लोकसभा चुनाव 2019: पूर्व चुनाव आयुक्त कुरैशी ने दिया कांग्रेस-आप के आरोपों का जवाब

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Updated: March 10, 2019, 3:29 PM IST
लोकसभा चुनाव 2019: पूर्व चुनाव आयुक्त कुरैशी ने दिया कांग्रेस-आप के आरोपों का जवाब
पूर्व चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी (फ़ाइल फोटो)

आम आदमी पार्टी और कांग्रेस की तरफ से लोकसभा चुनाव की तारीखों में देरी पर उठाए जा रहे सवालों का पूर्व चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने जवाब दिया है.

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चुनाव आयोग आज शाम लोकसभा चुनाव 2019 की तारीखों का ऐलान कर सकता है. लोकसभा चुनाव के साथ ही आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा और सिक्किम विधानसभा चुनावों का ऐलान भी किया जा सकता है. लोकसभा के चुनाव 7 से 8 चरणों में हो सकते हैं, 2004 के लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान भी रविवार को ही किया गया था. उधर आम आदमी पार्टी और कांग्रेस की तरफ से तारीखों में देरी पर उठाए जा रहे सवालों का पूर्व इलेक्शन कमिश्नर एसवाई कुरैशी ने जवाब दिया है.

देर हुई है पर अब भी वक़्त
पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त डॉ. एसवाई कुरैशी ने चुनाव की तारीखों को लेकर मचे बवाल के बीच ट्विटर पर बीते चुनावों के शेड्यूल से संबंधित एक आंकड़ा शेयर किया है. इस आंकड़े के मुताबिक, 2004 में अधिसूचना 29 फरवरी, 2009 में अधिसूचना 2 मार्च और 2014 में 5 मार्च को अधिसूचना जारी हुई थी. ऐसे में देखा जाए तो इस बार चुनाव आयोग की अधिसूचना में थोड़ी देरी हुई है.



कुरैशी के मुताबिक, 2004 में 1 जून, 2009 में 30 मई, 2014 में 3 जून को लोकसभा का कार्यकाल खत्म हुआ था. इस बार 2 जून को लोकसभा का कार्यकाल खत्म हो रहा है. 2004 में चुनाव 20 अप्रैल से लेकर 10 मई के बीच 4 चरणों में, 2009 में 16 अप्रैल से लेकर 13 मई के बीच पांच चरणों में और 2014 में 7 अप्रैल से लेकर 12 मई के बीच नौ चरणों में चुनाव संपन्न हुआ था. कुरैशी ने माना है कि हर साल के मुकाबले इस बार थोड़ी देरी ज़रूर हुई है लेकिन अब भी वक़्त बचा हुआ है.

आप-कांग्रेस ने उठाए सवाल
चुनाव आयोग के प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले तमाम राजनीतिक दलों की ओर से प्रतिक्रिया आने लगी है. आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने ट्विटर पर लिखा, 'क्या चुनाव आयोग भाजपा कार्यालय से संचालित होता है? 2014 में 5 मार्च को चुनाव की घोषणा हुई, 5 दिनों में मोदी जी ने कई रैली, सभा कर लिया, आज गाजियाबाद का भाषण के बाद चुनाव की घोषणा, आचार संहिता के बाद पोस्टर तो उतारने ही पड़ेंगे अब आप कह रहे हैं भाजपा सेना के शौर्य का इस्तेमाल न करें.'



उधर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने खुशी जाहिर की. उन्होंने कहा, 'तारीखों का ऐलान कीजिए और अच्छी लड़ाई लड़ने दें.'



वहीं कांग्रेस भी लोकसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान में देरी को लेकर चुनाव आयोग पर लगातार निशाना साध रही है. विपक्ष का कहना है कि यह देरी इसलिए की जा रही है, ताकि सरकार आचार संहिता लागू होने से पहले कुछ घोषणा कर सके. वहीं चुनाव आयोग के अधिकारियों ने इस आरोप से साफ़ इनकार कर दिया है. कांग्रेस के सीनियर लीडर अहमद पटेल ने ट्वीट कर यह भी दावा किया कि सरकार अपने आखिरी मिनट तक सरकारी पैसों का उपयोग अपने प्रचार के लिए करने की कोशिश कर रही है. साथ ही उन्होंने पूछा पूछा, 'क्या चुनाव आयोग आम चुनाव के लिए तिथियों की घोषणा से पहले प्रधानमंत्री के 'आधिकारिक' यात्रा कार्यक्रमों के पूरा होने का इंतजार कर रह है?'




अहमद पटेल ने दावा किया, 'सरकारी कार्यक्रमों का इस्तेमाल राजनीतिक सभाओं, टीवी/रेडियो एवं प्रिंट पर राजनीतिक विज्ञापनों लिए हो रहा है. ऐसा लग रहा है कि चुनाव आयोग सरकार को पूरी छूट दे रहा है कि वह आखिरी मिनट तक पैसे का उपयोग करे.'

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First published: March 10, 2019, 2:16 PM IST
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