ANALYSIS: यह मोदी का अपना वोट बैंक!

इस चुनाव में बीजेपी ने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के नारे अबकी बार 300 पार को चरितार्थ करते हुए 303 का आंकड़ा छू लिया. जीत के पीछे असली मैजिक क्या है, इसको समझने के लिए आम चुनावों में सभी दलों के प्रचार को समझना पड़ेगा.

Anil Rai | News18Hindi
Updated: May 24, 2019, 1:06 PM IST
ANALYSIS: यह मोदी का अपना वोट बैंक!
इस चुनाव में बीजेपी ने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के नारे अबकी बार 300 पार को चरितार्थ करते हुए 303 का आंकड़ा छू लिया. जीत के पीछे असली मैजिक क्या है, इसको समझने के लिए आम चुनावों में सभी दलों के प्रचार को समझना पड़ेगा.
Anil Rai
Anil Rai | News18Hindi
Updated: May 24, 2019, 1:06 PM IST
देश की राजनीति में 2019 के लोकसभा चुनावों ने बहुत कुछ बदल दिया है. पहली बार कोई गैर कांग्रेसी दल लागातार दो बार स्पष्ट बहुमत में आया, इस चुनाव में बीजेपी ने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के नारे अबकी बार 300 पार को चरितार्थ करते हुए 303 का आंकड़ा छू लिया. जीत के पीछे असली मैजिक क्या है, इसको समझने के लिए आम चुनावों में सभी दलों के प्रचार को समझना पड़ेगा.

देश के चुनाव में विरोधी दलों के नेताओं का भाषण देखें तो उनका हमला सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी पर था और ये हमला इतना तेज था की कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने तो चौकीदार चोर है तक नारा दे दिया. ऐसे में देश के मतदाताओं के सामने सिर्फ एक मुद्दा था मोदी के साथ या मोदी के खिलाफ. इस लड़ाई के बाद देश में एक बड़ा वोट बैंक उभरता हुआ दिखा और वो वोट बैंक था मोदी का, आम तौर पर मतदाता किसी पार्टी के साथ होता या किसी पार्टी के खिलाफ लेकिन पहली बार देश का मतदाता मोदी के साथ था .



15 राज्यों में 50 फीसदी से ज्यादा वोट
उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात, राजस्थान, झारखंड, छत्तीसगढ़, हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गोवा, अरुणाचल प्रदेश और चंडीगढ़ ये 13 ऐसे राज्य हैं जहां बीजेपी ने 50 फीसदी से ज्यादा वोट हासिल किया, इनमें कुछ राज्यों में तो बीजेपी को 60 फीसदी से ज्यादा वोट मिले, गठबंधन के साथियों का वोट शेयर जोड़ लें तो महाराष्ट्र और बिहार में भी ये आंकड़ा 50 फीसदी पार कर जाएगा. इन राज्यों में लोकसभा सीटों की संख्या देखें तो ये 329 होती है, पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में भी जहां 30 फीसदी से ज्यादा मुस्लिम आबादी है वहां बीजेपी को 40 फीसदी से ज्यादा वोट और 42 में 18 सीटें मिलीं. ओडिशा में भी बीजेपी 38 फीसदी वोट पाने में कामयाब रही.

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देश के दो राज्य आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु को छोड़ दें तो बीजेपी बाकि राज्यों में भी 10 फीसदी से ज्यादा वोट बैंक पाने में कामयाब रही. यानी जो पार्टी 282 सीटें पाने के बाद भी 2014 में पूरे देश की पार्टी नहीं मानी जाती थी वो पार्टी 2019 में 303 सीटों के साथ पूरे देशा की पार्टी बन गई, साफ है इस चुनाव में जाति, धर्म और क्षेत्रवाद तोड़ते हुए एक नया वोटर पैदा हुआ है और वो वोटर है मोदी का वोटर.

ब्रांड मोदी ने जाति धर्म की दीवार तोड़ी
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वरिष्ठ पत्रकार अंबिकानंद सहाय की माने तो देश में मोदी वोटर इस चुनाव में बहुत तेजी से बढ़ा है, ऐसे लोगों ने इस चुनाव में बीजेपी को वोट दिया जिनको अपने उम्मीदवार तक का का नाम मालूम नहीं था उन्होंने सिर्फ मोदी को नाम पर वोट दिया और उसमें युवा और पहली बार वोट बने मतदाताओं की संख्या सबसे ज्यादा थी. सहाय कहते हैं कि 'वर्तमान राजनीति में मोदी इज ओनली हीमैन.'

अंबिकानंद सहाय की मानें तो प्रधानंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी कई भाषणों में अपनी जाति का उल्लेख कर बीजेपी को उस दौर से आगे बढ़ा दिया जहां वह ब्राह्मण और बनिया की पार्टी कही जाती थी अब बीजेपी हर वर्ग और जाति की पार्टी है यहां तक कि तीन तलाक जैसी सामाजिक बुराई को खत्म कर अल्पसंख्यक वोटों का एक हिस्सा अपने नाम कर लिया. मोदी मैजिक का ही असर है कि तमाम जातिगत पार्टियों से गठबंधन करने के बाद भी उनकी जाति को वोट मोदी विरोधियों को नहीं मिला बल्कि वो वोट मोदी के नाम पर बीजेपी के साथ आया.

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