Exit Poll Results 2019 Today: कुछ ही देर में ख़त्म हो जाएगी वोटिंग, News18-IPSOS एग्जिट पोल देगा सबसे सटीक नतीजे

Lok Sabha Election 2019, Exit Poll Results 2019 today: News18-IPSOS आपके लिए सबसे सटीक एग्जिट पोल लेकर आ रहा है. लोकसभा चुनावों के नतीजों से पहले एग्जिट पोल आपको इस बात की झलक दिखा देंगे कि आखिर 23 मई 2019 को नतीजे किस दिशा में जा सकते हैं.

News18Hindi
Updated: May 19, 2019, 3:56 PM IST
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Updated: May 19, 2019, 3:56 PM IST
लोकसभा चुनाव 2019 के आखिरी चरण का मतदान बस कुछ ही देर में ख़त्म होने जा रहा है. इसी के साथ इन लोक्सबह चुनावों के तहत सभी प्रत्याशियों का चुनावी भविष्य EVM में कैद हो जाएगा. वोटों की गिनती 23 मई को होगी, लेकिन उससे पहले हर किसी की निगाह एग्जिट पोल पर टिकी है. सातवें और आखिरी दौर की वोटिंग खत्म होते ही News18-IPSOS आपके लिए सबसे सटीक एग्जिट पोल लेकर आ रहा है.

ये एग्जिट पोल्स आपको बतायेगा कि कांग्रेस और बीजेपी इन चुनावों में कैसा प्रदर्शन करेंगे. दोनों बड़ी पार्टियों के आलावा ये एग्जिट पोल बताएगा कि सपा, बसपा, टीएमसी, आरएलडी, आरजेडी, टीडीपी, डीएमके, एआईएडीएमके, टीआरएस, बीजेडी, सीपीएम, जेडीयू, जेडीएस, सीपीआई, पीडीपी और एनसी और आप इन चुनावों में कैसा प्रदर्शन करने जा रहे हैं.



आप तक बेहद सटीक नतीजों की तस्वीर पहुंचाने के लिए हमने हर सीट का बारीकी से विश्लेषण किया. मौजूदा दौर में वोटरों का मिजाज़ जानने के लिए हमने नतीजों को हर पैमाने पर जांचा परखा.

एग्जिट पोल का खास तरीका



लोकसभा चुनाव 2019 में 542 सीटों के लिए वोटिंग हुई है. हमने सटीक नतीजों के लिए बड़ा सैंपल साइज रखा है. यानी यहां ज्यादा से ज्यादा सीटों पर ज्यादा से ज्यादा वोटरों की राय जानने की कोशिश की गई है.

सटीक फीडबैक को एडवांस तरीके का इस्तेमाल


वोटर्स से इंटरव्यू की प्रक्रिया, वोटिंग शुरू होने के साथ शुरू की गई और यह तब तक चलती रही जब तक यह सुनिश्चित नहीं कर लिया गया कि हमारे पास वोटर्स का बेहतर रिप्रेजेंटेशन हो चुका है. इसमें हमने हर टाइम क्लस्टर के वोटर्स को रखा. हर पोलिंग बूथ को एक घंटे के लिए तीन इंटरव्यू लेने वालों के जरिए कवर किया गया. उसके बाद वो अगले पोलिंग स्टेशन की ओर चले गए. हर इंटरव्यू कंप्यूटर से जुड़ी पर्सनल इंटरव्यूइंग (सीएपीआई) डिवाइस से लिया गया.
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किसी भी तरह के पूर्वाग्रह या खास झुकाव से बचने के लिए, हमने एक स्क्रीन पर उस इलाके में चुनाव लड़ रही मुख्य पार्टी समेत सियासी दलों के चुनाव चिह्न एक स्क्रीन पर दिखाए. जब हमने वोटिंग संबंधित सवाल पूछे तो एक वर्चुअल पोलिंग बूथ का दृश्य भी तैयार किया गया, इसमें वोटर्स को एक डाटा कैप्चरिंग डिवाइस से उस पार्टी को मार्क करने की अनुमति थी, जिसे उन्होंने वोट किया.

उनसे जो भी सवाल पूछे गए, वो वहां की स्थानीय भाषा में थे, खास तौर पर उस भाषा में जो उस राज्य में बोली जाती हो. एकत्रित डाटा में वोटिंग क्षेत्र की प्रोफाइल उम्र, लिंग, जाति, धर्म और वोटरों को आधार बनाया गया.

बड़ा सैंपल साइज़


- 542 में 199 संसदीय सीटों का चयन किया गया.
- इसके लिए हमने 28 राज्यों में फैली 199 संसदीय सीटों के 796 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया.
- 4776 पोलिंग स्टेशनों पर वोटरों से बात की गई.
- हर बूथ पर करीब 25 वोटर्स से बातचीत की गई. हमने अलग इलाकों के पोलिंग बूथ पर आए वोटर्स से सवाल पूछे.
- इस तरह 199 संसदीय सीटों पर कुल 1,21,542 मतदाताओं का इंटरव्यू किया गया.
हमने पोलिंग केंद्रों पर कई स्टेज में सैंपलिंग प्रोसेस का तरीका अपनाया. यह पूरी प्रक्रिया चार चरण में पूरी की गई.

पहला चरण- सीट चयन


सीटों का चयन पिछले चुनावों में उस सीट पर परिणाम के आधार पर किया गया.
- वो सीटें जहां एक पार्टी पिछले दो या तीन चुनावों से जीत रही हो.
- वो सीटें जहां जीत का अंतर कम रहा हो.
- वो सीटें जहां हर चुनाव के अलग परिणाम आते रहे हों.
- वो सीटें जहां दिग्गज उम्मीदवार चुनाव में खड़े हों.

दूसरा चरण- विधानसभा चयन


हर संसदीय क्षेत्र में चार से छह विधानसभा इलाके छांटे गए. इसमें सिस्टमेटिक रैंडम सैंपलिंग (एसआरएस) प्रोसेस का इस्तेमाल किया गया

तीसरा चरण- छह पोलिंग स्टेशन


हर विधानसभा इलाके में छह पोलिंग स्टेशन छांटे गए, जिसमें सिस्टमेटिक रैंडम सैंपलिंग प्रोसेस का इस्तेमाल हुआ.

चौथा चरण- वोटर्स का रैंडम सलेक्शन


वोटर्स को पोलिंग स्टेशन के बाहर रैंडम तरीके से छांटा गया. हमने वोट देकर बाहर आते हर तीसरे वोटर को चुना.

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