जीत के बाद बोले मोदी- हमारे लिए संविधान सर्वोच्च, विरोधियों को भी साथ लेकर चलेंगे

उन्होंने वोटरों और कार्यकर्ताओं को धन्यावाद देते हुए कहा कि आप लोगों ने इस फकीर की झोली भर दी. ये है पीएम मोदी के संबोधन की बड़ी बातें...

News18Hindi
Updated: May 24, 2019, 3:34 PM IST
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Updated: May 24, 2019, 3:34 PM IST
शानदार जीत के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने बीजेपी मुख्यालय से कार्यकर्ताओं को संबोधित किया. उन्होंने वोटरों और कार्यकर्ताओं को धन्यावाद देते हुए कहा कि आप लोगों ने इस फकीर की झोली भर दी. ये हैं पीएम मोदी के संबोधन की बड़ी बातें...

1. 'आज देश के कोटि-कोटि नागरिकों ने इस फ़कीर की झोली को भर दिया. मैं भारत के 130 करोड़ नागरिकों का सिर झुकाकर नमन करता हूं'



2. 'मैं लोकतंत्र के उत्सव में लोकतंत्र की खातिर, जिन-जिन लोगों ने बलिदान दिया है, जो घायल हुए हैं, उनके पारिवारजनों के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं. लोकतंत्र के इतिहास में लोकतंत्र के लिए मरना, आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा.'

3.  'इस चुनाव में मैं पहले दिन से कहा रहा था कि ये चुनाव कोई दल नहीं लड़ रहा है, कोई उम्मीदवार नहीं लड़ रहा है, कोई नेता नहीं लड़ रहा है... ये चुनाव देश की जनता लड़ रही है.'

4. आज कोई विजयी हुआ है तो हिंदुस्तान विजयी हुआ है, लोकतंत्र विजयी हुआ है, जनता-जनार्दन विजयी हुई है. इस लोकसभा चुनाव में जो विजयी हुए हैं, उन सभी विजेताओं को मैं हृदयपूर्वक बधाई देता हूं.'

5. 'दो से दोबारा आने तक इस यात्रा में अनेक उतार-चढ़ाव आए हैं. दो थे तब भी निराश नहीं हुए, दोबारा आए तब भी अपनी नम्रता, आदर्श नहीं छोड़ेंगे.'

6. 'ये विजय उस बीमार व्यक्ति की है जो 4-5 साल से पैसों की कमी के कारण अपना उपचार नहीं करा पा रहा था और आज उसका उपचार हो रहा है. ये उसके आशीर्वाद की विजय है. ये विजय उन बेघरों की है जो जीवन भर कच्चे मकान में रहे और आज अपने पक्के घर में रह रहे हैं.'
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7. 'ये विजय देश के उन किसानों की है, जो पसीना बहाकर राष्ट्र का पेट भरने के लिए अपने को परेशान करता रहता है. ये उन 40 करोड़ असंगठित मजदूरों की विजय है, जिन्हें पेंशन योजना लागू करके सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिला है.'

8. ये 21वीं सदी है, ये नया भारत है. ये विजय मोदी की विजय नहीं है. ये देश में ईमानदारी के लिए तड़पते हुए नागरिक की आशा-आकांक्षा की विजय है. यह 21वीं सदी के सपनों को लेकर चल पड़े नौजवान की विजय है.

9. 2014 से 2019 तक आते-आते सेक्‍युलरिज्‍म की जमात ने बोलना बंद कर दिया. इस चुनाव में एक भी राजनीतिक दल सेक्‍युलरिज्‍म का नकाब पहनकर जनता को गुमराह नहीं कर पाया. अब 2024 के पहले देश को ऊपर लेकर जाना है.

10. अब देश में सिर्फ दो जाति ही रहने वाली हैं और देश इन दो जातियों पर ही केंद्रित होने वाला है. 21वीं सदी में भारत में एक जाति है गरीब और दूसरी जाति है देश को गरीबी से मुक्त कराने के लिए कुछ न कुछ योगदान देने वालों की. अब यही दो जातियां देश में रहेंगी.

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