कब थमेगा लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस में इस्तीफों का दौर?

कब थमेगा लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस में इस्तीफों का दौर?
सोनिया गांधी और राहुल गांधी की फाइल फोटो

लोकसभा चुनाव 2019 में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस पार्टी के नेताओं में इस्तीफे देने की हड़बड़ाहट तेज हो गई है. राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से लेकर प्रदेश स्तर के नेताओं में भी इस्तीफे देने की होड़ मची हुई है.

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लोकसभा चुनाव 2019 में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस पार्टी में नेताओं द्वारा इस्तीफा देने की हड़बड़ाहट तेज हो गई है. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से लेकर प्रदेश स्तर के नेताओं में भी इस्तीफा देने की होड़ मची हुई है. हालांकि, अभी तक न ही राहुल गांधी और न ही किसी प्रदेश अध्यक्ष का इस्तीफा स्वीकार हुआ है.

कांग्रेस पार्टी ने इस लोकसभा चुनाव में 52 सीटें हासिल की हैं. 2014 के लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस पार्टी को 44 सीटों पर जीत हासिल हुई थी. पार्टी को इस बार के लोकसभा चुनाव में बेहतर करने की उम्मीद थी, लेकिन उसकी उम्मीदों पर मोदी लहर ने एक बार फिर से पानी फेर दिया.

राहुल ने ली हार की नैतिक जिम्मेदारी
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी लोकसभा में बुरी हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफे की पेशकश की थी, लेकिन कांग्रेस कार्यसमिति ने इसे अस्वीकार कर दिया. कांग्रेस कार्यसमिति में राहुल गांधी के अलावा यूपीए प्रमुख सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और कार्यसमिति के अन्य सदस्य शामिल होते हैं.



राहुल गांधी प्रार्थना करते हुए (फाइल फोटो)




राज बब्बर ने भेजा इस्तीफा
अगर बात करें उत्तर प्रदेश की तो यहां पर भी प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर ने अपना इस्तीफा कांग्रेस आलाकमान को भेज रखा है. यूपी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद राज बब्बर ने अपना इस्तीफा सौंपा है, हालांकि वह पहले भी कई बार अपना इस्तीफा शीर्ष नेतृत्व को सौंप चुके हैं. हर बार उनका इस्तीफा अस्वीकार कर दिया जाता था.

उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर (फाइल फोटो)


यूपी विधानसभा के दौरान भी प्रशांत किशोर के हस्तक्षेप से नाराज होकर राज बब्बर ने इस्तीफे की पेशकश की थी, जिसे प्रियंका गांधी के हस्तक्षेप के बाद सुलझाया गया था. राज बब्बर ने इस बार भी अपने इस्तीफे में हार की जिम्मेदारी कबूली है. कांग्रेस पार्टी ने उत्तर प्रदेश में सिर्फ रायबरेली की सीट ही जीती है. यहां से सोनिया गांधी ने चुनाव लड़ा था.

कर्नाटक कांग्रेस के प्रमुख ने दिया इस्तीफा
राजबब्बर के अलावा कर्नाटक कांग्रेस के अभियान प्रमुख एचके पाटिल ने भी अपना इस्तीफा आलाकमान को भेज दिया है. पाटिल का इस्तीफा भी अभी तक स्वीकार नहीं किया गया है.  इससे पहले ओडिशा कांग्रेस प्रमुख निरंजन पटनायक ने भी इस्तीफा दे दिया था.

सुनील जाखड़ भी उसी राह पर
पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष और इस लोकसभा चुनाव में गुरदासपुर संसदीय सीट से बीजेपी के सनी देओल से हारने वाले सुनील जाखड़ ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. सुनील जाखड़ ने हार के तुरंत बाद ही उसकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपना इस्तीफा राहुल गांधी को भेज दिया था, लेकिन वो अब तक इस्तीफा मंजूर नहीं किया गया है.

पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष और गुरदासपुर संसदीय सीट से उम्मीदवार सुनील जाखड़ (फाइल फोटो)


कमलनाथ के इस्तीफे की थी खबर!
ऐसी खबरें भी चली थीं कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने भी अपना इस्तीफा राहुल गांधी को भेज दिया है. कमलनाथ इस चुनाव में अपने बेटे की छिंदवाड़ा सीट के अलावा और कोई सीट नहीं बचा पाए. लेकिन बाद में पार्टी की तरफ से ही इस खबर को भ्रामक बताया गया. राज्य मीडिया सलाहकार नरेंद्र सलूजा ने कहा था कि कमलनाथ की तरफ से इस्तीफे की पेशकश नहीं की गई है.

झारखंड में भी हुई दुर्गति
इसी तरह झारखंड में भी पार्टी की बड़ी दुर्गति हुई है. पूर्व आईपीएस अधिकारी और झारखंड कांग्रेस के अध्यक्ष अजय कुमार ने भी प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है. झारखंड की 14 सीटों पर कांग्रेस-जेएमएम का प्रदर्शन उम्मीद से काफी कम रहा. झारखंड में भी प्रदर्शन राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की तरह ही रहा. जबकि कहा जा रहा था कि कांग्रेस काफी बढ़िया प्रदर्शन करेगी. राज्य की 14 सीटों में से कांग्रेस को सिर्फ एक सीट पर जीत नसीब हुई.

झारखंड कांग्रेस के अध्यक्ष अजय कुमार (फाइल फोटो)


महाराष्‍ट्र कांग्रेस के अध्‍यक्ष ने भी त्यागा पद
महाराष्‍ट्र कांग्रेस के अध्‍यक्ष अशोक चव्‍हाण ने भी अपने पद से इस्‍तीफा दे दिया है. अशोक चव्हाण खुद नांदेड़ सीट से चुनाव हार गए हैं. नांदेड़ सीट कांग्रेस पार्टी का गढ़ रही है. महाराष्ट्र में अब कांग्रेस की सीटों की संख्या घटकर मात्र एक रह गई है. इस लोकसभा चुनाव में काग्रेस के सुरेश धनोड़कर चंद्रपुर से जीते हैं. बता दें कि राज्य में लोकसभा की 48 सीटें हैं जो कि उत्तर प्रदेश की 80 सीटों के बाद से सबसे अधिक सीटें हैं. इस चुनाव में कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन मिलकर लड़ रहे थे.

महाराष्‍ट्र कांग्रेस के अध्‍यक्ष अशोक चव्‍हाण (बीच में) . -फाइल फोटो 


कई जिलाध्यक्षों का हुआ इस्तीफा
कांग्रेस के कई पीसीसी अध्यक्ष के अलावा कई जिलाध्यक्षों और मंत्रियों ने भी अपने पद से इस्तीफा दिया है. राजस्थान कांग्रेस के दिग्गज नेता और कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने भी मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है. लालचंद कटारिया ने सीएम अशोक गहलोत के माध्यम से राज्यपाल को अपना इस्तीफा भिजवाया. राजस्थान में पार्टी के खराब प्रदर्शन की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए कटारिया ने हार कबूल की है. कटारिया अपने बूथ और झोटवाड़ा में हार से व्यथित थे.

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ (फाइल फोटो)


देशव्यापी मोदी लहर में बीजेपी ने राजस्थान में लगातार दूसरी बार 25 की 25 सीटों पर कब्जा जमाया है. कांग्रेस का यहां पर लगातार दूसरे लोकसभा चुनाव में सूपड़ा साफ हो गया.

कुल मिलाकर इस लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी की करारी हार के बाद यूपी कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर, झारखंड पीसीसी अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार, ओडिशा कांग्रेस समिति के अध्यक्ष निरंजन पटनायक, ओडिशा कांग्रेस कैंपेन कमिटी के अध्यक्ष भक्त चरण दास, कर्नाटक कांग्रेस कैंपेन कमेटी के अध्यक्ष एचके पाटिल, पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष सुनील जाखड़ समेत कई छोटे-बड़े नेताओं ने इस्तीफा दिया है, हालांकि अभी तक किसी का भी इस्तीफा स्वीकार नहीं  किया गया है.

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