यूपी में इस कारण खिलता दिखा कमल, फेल हुआ सपा-बसपा गठबंधन!

अलग-अलग पोल्स के नतीजों में अंतर हैं. कई पोल्स में बीजेपी को बड़ी बढ़त दिखाई गई है तो कई स्थानों पर महागठबंधन की लहर बताई जा रही है. अगर अब तक आए 6 पोल्स के नतीजों का औसत निकालें तो बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए को 52 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि महागठबंधन को 26 और कांग्रेस को महज 2 सीटें मिलने का ही अनुमान है.

News18Hindi
Updated: May 20, 2019, 1:37 PM IST
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Updated: May 20, 2019, 1:37 PM IST
17वीं लोकसभा के गठन के लिए करीब सवा महीने तक चला आम चुनाव 2019 रविवार को संपन्न हो गया. इसके साथ ही तमाम न्यूज़ चैनल्स पर एग्जिट पोल्स (Exit Polls) के नतीजे भी आ चुके हैं. एग्जिट पोल के पूर्वानुमान में एक बार फिर मोदी सरकार के आने के दावे किए जा रहे हैं. ज्यादातर पोल्स में एनडीए को कुल 543 सीटों में से 300 सीटें मिलने की बात कही जा रही है. लेकिन, सबसे बड़ा उलटफेर उत्तर प्रदेश में दिखाया गया है, जहां सबसे ज्यादा लोकसभा सीटें हैं. ऐसे में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के खेमे में खलबली भी मची है.

Poll of Exit Polls: हर किसी ने माना आएगा तो मोदी ही



कहते हैं दिल्ली की सत्ता तक जाने वाला रास्ता उत्तर प्रदेश से होकर गुजरता है. उत्तर प्रदेश देश की राजनीति की दिशा तय करता है. क्योंकि यूपी में लोकसभा की सबसे अधिक 80 सीटें हैं. 2014 में इनमें से 71 सीटें बीजेपी की झोली में गईं, जिससे उसकी प्रचंड बहुमत से सरकार बनी. इसलिए सबका फोकस यूपी के एग्जिट पोल पर है. यहां जिसकी सीटें ज्यादा रहेंगी. समझिए उसकी सरकार बन सकती है.

न्यूज़ चैनल्स अपने एग्जिट पोल्स में एनडीए के लिए उत्तर प्रदेश में अलग-अलग सीटों का आंकड़ा बता रहे हैं. उत्तर प्रदेश में अब तक जितने भी टीवी चैनल्स और एजेंसियों के एग्जिट पोल आए हैं, उनमें बीजेपी को पिछले चुनाव की तुलना में काफी सीटों का नुकसान होता दिख रहा है. बीजेपी को करीब आधी सीटों का नुकसान बताया जा रहा है. जिसका फायदा बसपा-सपा गठबंधन को मिलता दिख रहा है. वहीं कांग्रेस महज दो सीटों पर सिमटती नजर आ रही है. हालांकि, यह एग्जिट पोल है और इसकी सटीकता की पुष्टि नहीं की जा सकती.

अगर अब तक आए 6 पोल्स के नतीजों का औसत निकालें तो बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए को 52 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि महागठबंधन को 26 और कांग्रेस को महज 2 सीटें मिलने का ही अनुमान है.


क्या हैं Exit Polls के पूर्वानुमान?
>> टाइम्स नाउ सी वोटर्स के एग्जिट पोल्स के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में BJP+ को 38, महागठबंधन (सपा-बसपा) को 40 और कांग्रेस को 2 सीटें मिलने की बात कही जा रही है.
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>> एबीपी निल्सन अपने एग्जिट पोल्स में महागठबंधन (MGB) को 56 सीटें, BJP+ को 22 और कांग्रेस को 2 सीटें दे रहा है.

>>न्यूज 18 पर आए एग्जिट पोल के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा गठबंधन बीजेपी को खासा नुकसान पहुंचा सकता है. 2014 के चुनाव में एनडीए को राज्य की 80 लोकसभा सीटों में से 73 सीटें मिली थीं. कुछ एग्जिट पोल की मानें तो इस बार बीजेपी गठबंधन को 40 सीटें भी नहीं मिलेंगी.

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>>रिपब्लिक टीवी+सी वोटर के मुताबिक, यूपी में एनडीए को 38 सीटों का अनुमान है. जबकि, कांग्रेस (यूपीए) को 2 और महागठबंधन (सपा-बसपा) को 40 सीटें मिलने का अनुमान है.

>>टाइम्स नाउ-वीएमआर के एग्जिट पोल के मुताबिक उत्तर प्रदेश की 80 सीटों में से बीजेपी (एनडीए) को 58, कांग्रेस (यूपीए) को 2 और बसपा-सपा महागठबंधन को 20 मिलने की बात कही जा रही है.

एग्जिट पोल्स के आंकड़ों से कंफ्य़ूजन होने लगा है. साथ ही बीजेपी को  स्पष्ट बहुमत मिलने के कारण भी पता चल रहे हैं:-

1. कांग्रेस का प्रभाव- चाहे वह BJP के उच्च जाति के वोट शेयर में हो या महागठबंधन (MGB) वोट शेयर के एक हिस्से के रूप में बंटा हो. जो भी है, वो प्रियंका गांधी का प्रभाव है.

2.पुलवामा अटैक और बालाकोट स्ट्राइक का प्रभाव, जो राष्ट्रवाद के रूप में दिखा. इसके साथ ही धार्मिक पोलराइजेशन (योगी आदित्यनाथ का अली बनाम बजरंगबली बयान)

3.बीएसपी सुप्रिमो मायावती की मुस्लिम वोटर्स से अपील. जिसकी वजह से उनपर चुनाव आयोग ने 48 घंटों तक प्रचार करने पर बैन लगा दिया था.

4. वाराणसी में नरेंद्र मोदी की ताकत का प्रदर्शन

5.यूपी में बीजेपी के सामने नॉन यादव ओबीसी और नॉन जाटव दलित को रिवर्स पोलराइजेशन

बेशक इस बार बीजेपी को उत्तर प्रदेश में सीटों का नुकसान हो रहा है, लेकिन सवाल ये है कि कितनी सीटों का? ज्यादातर राजनीतिक पंडितों और चुनाव विशेषज्ञों के मुताबिक, यूपी में बीजेपी का सबसे ज्यादा नुकसान सपा-बसपा गठबंधन ने किया है. यूपी का पिछड़ा और दलित वोट (OBCs-SC) इन्हीं दोनों पार्टियों को जाता है. वहीं, मजबूत मुस्लिम आबादी भी सपा-बसपा के साथ है. वहीं, वेस्ट यूपी में मिले आरएलडी के साथ ने बीजेपी के विजयी रथ में स्पीड ब्रेकर लगाने का काम किया.


मायावती-अखिलेश का गणित फेल
मायावती और अखिलेश की पार्टी 24 साल बाद एक साथ आई. दोनों नेताओं ने संयुक्त सभाएं और रैलियां भी की. लेकिन, एग्जिट पोल्स के नतीजों से साफ है कि दोनों दलों के बीच वोटों का ट्रांसफर नहीं हो सका है. बीजेपी ने जातिगत समीकरणों से परे बड़े पैमाने पर वोट हासिल किए हैं. बीजेपी ने अपने टिकट बंटवारे में एक बार फिर से गैर-यादव ओबीसी, गैर-जाटव दलित राजनीति पर दांव चला था. ऐसे में यह समीकरण उसके पक्ष में जाता दिख रहा है. वहीं, यूपी में रैली के दौरान पीएम मोदी जिस तरह से खुद को पिछड़ी जाति का बताया, उसका फायदा भी मिलता दिख रह है.

यूपी में नहीं दिखा प्रियंका गांधी का असर
इसी तरह एग्जिट पोल्स में कांग्रेस को महज 2 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है. साफ है कि यूपी में प्रियंका गांधी का असर नहीं दिखा. देश की सबसे पुरानी पार्टी अपनी परंपरागत सीटों रायबरेली और अमेठी में ही सिमट सकती है. रायबरेली में सोनिया गांधी, जबकि अमेठी में राहुल गांधी मैदान में हैं.

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