वाघेला का आरोप- गोधरा की ही तरह बीजेपी की साजिश था पुलवामा हमला

वाघेला का आरोप- गोधरा की ही तरह बीजेपी की साजिश था पुलवामा हमला
एनसीपी नेता और गुजरात के पूर्व सीएम शंकर सिंह वाघेला ने बीजेपी पर चुनाव जीतने के लिए साजिश रचने का आरोप लगाया है.

गुजरात के पूर्व सीएम ने कहा कि बीजेपी चुनाव जीतने के लिए षड्यंत्र रच रही है. अपने दावे को साबित करने के लिए कहा, पुलवामा हमले में इस्तेमाल वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर गुजरात का था.

  • Share this:
गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री शंकरसिंह वाघेला ने आरोप लगाया है कि 14 फरवरी को पुलवामा में हुआ हमला गोधरा की तरह बीजेपी की साजिश का हिस्सा था. उन्होंने अपने आरोप को साबित करने के लिए कहा कि पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हमले के लिए इस्तेमाल की गई गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर गुजरात का ही था. बता दें कि पुलवामा हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे.

ये भी पढ़ें: मसूद अजहर के ग्‍लोबल आतंकी घोषित होने पर बोले PM मोदी- यह तो अभी शुरुआत है

एनसीपी नेता वाघेला ने कहा कि गोधरा कांड बीजेपी का बड़ा षड्यंत्र था. उसके बाद गुजरात के माहौल को खराब किया गया. राज्य में सांप्रदायिक दंगे हुए. समाज दो हिस्सों में बंट गया. अब केंद्र की मोदी सरकार आतंकवाद को चुनाव जीतने के हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रही है. पिछले पांच साल के दौरान देश में कई जगह आतंकी हमले हुए हैं. वहीं, बालाकोट में की गई भारतीय वायुसेना की कार्रवाई में कोई आतंकी नहीं मारा गया. अब तक कोई अंतरराष्ट्रीय एजेंसी यह साबित नहीं कर पाई है कि बालाकोट हमले में 200 आतंकी मारे गए. बालाकोट हमला भी बीजेपी की सुनियोजित साजिश थी. लोगों को दिखाया गया कि हमला किया गया है और आतंकियों की मौत हुई है, जबकि ऐसा कुछ भी नहीं हुआ.



ये भी पढ़ें: ये वही दिग्गी राजा हैं, जो जाकिर नाइक के दरबार में जाकर उसकी तारीफ करते नहीं थकते थे : पीएम मोदी
वाघेला ने कहा कि पुलवामा हमले से पहले ही सरकार को अलर्ट मिल गया था. फिर भी इसे रोकने या नाकाम करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. ये हमला होने दिया गया. इसके अलावा अगर आपके पास बालाकोट को लेकर जानकारी थी तो पहले ही हमला क्यों नहीं किया गया. आप पुलवामा जैसे किसी हमले का इंतजार क्यों कर रहे थे? आपको पहले ही आतंकी प्रशिक्षिण शिविरों पर हमला कर उन्हें खत्म कर देना चाहिए था.

एनसीपी नेता ने आरोप लगाया कि इस पूरी साजिश में बीजेपी शामिल थी. ये सब समाज को बांटकर चुनाव जीतने के लिए किया गया. बीजेपी का गुजरात मॉडल पूरी तरह से फेल हो चुका है. बीजेपी नेता अपनी ही पार्टी से नाराज हैं. उन्हें लगता है कि वे बंधुआ मजदूर हैं. गुजरात की 26 लोकसभा सीटों पर 23 अप्रैल को मतदान हो चुका है. सातों चरणों के मतदान के बाद 23 मई को मतगणना होगी.

एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी WhatsApp अपडेट्स
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading