बजरंगबली से सीताराम तक, 'मुसलमान' से साक्षात 'भगवान' तक चुनावी नौटंकी

Bhavesh Saxena | News18Hindi
Updated: April 12, 2019, 10:08 PM IST

लोकसभा चुनाव के दौर में शुक्रवार को ऐसे बयानों की फिल्म रिलीज़ हुई जिसमें धर्म और संप्रदाय प्रमुखता से शामिल थे. इसके अलावा दलबदल, आरोप प्रत्यारोप से जुड़ी उत्तर से दक्षिण तक की चुनावी खबरों का मनोरंजक लेखा जोखा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 12, 2019, 10:08 PM IST
  • Share this:
बजरंग बली और अली के नारों के साथ ही, चुनावी जुम्मे के दिन वोट के लिए 'मुसलमान' की गूंज सुनाई दी और साक्षात 'भगवान' भी अखाड़े में उतर आए. कांग्रेस ने बीजेपी के घर से एक नेता चुराया तो बीजेपी ने भी कांग्रेस के घर में हाथ साफ किया. मोदी महाराष्ट्र में गरजे, राहुल दक्षिण में बरसे और शाह व योगी ने मध्य भारत में बि​जलियां गिराईं. तो दिल्ली में एक 'डिग्री' की बात पर सियासी तापमान कई डिग्री उछल गया. उत्तर में इस्तीफों के साथ ही, 'आप' की नौटंकी दिखी और पूर्वांचल में खानदानी ड्रामा जारी रहा.

READ: मेनका की मुस्लिमों को धमकी, 'वोट नहीं दिया तो नौकरी के लिए मत आना'

राजनीति का धर्म हो या नहीं, लेकिन देश में राजनीति में धर्म बड़ा मायने रखता है. एक तरफ, आज़म मियां ने उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ पर हमला बोलते हुए दुआ कर डाली कि 'बजरंग, अली, ले लो ज़ालिमों की बलि'. दूसरी तरफ, मेनका गांधी सुल्तानपुर पहुंचीं और कहा कि 'नौकरी सौदा ही तो होता है. मुसलमान अगर वोट नहीं देंगे तो मैं उनका काम क्यों करूंगी? फिर हम महात्मा गांधी की छठी औलाद थोड़े हैं कि आप मारते जाओ और हम भले बने रहें...' कहकहे तो कम लगे, उस सभा में शायद लोग यही सोच रहे थे कि जानवरों तक की बड़ी फिक्र करने वाली मेनका को अचानक ये क्या हो गया?

Loading...



READ: आखिर 'मुसलमान' के पीछे हाथ धोकर क्यों पड़े हैं देश के नेता?

उधर, उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ छत्तीसगढ़ में कह रहे थे कि 'धर्म के नाम पर बांटने का काम कांग्रेस ने किया'. वैसे जुम्मे के रोज़ योगी जी 'हरा वायरस' नहीं बल्कि 'भगवा' मूड में थे इसलिए सिर्फ मोदी और मोदी सरकार की तारीफ करते रहे. वहीं, स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महाराष्ट्र के अहमदनगर में बता रहे थे कि उनकी सरकार ने कैसे पाकिस्तान की ऐसी तैसी की. 'इस चौकीदार ने आतंक के सरपरस्तों को डरा दिया' जैसे मुहावरे मोदी गढ़ रहे थे और वहां योगी कह रहे थे कि 'आतंकवाद मेरे और मोदी के नाम से दूर भागता है'. मोदी जी ने भाषण में यह नहीं कहा कि आतंकवादी उनके साथ ही योगी से भी डरे हुए हैं.

lok sabha elections 2019, bjp, congress, rahul gandhi, narendra modi, लोकसभा चुनाव 2019, भाजपा, कांग्रेस, राहुल गांधी, नरेंद्र मोदी

PM मोदी ने युवा मतदाताओं से देश की सुरक्षा को लेकर पूछा सवाल

खबरों की टाइमिंग कैसे दिलचस्प हो जाती है, इसका नमूना ये था कि मोदी ने कहा कि 'कांग्रेस हटाओ, तभी देश में आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण होगा. कांग्रेस हटाओ, तभी विकास होगा'. उधर, दूसरी खबर आई कि अर्थव्यवस्था को झटका लग गया. IIP ग्रोथ ज़ीरो के करीब पहुंच गई. ऐसे ही टाइमिंग तब दिखी जब पता चला कि गुरुवार को देश वोट दे रहा था तो गूगल पर सर्च हो रहा था कि उंगली से स्याही का निशान मिटाया कैसे जाए? और फिल्मी दुनिया से खबर थी कि 'कलंक' का गाना रिलीज़ होने वाला है.

चुनाव के दौरान भारतीय गूगल से पूछ रहे थे, उंगली से स्याही कैसे हटाई जाए

वहीं, राहुल गांधी ने तमिलनाडु में बीजेपी सरकार के 'कलंक' गिनाते हुए फिर वही आरोप दुहराए जो वो पिछले कई दिनों से कह रहे हैं कि 'चौकीदार ने ही चोरों की मदद की'. इस बार उन्होंने एक नया एंगल उठाया, 'जिस जुर्म के लिए किसानों को जेल में डाला गया, उसी जुर्म के लिए अमीरों को भागने दिया गया'. राहुल इधर, बीजेपी सरकार के भ्रष्टाचार ​गिनाते रहे और उधर, मोदी भी अपनी रैली में कांग्रेस के घोटाले गिनाती रही. अब कौन 'सेर' रहा और कौन 'सवा सेर', ये फैसला तो समय ही करेगा.

lok sabha elections 2019, bjp, congress, rahul gandhi, narendra modi, लोकसभा चुनाव 2019, भाजपा, कांग्रेस, राहुल गांधी, नरेंद्र मोदी

वैसे इस समय देश दुर्गा उत्सव यानी नवरात्रि में भी बिज़ी है. पूजा पाठी और उपवासी लोग इस आस में रहे कि दरवाज़े पर गाय या किसी साधु का आना शुभ होगा. तभी, आवाज़ आई 'भगवान के नाम पर दे दे बाबा'! अस्ल में, उन्नाव में साक्षी महाराज प्रकट हुए और बोले कि 'आपने संन्यासी को वोट की भिक्षा नहीं दी तो अपने पाप आपको दे जाऊंगा और आपकी गृहस्थी के पुण्य ले जाऊंगा.' वोट मांगने का इससे अनूठा तरीका शायद अब तक नहीं सुना गया था.

READ: सोनिया और स्मृति का फॉर्मूला

lok sabha elections 2019, bjp, congress, rahul gandhi, narendra modi, लोकसभा चुनाव 2019, भाजपा, कांग्रेस, राहुल गांधी, नरेंद्र मोदी
साक्षी महाराज. फाइल फोटो.


संन्यासी छोड़िए साहब, शुक्रवार को सियासत की कुंडली में 'गुरू' इतने प्रचंड भाव में रहा कि साक्षात् भगवान तक चुनावी मैदान में उतर आए. जी हां, महाराष्ट्र की सोलापुर सीट पर बाबासाहब के पौत्र प्रकाश आंबेडकर और कांग्रेस के सुशील शिंदे मैदान में पहले से हैं और अब वहां एक साधु सिद्धेश्वर शिवाचार्य महास्वामी की एंट्री हो गई है. बताया जाता है ये जंगम समुदाय के धार्मिक गुरू हैं जो कह रहे हैं 'वीकेंड लंबा है तो छुट्टी पर मत चले जाना, वोट ज़रूर देना. आप वोट से छुट्टी लेकर तीर्थ भी गए तो आशीर्वाद नहीं मिलेगा, क्योंकि मैं आपका ऐसा भगवान हूं, जो बोल सकता हूं'.

भगवान और मुसलमान के बीच चुनावी नौटंकी में 'ज्ञान' भी आ गया. अमेठी की तुलसी उर्फ स्मृति ईरानी ने नामांकन दाखिल करने के लिए जो ब्योरा चुनाव आयोग को दिया, उसमें इकरार किया कि वो ग्रेजुएट नहीं हैं. उन्हें बीच में ही कॉलेज छोड़ना पड़ गया था. यह दिव्य ज्ञान मिलते ही कांग्रेस ने तुरंत स्मृति उर्फ तुलसी का मीम बना दिया 'क्योंकि मंत्री भी कभी ग्रेजुएट थी'. फिर झल्लाई स्मृति ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा 'मेरा अपमान किया, एक महिला को हमेशा प्रताड़ित किया'. हालांकि महिला उत्पीड़न जैसी कोई शिकायत स्मृति ने कांग्रेस के खिलाफ अब तक किसी थाने में लिखवाई हो, ऐसी खबर नहीं है.

READ: कांग्रेस के तंज पर स्मृति ईरानी को आया गुस्सा



स्मृति की 'डिग्री' पर बिहार की बेगूसराय सीट से ताल ठोक रहे कन्हैया ने भी चुटकी ली. बिहारी बाबू भी 'जुमलों की पोल' खोलने बिहार पहुंचे लेकिन पोल खोली नहीं. वैसे, बिहार इस चुनाव में लालू खानदान की खबरों के लिए जाना जाएगा. खानदान से बागी हुए तेजप्रताप के लिए मां राबड़ी देवी ने कहा 'लौट आओ बेटा'. एक पल में भावुक दिखीं राबड़ी अगले ही पल देवी बनकर दहाड़ीं कि 'नीतीश प्रधानमंत्री बनना चाहते थे इसलिए लालू के पास प्रस्ताव भेजा था'. फिर बोलीं कि 'मैंने ही प्रशांत किशोर को घर से निकाला था'. ऐसा है कि लालू स्वयं जेल में हैं इसलिए चुनाव के वक्त में रोज़ कुछ बोलने की ज़िम्मेदारी राबड़ी नियम से निभा रही हैं. वहीं, बिहार में नीतीश, पासवान और बीजेपी के दूसरे 'मोदी' एक मंच पर दिखे और अपने मुंह से अपना गुणगान किया.

READ: कैप्‍टन अमरिंदर के मीडिया सलाहकार ने दिया इस्‍तीफा

चुनावी नौटंकी में कम दिखने वाला पंजाब सुर्खियों में तब आया जब कैप्टन अमरिंदर के मीडिया सलाहकार ने इस्तीफा दे दिया. चुनाव आयोग में शिकायत हो गई थी कि सरकारी पद पर रहकर कैप्टन के लिए प्रचार किया. ये साहब कौन से ज़माने की 'नैतिकता' में इस्तीफा दे गए, किसी को समझ नहीं आया. उधर, आम आदमी पार्टी के पूर्व कॉमेडियन भगवंत मान ने एक चिट्ठी जारी की तो सबको कॉमेडियन सुनील पाल का वो एक्ट याद आ गया कि जिसमें उन्होंने टेलिशॉपिंग का मज़ाक उड़ाया था - 'पहले मैं बहुत शराब पीता था, कॉमेडी करता था, लेकिन मम्मी के कहने पर मैंने शराब छोड़ दी और हर पल आपकी सेवा करने लगा'.

lok sabha elections 2019, bjp, congress, rahul gandhi, narendra modi, लोकसभा चुनाव 2019, भाजपा, कांग्रेस, राहुल गांधी, नरेंद्र मोदी
भगवंत मान


पंजाब से सटे हिमाचल में 'पावर' मंत्री को पावर छोड़ना पड़ी क्योंकि वो धर्मसंकट में थे. अस्ल में, उनके पिता और पुत्र दोनों भाजपा छोड़कर कांग्रेस में चले गए थे इसलिए अनिल शर्मा ने भी पद से इस्तीफा दे दिया. वहीं, दलों में तोड़फोड़ का ये सिलसिला और भी दिखा जब कृष्णा तीरथ बीजेपी छोड़कर वापस कांग्रेस में आ गईं और यूपी में रीता बहुगुणा जोशी के करीबी सर्वेश ने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी की तरफ से फील्डिंग करने का उपक्रम किया.

READ: UP में कांग्रेस को लगा तगड़ा झटका

नौटंकी के कुछ और सीन इस तरह थे कि बिहार के लालू खानदान की तर्ज़ पर यूपी के अखिलेश के खानदान में भी भीतर भीतर कुछ पकने की खबरें आईं. साथ ही, बीजेपी के 'वंशवाद' निशाने पर रहे ​परिवार में भाई-बहन के बीच कुर्सी के खेल की अटकल शुरू हुई. और, मध्य प्रदेश की भोपाल सीट पर दिग्विजय सिंह के खिलाफ उमा भारती के चुनावी अखाड़े में उतरने की अटकलों ने भी रोमांच भर दिया. क्या होगा, क्या होगा? करते हुए लोगों की 15 साल पुरानी यादें ताज़ा हो गईं.

READ: तो प्रियंका गांधी के लिए अमेठी छोड़ेंगे राहुल!

lok sabha elections 2019, bjp, congress, rahul gandhi, narendra modi, लोकसभा चुनाव 2019, भाजपा, कांग्रेस, राहुल गांधी, नरेंद्र मोदी

वहीं, मायावती का गुस्सा ईवीएम पर फूटा. ईवीएम की गड़बड़ियों पर कांग्रेस ने तो यहां तक कह दिया कि 'एक आदमी ने उंगली उठाई थी, तो राम ने सीता की अग्नि परीक्षा करवा दी थी, एक को भी संदेह है तो ईवीएम की जांच भी होना चाहिए'. तो, बजरंगबली से शुरू हुई ये चुनावी रामलीला भगवान के 'सीताराम' पर खत्म होती है.

ये भी पढ़ें:
राजनीतिक पार्टियों को बताना होगा कहां से आया चंदा, इलेक्टोरल बॉन्ड पर SC सख्त
सीमा से लगे कश्मीर के गांव में पड़े सबसे कम वोट, लोगों ने कहा- हमें चुनाव से फर्क नहीं पड़ता

एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: April 12, 2019, 10:08 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...