अपना शहर चुनें

States

Lok Sabha 2019 : एक फोटो और 2 मिनट का वीडियो मचा देगा पार्टियों में 'खलबली', चुनाव आयोग का बड़ा फैसला

चुनाव आयोग का ‘सी-विजिल’ एप.
चुनाव आयोग का ‘सी-विजिल’ एप.

चुनाव आयोग के अनुसार अब तक आचार संहिता के उल्लंघन की खबरें तो देर से मिलती थी, जिस कारण दोषी सजा से बच जाते थे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 10, 2019, 6:21 PM IST
  • Share this:
चुनाव के दौरान नेताओं की तरफ से रुपये, कपड़े और शराब बांटने की खबरें आती ही रहती हैं. चुनावी माहौल में जनता को लुभाने के लिए नेता तरह-तरह के तोहफे बांटते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि ऐसा करना चुनाव के नियमों के खिलाफ है. चुनावी आचार संहिता लागू हो जाने के बाद कोई भी नेता जनता को तोहफे नहीं दे सकता है. ऐसा करने पर उस नेता को चुनाव के लिए अयोग्य भी घोषित किया जा सकता है.
लोकसभा चुनाव को देखते हुए चुनाव आयोग ने एक ऐप तैयार की है. C-VIGIL नाम के इस ऐप की मदद से नागरिक चुनावी आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले नेताओं की शिकायत कर सकते हैं.

यह भी पढ़ें:  Lok Sabha Election 2019: मोदी ही होंगे अगले पीएम या कोई और? फैसला 23 मई को

कैसे काम करेगा यह ऐप?
चुनाव के दौरान कोई भी नेता या पार्टी यदि शराब, कंबल, कपड़े, बर्तन, रुपये या तोहफे बांटते नजर आते हैं तो नागरिक उनकी शिकायत इस ऐप की मदद से कर सकते हैं. यह ऐप डाउनलोड करने के बाद नागरिक को अपने फोन नंबर या मेल आईडी की मदद से उसमें रजिस्टर करना होगा. नागरिक अपनी शिकायत के सबूत के तौर पर इस ऐप पर फोटो और वीडियो भी अपलोड कर सकते हैं.



यह भी पढ़ें: 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने 6 राज्यों में किया था क्लीन स्वीप

शिकायत के बाद नागरिक को एक ग्रीवांस नंबर दिया जाएगा जिसकी मदद से वह अपनी शिकायत के स्टेटस को भी जान सकेंगे. शिकायत अपलोड होने के बाद सी विजिल का सिस्टम अपने स्तर पर इसकी जांच करेगा. इस सिस्टम में एक बार शिकायत स्वीकृत होने पर जिला नियंत्रण कक्ष में इसकी सूचना पहुंच जाएगी. यहां से सचल दस्ते को कार्रवाई का निर्देश भेजा जाएगा.

यह भी पढ़ें: ऐसी थी साल 2014 के चुनाव के बाद की सियासी तस्वीर, BJP को मिला था प्रचंड बहुमत

चुनाव आयोग को क्यों जरूरत पड़ी इस ऐप की?
चुनाव आयोग के अनुसार अब तक आचार संहिता के उल्लंघन की खबरें तो देर से मिलती थी, जिस कारण दोषी सजा से बच जाते थे. इसके अतिरिक्त तस्वीरों एवं वीडियो जैसे साक्ष्यों में कमी की वजह से भी शिकायतों को साबित करने में परेशानी होती थी. आयोग की तरफ से जारी एक विज्ञप्ति में बताया गया कि जांच के बाद अधिकतर शिकायतें गलत पाई जाती थीं. आयोग के मुताबिक रियल टाइम पर शिकायत मिलने और रियल टाइम पर ही उसकी प्रोसेसिंग होने से शिकायतों के निवारण में तेजी आएगी.

यह भी पढ़ें:  11 अप्रैल को प्रथम चरण का होगा चुनाव, चुनाव आयोग ने किया लोकसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान

गौरतलब है कि लोकसभा चुनावों का ऐलान कर दिया गया है.सी-विजिल ऐप के अतिरिक्त आयोग इन राज्यों में राष्ट्रीय शिकायत सेवा, इंटीग्रेटेड कॉन्टैक्ट सेंटर, सुविधा, सुगम, इलैक्शन मॉनीटरिंग डैशबोर्ड और वन वे इलैक्ट्रॉनिकली ट्रांसमिटेड पोस्टल बैलट जैसे ऐप्स का भी उपयोग करेगा.

यह भी पढ़ें: चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही दक्षिण के नेताओं को सता रहा 'राहु काल' का डर

एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पास,सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज