लोकसभा से नेशनल मेडिकल कमीशन बिल पास, कानून बनते ही होंगे ये बदलाव

हर्षवधन ने कहा कि राज्यों को संशोधन करने का अधिकार होगा, वे एमओयू कर सकते हैं. विभिन्न विपक्षी दलों के सदस्यों ने इस विधेयक को संघीय भावना के खिलाफ बताया था.

News18Hindi
Updated: July 29, 2019, 10:34 PM IST
लोकसभा से नेशनल मेडिकल कमीशन बिल पास, कानून बनते ही होंगे ये बदलाव
हर्षवधन ने कहा कि राज्यों को संशोधन करने का अधिकार होगा, वे एमओयू कर सकते हैं. विभिन्न विपक्षी दलों के सदस्यों ने इस विधेयक को संघीय भावना के खिलाफ बताया था.
News18Hindi
Updated: July 29, 2019, 10:34 PM IST
लोकसभा ने सोमवार को 'नेशनल मेडिकल कमीशन बिल 2019' को मंजूरी दे दी है. निचले सदन में विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री हर्षवर्धन ने कहा कि यह कहना सही नहीं है कि राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) विधेयक संघीय स्वरूप के खिलाफ है.

हर्षवधन ने कहा कि राज्यों को संशोधन करने का अधिकार होगा, वे एमओयू कर सकते हैं. विभिन्न विपक्षी दलों के सदस्यों ने इस विधेयक को संघीय भावना के खिलाफ बताया था. उन्होंने कहा कि कोई भी कॉलेज की स्थापना राज्यों से जरूरत आधारित प्रमाणपत्र प्राप्त किए बिना नहीं हो सकती है. डाक्टरों के पंजीकरण में राज्य सरकारों की भूमिका होगी. मेडिकल कॉलेजों के दैनिक क्रियाकलापों में केंद्र सरकार की कोई भूमिका नहीं होगी.

डा. हर्षवर्धन ने कहा, 'एनएमसी विधेयक निहित स्वार्थी तत्वों का विरोधी और लोकोन्मुखी है. यह इंस्पेक्टर राज को कम करने में मदद करेगा. इसमें हितों का टकराव रोकने की व्यवस्था की गई है. डाक्टरों के डाटाबेस से शुचिता सुनिश्चित की जा सकेगी.' केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एनएमसी विधेयक लोकोन्मुखी विधेयक है. इसमें नीम हकीमों को कड़ा दंड देने का प्रावधान किया गया है.

260 वोट से प्रस्‍ताव हुआ पास

मंत्री के जवाब के बाद द्रमुक के ए राजा ने विधेयक को विचार एवं पारित होने के लिए आगे बढ़ाए जाने के खिलाफ मत विभाजन की मांग की. सदन ने 48 के मुकाबले 260 मतों से सरकार के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया. इसके बाद सदन ने कुछ विपक्षी सदस्यों के संशोधनों को खारिज करते हुए विधेयक को ध्वनिमत से मंजूरी दे दी. इससे पहले कांग्रेस के सदस्यों ने सदन से वाकआउट किया.

स्‍वास्‍थ्‍य क्षेत्र में होगा सबसे बड़ा सुधार

विधेयक पारित होने के लिए रखते हुए हर्षवर्धन ने कहा कि मोदी सरकार सबको गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने को प्रतिबद्ध है और 2014 से लगातार इस दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि भारतीय चिकित्सा परिषद (एमसीआई) में लंबे समय से भ्रष्टाचार की शिकायतें आ रही थीं. इस मामले में सीबीआई जांच भी हुई. ऐसे में इस संस्था के कायाकल्प की जरूरत हुई.
Loading...

मंत्री ने यह भी कहा कि यह विधेयक इतिहास में चिकित्सा के क्षेत्र के सबसे बड़े सुधार के रूप में दर्ज होगा. हर्षवर्धन ने कहा कि मोदी सरकार भ्रष्टाचार को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करने की नीति पर चलती है और यह विधेयक भी इसी भावना के साथ लाया गया है.

चिकित्‍सा शिक्षा में मिलेगी मदद

उन्होंने कहा, 'मैं सदन को आश्वासन देता हूं कि विधेयक में आईएमए (भारतीय चिकित्सक संघ) की उठाई गयी आशंकाओं का समाधान होगा.' हर्षवर्धन ने कहा कि एनएमसी विधेयक एक प्रगतिशील विधेयक है जो चिकित्सा शिक्षा की चुनौतियों से पार पाने में मदद करेगा.

अधिकतर सिफारिशों को किया गया स्‍वीकार 

हर्षवधन ने कहा कि सरकार ने विभाग संबंधी स्थाई समिति की सिफारिशों के आधार पर विधेयक का मसौदा तैयार किया और इसे पुन: स्थाई समिति को भेजा गया. दोबारा भी स्थाई समिति की अधिकतर सिफारिशों को स्वीकार कर लिया गया.

ये भी पढ़ें: तीन तलाक पर जिंदा रहने वाले परेशान हैं- आरिफ मोहम्मद

गौरतलब है कि एनएमसी विधेयक में परास्नातक मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश और मरीजों के इलाज हेतु लाइसेंस हासिल करने के लिए एक संयुक्त अंतिम वर्ष एमबीबीएस परीक्षा (नेशनल एक्जिट टेस्ट 'नेक्स्ट') का प्रस्ताव दिया गया है. यह परीक्षा विदेशी मेडिकल स्नातकों के लिए स्क्रीनिंग टेस्ट का भी काम करेगी. राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा ‘नीट’ के अलावा संयुक्त काउंसिलिंग और ‘नेक्स्ट’ भी देश में मेडिकल शिक्षा क्षेत्र में समान मानक स्थापित करने के लिए एम्स जैसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों पर लागू होंगे.

ये भी पढ़ें: आजम के बयान पर भड़के जावेद अख्तर, कहा- स्पीकर सिखाएं सबक

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: July 29, 2019, 8:54 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...