेन का केवल एक गंतव्य होगा. यह ट्रेन बीच में कहीं नहीं रुकेगी. श्रमिक स्पेशल ट्रेन 500 किलोमीटर से अधिक की दूरी के लिए चलेंगी. इस तरह की हर ट्रेन में 1000 से 1200 यात्रियों को बैठने की सुविधा होगी. रेलवे के मुताबिक फंसे हुए लोगों को ले जाने के लिए क्षमता की 90 प्रतिशत मांग होने पर ही विशेष श्रमिक ट्रेन चलाई जाएंगी.

यूपी, बिहार और झारखंड के श्रमिकों का पहुंचने का सिलसिला भी शुरू हो चुका है. सोमवार को भी कई श्रमिक स्पेशल ट्रेनें अपने शेड्यूल से चल रही हैं. लखनऊ, गोरखपुर, रांची, जसीडीह, धनबाद, हटिया, दानापुर स्टेशन पर ट्रेन पहुंच भी चुकी है. इस दौरान रेलवे स्टेशन और बसों के अंदर भी सामाजिक दूरी का पूरा ख्याल रखा जा रहा है.

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