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कश्मीर: परिवार ने डाले 5 वोट, बदले में आतंकियों ने बुजुर्ग को मारी 5 गोलियां

News18Hindi
Updated: May 21, 2019, 5:00 PM IST
कश्मीर: परिवार ने डाले 5 वोट, बदले में आतंकियों ने बुजुर्ग को मारी 5 गोलियां
जम्माल की फाइल फोटो

पुलिस ने कहा कि आतंकी जमाल की हत्या के जरिए इलाके के लोगों में डर पैदा करना चाहते हैं. हालांकि, किसी भी आतंकी संगठन ने अभी तक इस घटना की जिम्मेदारी नहीं ली है.

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आकाश हसन

लोकतंत्र के महापर्व में मतदान का प्रयोग करना सबका अधिकार है. इसके लिए निर्वाचन आयोग लोगों को जागरूक करता ही है. साथ ही साथ राजनीतिक दल भी प्रचार-प्रसार के दौरान मतदाताओं से बढ़-चढ़ कर मतदान करने की अपील करते हैं.

लोकसभा चुनाव 2019 कई अच्छी-बुरी घटनाओं के लिए याद किया जाएगा. नेताओं की बयानबाजी से इतर हिंसा की घटनाओं ने भी लोकतंत्र के इस त्योहार में खलल डालने की कोशिश की. इसी हिंसा से जुड़ी एक खबर जम्मू-कश्मीर से आई है. राज्य स्थित कुलगाम के जंगलपोरा में पीडीपी के कार्यकर्ता मोहम्मद जमाल यह जानते थे कि इस बार वोट डालना मुश्किल होगा इसके बावजूद उनका परिवार मतदान करने गया.

गांव में केवल सात वोट डले

29 अप्रैल को मतदान वाले दिन जमाल की तबीयत ठीक नहीं थी ऐसे में वह वोट डालने नहीं जा सके, लेकिन उन्होंने यह सुनिश्चित करने की पूरी कोशिश की कि उनका परिवार मताधिकार का इस्तेमाल करे. उनके गांव में 500 घर हैं लेकिन केवल सात वोट ही डाले गए. इनमें पांच वोट सिर्फ जमाल के घर से थे.

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जमाल के परिवार ने बताया कि खराब परिस्थितियों में भी वह शांतिपूर्वक मतदान कर लौटे थे. लेकिन ये शांति बहुत दिन तक बरकरार नहीं रह सकी. जमाल को पांच गोलियां मारी गईं. दो गोलियां पेट में, दो उनके दोनों बाजुओं पर और एक उनकी नाक पर. यह घटना बीते रविवार यानी 19 मई को पेश आई. इफ्तारी के डेढ़ घंटे बाद हुई इस घटना से जमाल के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.परिवार के वोट देने पर मारी गोली

जमाल के रिश्तेदार तारिक अहमद भट ने बताया कि उन्हें इसलिए गोली मारी गई क्योंकि चुनाव में उनके परिवार ने वोट किया था. उन्होंने कहा, 'उनकी (जमाल) हत्या के पीछे सिर्फ एक ही कारण है कि उनके परिवार ने मतदान किया जबकि और घरों के लोग नहीं गए.' भट ने कहा कि यह आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच की लड़ाई है. एक शख्स जिसकी अपनी राजनीतिक समझ है उसे इस तरह से मार नहीं दिया जाना चाहिए.'

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पुलिस ने कहा कि आतंकियों ने जमाल की हत्या इसलिए की है ताकि अगले चुनावों के लिए लोगों के बीच इलाके में भय बना रहे. हालांकि, किसी भी आतंकी संगठन ने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली.
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First published: May 21, 2019, 2:19 PM IST
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