News18-IPSOS एग्जिट पोल होगा कितना सटीक? जानें सभी सवालों के जवाब

संजय सिंह ने बताया कि एक संसदीय क्षेत्र में 500-600 का सैंपल साइज काफी बड़ा होता है. उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक रूप से 300 का सैंपल साइज चाहिए होता है.

News18Hindi
Updated: May 19, 2019, 5:58 PM IST
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Updated: May 19, 2019, 5:58 PM IST
लोकसभा चुनाव 2019 के लिए सातवें और अंतिम चरण की वोटिंग रविवार को पूरी हो गई. मतदान खत्म होते ही News18-IPSOS आपके लिए सबसे सटीक एग्जिट पोल लेकर आ रहा है, जो 23 मई को आने वाले चुनाव के नतीजों की तस्वीर को करीब-करीब साफ कर देगा.

इस एग्जिट पोल को लेकर न्यूज18 ने IPSOS के अधिकारी संजय सिंह से बात की और इसकी सटीकता से जुड़े तमाम सवालों के जवाब उनसे जानने की कोशिश की. सर्वे को लेकर उन्होंने क्या कहा आप भी जानिए.



वैज्ञानिक तरीके से हुआ एग्जिट पोल
भला 1 लाख 21 हजार 542 मतदाता देश के 90 करोड़ वोटर्स की नुमाइंदगी कैसे कर सकते हैं? इस सवाल पर IPSOS के संजय सिंह ने कहा कि एग्जिट पोल को वैज्ञानिक तरीके से डिजाइन किया गया है. पोल में भाग लेने वाले 1 लाख 21 हजार लोग कौन होंगे यह वैज्ञानिक तरीके से तय किया गया था.

संजय सिंह ने बताया, 'सबसे पहले 543 सीटों की एक तिहाई सीटों (199) का चयन किया गया. इसके बाद रेंडम तरीके से विधानसभा क्षेत्रों और फिर विधानसभा क्षेत्रों में पोलिंग बूथों का चयन किया गया. पोलिंग बूथ पर किनसे सवाल पूछना है और किनसे नहीं, इसका चयन भी बेहद वैज्ञानिक तरीके से किया गया था. यह पहले से ही तय था कि अगर एक ग्रुप आ रहा है तो उसमें से किससे सवाल पूछना है और किससे नहीं.'

बूथ से आए ओपिनियन को एग्रीगेड करके विधानसभा क्षेत्र और लोकसभा क्षेत्र पर ट्रीट किया गया है. इसके बाद ही इस नतीज पर पहुंचते हैं कि कौन जीत रहा है और किसको कितने वोट मिल रहे हैं.

बड़े सैंपल साइज से नतीजों के सटीक होने की संभावना अधिक
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संजय सिंह ने बताया कि एक संसदीय क्षेत्र में 500-600 का सैंपल साइज काफी बड़ा होता है. उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक रूप से 300 का सैंपल साइज चाहिए होता है, लेकिन हमारा सैंपल साइज 600 का है जो ज्यादा सटीक रिजल्ट देगा.

सर्वे सही हुआ इसकी गारंटी क्या है?
इस सवाल के जवाब में संजय सिंह ने कहा कि उनकी टीम में एक क्वालिटी कंट्रोल यूनिट है जो रियल टाइम मॉनिटिरिंग करती है. इसके अलावा सर्वे करने वालों को जो टेबलेट दिया जाता है वह सर्वर से कनेक्टेड रहता है और उनके जीपीएस लोकेशन की सभी जानकारी  मिलती रहती हैं. इसके साथ ही ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई है.

वोटर ने सही जवाब दिए इसकी गारंटी क्या है?
इस सवाल के जवाब में संजय सिंह ने बताया कि ऐसा कहना मुश्किल है कि सभी ने सच ही बताया, लेकिन वे वोटर्स का जवाब लेने के लिए वहीं माहौल बनाते हैं जो उसे ईवीएम के सामने मिलता है. उन्होंने बताया कि 'आपने किस पार्टी को वोट दिया?' यह सवाल टेबलेट पर आता है और ऑप्शन में सभी पार्टियों के चुनाव चिन्ह बने होते हैं. सर्वे करने वाला टेबलेट को वोटर्स के हाथ में दे देता है और उससे अलग जगह पर जाकर उस चिन्ह को दबाने के लिए कहता है जिसे उनसे वोट दिया हो. उन्होंने विश्वास जताया कि जब किसी को ऐसी प्राइवेसी मिलेगी तो वह सही ही बताएगा, अगर कुछ लोग गलत बताते भी हैं तो मार्जिन ऑफ एरर इतना कम होगा कि इससे नतीजों पर कोई खास फर्क नही पड़ेगा.

आपको बता दें कि रविवार को मतदान समाप्त होने के बाद आप News18 पर एग्जिट पोल के नतीजों को देख सकेंगे.

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