Lok Sabha Election Results 2019: तेलंगाना में हिंदू वोटरों ने तोड़ दिया मुख्यमंत्री KCR का सपना!

पिछले साल दिसंबर में दो-तिहाई बहुमत से विधानसभा चुनाव जीतने वाले केसीआर की पार्टी टीआरएस लोकसभा चुनाव में 17 में से नौ सीटें जीती. टीआरएस को कड़ी चुनौती देने वाली बीजेपी ने पहली बार अपने दम पर चार सीटों पर भगवा लहराया.

News18Hindi
Updated: May 24, 2019, 12:25 PM IST
Lok Sabha Election Results 2019: तेलंगाना में हिंदू वोटरों ने तोड़ दिया मुख्यमंत्री KCR का सपना!
केसीआर राव
News18Hindi
Updated: May 24, 2019, 12:25 PM IST
लोकसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत हासिल करने वाली बीजेपी को तेलंगाना में मिली उल्लेखनीय सफलता ने भी बड़ी खुशी दी है. 17 लोकसभा सीटों वाले इस राज्य में पार्टी ने चार सीटों पर जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस को तीन सीटें मिलीं. सबसे ज्यादा नौ सीटें मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की तेलंगाना राष्ट्र समिति यानी टीआरएस को मिली. हालांकि पिछले साल दिसंबर में दो-तिहाई बहुमत से विधानसभा चुनाव जीतने वाले केसीआर के लोकसभा चुनाव में बड़ी जीत दर्ज करने के सपने को हिंदू वोटरों ने तोड़ दिया.

राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, इन लोकसभा चुनावों में बीजेपी के उल्लेखनीय प्रदर्शन और टीआरएस के कम हुए दबदबे की वजह हिंदू वोटरों का प्रभाव रहा है. आमतौर पर ये हिंदू वोट टीआरएस और कांग्रेस के बीच बंट जाते थे, लेकिन इस बार इसका सीधा फायदा बीजेपी को होता दिखा. इसके अलावा मतदाताओं ने यह संदेश देने की कोशिश भी की है कि राज्य में उसे टीआरएस की सरकार से परहेज नहीं है, लेकिन देश में वह बहुमत वाली सरकार ही चाहते हैं.



राव की बेटी को भी मिली हार
टीआरएस के दबदबे को मिली चुनौती से ज्यादा हैरान करने वाली बात राज्य में बीजेपी का प्रदर्शन है. बीजेपी तेलंगाना में इससे पहले बिना गठबंधन के कोई भी लोकसभा सीट नहीं जीत सकी थी, यहां तक कि प्रदेश में मुख्य मुकाबला कांग्रेस और टीआरएस के बीच ही होता था. विधानसभा चुनावों में भी हालात अलग नहीं थे. मगर दिलचस्प बात है कि इतने लोकप्रिय मुख्यमंत्री के राज्य में उनकी ही बेटी कविता को लोकसभा चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ा. और वह भी बीजेपी उम्मीदवार मधु याश्की के हाथों. इससे संकेत मिल रहा है कि राज्य में बीजेपी की स्वीकार्यता बढ़ रही है.

...ओवैसी भी पिछड़ गए थे कुछ समय के लिए
बीजेपी को मिले हिंदू वोटरों के समर्थन का ही असर है कि हैदराबाद पर मजबूत पकड़ रखने वाले एआईएमआईएम के मुखिया असादुद्दीन ओवैसी भी इस बार कुछ समय के लिए पिछड़ गए थे. और खास बाते ये है कि उन्हें चुनौती देने वाला बीजेपी का उम्मीदवार था, कांग्रेस का नहीं.

तेलंगाना में बीजेपी ने जीती ये सीटें
Loading...

करीमनगर, निजामाबाद, सिकंदराबाद, अदिलाबाद.

लोकसभा चुनाव परिणाम 2019: मोदी के ये सात 'ब्रह्मास्त्र', जिनके आगे ढेर हुआ पूरा विपक्ष

एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...