लोकसभा चुनाव 2019 : पश्चिम बंगाल में हिंसा, सांसद की गाड़ी पर पथराव, पेड़ से टंगा मिला बीजेपी कार्यकर्ता का शव

Second Phase of Voting for Lok Sabha Elections 2019: दूसरे चरण के मतदान को लेकर पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में तनाव के हालात हैं। दार्जिलिंग में बीजेपी और त्रिणमूल के कार्यकर्ताओं की भिड़ंत के बाद पुलिस ने छोड़े आंसू गैसे के गोले

News18Hindi
Updated: April 18, 2019, 4:46 PM IST
लोकसभा चुनाव 2019 : पश्चिम बंगाल में हिंसा, सांसद की गाड़ी पर पथराव, पेड़ से टंगा मिला बीजेपी कार्यकर्ता का शव
सांसद सलीम की गाड़ी, जिस पर पत्‍थराव किया गया.
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Updated: April 18, 2019, 4:46 PM IST
दूसरे चरण के मतदान के दौरान पश्चिम बंगाल के कई इलाकों से भारी हिंसा की खबरें हैं. इस दौरान रायगंज में सीपीआई (एम) सांसद मोहम्मद सलीम की गाड़ी पर इस्लामपुर में हमला कर दिया गया. इस दौरान उनकी गाड़ी पर पत्‍थरबाजी की गई. सलीम इस दौरान पोलिंग स्टेशन जा रहे थे. हमले में सलीम के कुछ चोट भी आई है.

सलीम ने कहा कि ‌त्रिणमूल के लोगों की भीड़ इस्लामपुर के पतागारा पोलिंग स्टेशन से 100 मीटर की दूरी पर जमा हो रही थी और वह वोटर्स को प्रभावित कर रहे थे. जैसे ही मैंने वहां पहुंचने की कोशिश की उन लोगों ने मेरी गाड़ी पर हमला कर दिया. सलीम ने इस दौरान पुलिस पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि जिस समय हमला हो रहा था उस समय पुलिस मूक दर्शक बनी देख रही थी. उन्होंने कहा कि त्रिणमूल बूथ कैप्चर करवाना चाह रही है ऐसे में आम वोटर्स को रोका जा रहा है.

वहीं दार्जिलिंग में लोगों ने एनएच 31 को ब्लॉक कर दिया है. लोगों की मांग है कि जल्द से जल्द सभी पोलिंग स्टेशन पर सीआरपीएफ के जवानों को तैनात किया जाए. इस संबंध में लोगों ने पुलिस से शिकायत भी की है. चोपरा गांव के लोगों का आरोप है त्रिणमूल के कार्यकर्ता उन्हें परेशान कर सकते हैं ऐसे में उन्हें खतरा है और वे केवल स्‍थानीय पुलिस के रहते अपना वोट नहीं देंगें. गौरतलब है कि चोपरा गांव के ही कोटगाच पोलिंग बूथ पर बीजेपी और त्रिणमूल के कार्यकर्ताओं की भीड़ंत में एक ईवीएम मशीन टूट गई. पुलिस को मामले पर काबू पाने के लिए आंसू गैस के गोले दागने पड़े. इसके साथ ही एक क्रूड बम बरामद होने के बाद भी इलाके में दहशत फैली हुई है. सुरक्षा दस्ता मामले की जांच कर रहा है.
पुरलिया के सेनाबाना गांव में एक बीजेपी कार्यकर्ता का शव पेड़ से टंगा मिला. कार्यकर्ता की पहचान शिशुपाल के तौर पर हुई है.

गौरतलब है कि बीजेपी ने दार्जिलिंग सीट 2009 और 2014 के चुनावों में अपने ही नाम की थी. चाय बगानों के कर्मचारियों ने इस जीत में बड़ी भूमिका निभाई थी. ऐसा ही जलपाईगुड़ी में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला था. इधर जलपाईगुड़ी में ही कुछ बूथों पर ईवीएम खराब होने की भी शिकायतें आई हैं.
First published: April 18, 2019, 4:36 PM IST
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