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लोकसभा चुनाव 2019: ये एक दस्तावेज नहीं दिखाया तो रद्द हो जाएगी नेताजी की उम्मीदवारी

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Updated: March 11, 2019, 1:17 PM IST
लोकसभा चुनाव 2019: ये एक दस्तावेज नहीं दिखाया तो रद्द हो जाएगी नेताजी की उम्मीदवारी
(News18हिंदी क्रिएटिव)

हलफनामा दाखिल करते वक़्त अब पैन कार्ड का नंबर देना अनिवार्य कर दिया गया है. जिस भी उम्मीदवार ने ऐसा नहीं किया उसका परचा रद्द कर दिया जाएगा.

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  • Last Updated: March 11, 2019, 1:17 PM IST
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लोकसभा चुनाव 2019 की तारीखों का ऐलान होने के साथ ही आचार संहिता भी लागू हो गई है. चुनाव आयोग इस बार उम्मीदवारों के अपराधिक इतिहास और उनकी आय के ब्यौरे को लेकर पहले से ख़ासा सख्त रहने वाला है. चुनाव आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि अपराधिक इतिहास वाले उम्मीदवारों को अपने अपराधिक रिकॉर्ड का ब्यौरा लोकप्रिय टीवी चैनल और अखबार में कम से कम तीन बार देना ज़रूरी है. इसके आलावा उम्मीदवारों को अपनी और परिवार की कमाई का पांच साल का ब्यौरा देना अनिवार्य है.

इस एक दस्तावेज के बिना उम्मीदवारी होगी रद्द
चुनाव आयोग इस बार उम्मीदवारों की कमाई और संपत्ति के ब्यौरे को लेकर काफी सख्ती से पेश आ रहा है. बता दें कि हलफनामा दाखिल करते वक़्त अब पैन कार्ड का नंबर देना अनिवार्य कर दिया गया है. जिस भी उम्मीदवार ने ऐसा नहीं किया उसका परचा रद्द कर दिया जाएगा. गौरतलब है कि देश में अभी भी 199 विधायक और 7 सांसद ऐसे हैं जिन्होंने अपने पैन नंबर की जानकारी चुनाव आयोग के साथ साझा नहीं की है. एडीआर और नेशनल इलेक्शन वॉच ने देश में मौजूद कुल 542 सांसद और 4,086 विधायकों की पैन नंबर से जुड़ी जानकारी की छानबीन में पता लगाया है कि कांग्रेस के 51 विधायक ऐसे हैं जिन्होंने अभी तक चुनाव आयोग को पैन नंबर नहीं दिया है.

सोशल मीडिया पर खर्चे की भी जानकारी देनी होगी



उम्मीदवारों को सोशल मीडिया अकाउंट और उसके जरिए चुनाव प्रचार पर होने वाले खर्च का भी पूरा ब्यौरा इलेक्शन कमीशन को देना होगा. इस खर्चे को भी चुनावी खर्चे में शामिल किया जाएगा. उम्मीदवारों को ये भी बताना होगा कि उनके कितने सोशल मीडिया अकाउंट हैं और उन्हें चलाने वाली टीम पर कितना खर्च किया जा रहा है. उमीदवारों की सोशल मीडिया प्रोफाइल्स से फेक न्यूज़ या अफवाह फैलाने जैसी स्थिति पर सख्त कदम उठाए जाएंगे.

5 राज्यों के 7 सांसद
बता दें कि ओडिशा के दो सांसदों ने पैन की जानकारी नहीं दी. दोनों बीजद नेता हैं. वहीं, तमिलनाडु में एआईडीएमके के दो सांसदों ने और मिजोरम, असम और लक्षद्वीप के एक-एक सांसद ने अपने नामांकन में पैन डिटेल पेश नहीं की.

क्यों नहीं देते पैन नंबर?
चार्टेड अकाउंटेंट सौरभ जैन के मुताबिक पैन नंबर का संबंध अक्सर सिर्फ इनकम टैक्स रिटर्न से जोड़कर देखा जाता है लेकिन ऐसा नहीं है. पैन आपका परमानेंट अकाउंट नंबर है और सिर्फ इस एक नंबर के जरिये आपके हर बैंक अकाउंट, पैसे की लेन-देन, संपत्ति और टैक्स रिटर्न का पता लगाया जा सकता है. अक्सर जब लोग कुछ ख़ास बैंक अकाउंट, ट्रांजेक्शन या फिर संपत्ति छुपाना चाहते हैं तब एक से ज्यादा पैन बना लेते हैं या फिर चुनाव आयोग जैसी अथॉरिटी से पैन की डिटेल साझा करने से कतराते हैं.

क्या कहता है चुनाव आयोग
चुनाव आयोग की प्रवक्ता शेफाली बी सरन के मुताबिक सभी नेताओं को नोटिस जारी किया जा चुका है. आपको बता दें कि भारतीय कानून के अनुसार चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार चुनाव आयोग में अपने आपराधिक रिकॉर्ड और संपत्ति के ब्यौरे के साथ अपना आमदनी का स्रोत भी बताना होता है. इसी के तहत पैन नंबर की डिटेल भी अनिवार्य है. कानून में प्रावधान है कि अगर चुनाव आयोग को उम्मीदवार द्वारा दी गई जानकारी गलत पाई जाती है तो पीपल्स एक्ट, 1951 के अनुसार नेता को मौजूदा पद से हाथ धोना पड़ सकता है. पैन कार्ड की डिटेल न देने के मामले में भी ये कार्रवाई की जा सकती है.

कहां-कहां ज़रूरी है पैन
पैन नंबर प्रमुख रूप से चार जगह ज़रूरी है- टैक्स रिटर्न में, सौदों में, बैंक अकाउंट खुलवाने में और किसी भी तरह के भुगतान में. ऐसे सभी लोग, जो इनकम टैक्स भरने लायक आमदनी पाते हैं सैलेरी, बिजनेस या अन्य लाभ वगैरह सभी को मिलाकर उन्हें टैक्स भरना पड़ता है. इसके बाद इनकम टैक्स रिटर्न के माध्यम से ये सरकार को भी सौंपना होता है. ये दोनों काम PAN के बिना नहीं किये जा सकते हैं. किसी भी बैंक से कुछ भी ट्रांजेक्शन के लिए या फिर खाता खुलवाने से लेकर कैश जमा करने तक हर कामकाज में पैन की जरूरत पड़ती है. लोन लेने के लिए भी पैन अनिवार्य है. क्रेडिट या डेबिट कार्ड हासिल करने के लिए पैन नंबर ज़रूरी होता है.

7 चरणों में होगा चुनाव
लोकसभा चुनाव 11 अप्रैल से शुरू होकर 19 मई तक सात चरणों में संपन्न कराए जाएंगे जबकि मतगणना 23 मई को होगी. चुनाव आयोग के मुताबिक इस बार 21वीं सदी में जन्मे 1.5 करोड़ वोटर पहली बार अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने वाले हैं. ऐसे में जिन लोगों ने अभी तक भी अपने वोटर लिस्ट में नाम नहीं जुड़वाया है 20 मार्च तक उनके लिए आखिरी मौका है. यानी कि अगर आपको लोकसभा चुनाव-2019 में वोट डालना है तो 20 मार्च वोटर लिस्ट में नाम लिखवाने के लिए आखिरी डेट है.

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First published: March 11, 2019, 11:33 AM IST
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स्रोत: स्वास्थ्य मंत्रालय, भारत सरकार
अपडेटेड: April 10 (08:00 AM)
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स्रोत: जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी, U.S. (www.jhu.edu)
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