कोरोना काल में वर्चुअली नहीं होगी संसदीय समिति की बैठक, सचिवालय ने दिया गोपनीयता का हवाला

कोरोना महामारी के दौर में विपक्ष वर्चुअली बैठक कराने की मांग कर रहा है.

कोरोना महामारी के दौर में विपक्ष वर्चुअली बैठक कराने की मांग कर रहा है.

राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सभापति एम वेंकैया नायडू से संसद की स्थायी समितियों की बैठक डिजिटल माध्यम से कराने की अनुमति देने का आग्रह किया है. खड़गे ने कहा था कि लोगों की बदहाली पर संसद मूकदर्शक बने हुए नहीं रह सकती.

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नई दिल्ली. कोरोना काल में विपक्ष द्वारा लगातार संसद समितियों की वर्चुअल बैठक की मांग (Virtual meeting of parliamentary committee) को लोकसभा और राज्यसभा सचिवालय ने ठुकरा दिया है. कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस समेत कई विपक्षी पार्टियों ने इस बात की मांग की थी कि कोरोना की दूसरी लहर के कारण फिजिकल बैठक संभव नहीं इसलिए वर्चुअल बैठक की अनुमति दी जाए.

दोनों सदनों के पीठासीन अधिकारियों ने विपक्ष के नेताओं से कहा कि कोरोना के पहली लहर के समय भी यह मुद्दा आया था, लेकिन नियम इसकी अनुमति नहीं देते हैं. उन्होंने बताया कि संसदीय समितियों की बैठक की कार्यवाही गोपनीय होती है और संसदीय बैठक अगर वर्चुअल तरीक़े से कराई जाएगी तो गोपनीयता नहीं बरती जा सकती है.

वर्चुअल बैठक के लिए नियमों में बदलाव की जरूरत

दोनों सदनों के पीठासीन अधिकारियों ने बताया है कि संसदीय समिति की वर्चुअल बैठक कराए जाने के लिए संसद में मौजूदा नियम में बदलाव कराए जाने की जरूरत पड़ेगी और उस बदलाव के बिना वर्चुअल बैठक नही कराई जा सकती है.
पिछले साल भी कोरोना महामारी के दौर में कई विपक्षी पार्टियों ने इस बात की मांग उठाई थी कि संसदीय समिति की बैठक लोकतंत्र में आवश्यक है. ऐसे में समिति की बैठक वर्चुअल तरीके से कराई जाए. बैठक कराने के विकल्प पर लोकसभा और राज्यसभा के पीठासीन अधिकारियों ने कई बार बैठकें भी की, लेकिन इसका कोई हल नहीं निकला है. विशेषज्ञों का मानना था की चुकी इस तरह की बैठक पूरी तरह गोपनीय होती है ऐसे में वर्चुअल बैठक में गोपनीयता पर असर पड़ सकता है जिसकी संसदीय परंपरा इजाज़त नही देता.

कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने उठाई थी मांग

राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सभापति एम वेंकैया नायडू से संसद की स्थायी समितियों की बैठक डिजिटल माध्यम से कराने की अनुमति देने का आग्रह किया है. खड़गे ने कहा था कि लोगों की बदहाली पर संसद मूकदर्शक बने हुए नहीं रह सकती. राज्यसभा के सभापति को एक पत्र में खड़गे ने उनसे हस्तक्षेप करने की मांग की है और कहा है कि संसदीय समितियां इस महामारी से निपटने और लोगों को राहत प्रदान करने के मौजूदा कदमों में योगदान दे सकती है.



कांग्रेस नेता ने कहा कि स्थायी समितियों से संबंधित विभाग संसद का प्रभावी, निष्पक्ष तंत्र है और समितियों में सामूहिक मंथन की परंपरा संसदीय व्यवस्था की शानदार उपलब्धियां हैं.


TMC ने भी की वर्चुअल बैठक की मांग

तृणमूल कांग्रेस ने भी राज्यसभा सभापति वेंकैया नायडू को लेटर लिखकर संसदीय समिति की बैठक वर्चुअल माध्यम से कराने की मांग की है. टीएमसी के डेरेक ओ ब्रायन ने लेटर लिखकर कहा कि संसदीय समितियों की बैठक की जरूरत है ताकि जनहित के मुद्दों पर समय से उठाए जा सकें और उन पर चर्चा की जा सके, खासकर कोविड के समय में. वर्चुअल माध्यम से संसदीय समिति की बैठक कराए जाने के संदर्भ में टीएमसी का ये तीसरा पत्र इस महीने लिखा गया, इससे पहले भी पहला पत्र जुलाई 2020 और दूसरा अगस्त 2020 में लिखा गया था.

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