लोकसभा: फिर पास हुआ तीन तलाक बिल, पक्ष में पड़े 303 वोट, विरोध में केवल 82

सरकार ने इस बिल को लेकर दावा किया है कि तीन तलाक का विधेयक मुस्लिम महिलाओं को लिंग समानता प्रदान करेगा और न्‍याय सुनिश्चित करेगा.

News18Hindi
Updated: July 25, 2019, 7:33 PM IST
लोकसभा: फिर पास हुआ तीन तलाक बिल, पक्ष में पड़े 303 वोट, विरोध में केवल 82
सरकार ने इस बिल को लेकर दावा किया है कि तीन तलाक का विधेयक मुस्लिम महिलाओं को लिंग समानता प्रदान करेगा और न्‍याय सुनिश्चित करेगा.
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Updated: July 25, 2019, 7:33 PM IST
लोकसभा के मानसून सत्र में गुरुवार को ट्रिपल तलाक बिल पेश किया गया. बिल पर दिन भर बहस चली और शाम को यह बिल लोकसभा में पास हो गया. इस बिल के पक्ष में 303 और विपक्ष में 82 वोट पड़े. कांग्रेस, डीएमके, एनसीपी, टीडीपी और जेडीयू ने इस बिल का विरोध किया था.

यह बिल पिछली लोकसभा में ही पास हो गया था, लेकिन राज्‍यसभा ने इस बिल को वापस कर दिया था. 16वीं लोकसभा का कार्यकाल खत्‍म होने के बाद मोदी सरकार कुछ बदलावों के साथ इस बिल को दोबारा लेकर आई. इसके साथ ही संसदीय कार्य मंत्री ने सत्र को 7 अगस्‍त तक बढ़ाने की मांग की थी. जिसके बाद लोकसभा स्‍पीकर की अनुमति से इसे 7 अगस्‍त तक बढ़ा दिया गया है.

इसके पीछे सरकार का तर्क था कि 17 विधेयक लंबित हैं और भारी संख्‍या में सरकारी कामकाज बाकी है. ऐसे में संसद सत्र की अवधि बढ़ाए जाने की जरुरत है.

बिल पर चर्चा का प्रस्ताव वोटिंग के बाद पास

लोकसभा में तीन तलाक बिल को विचार के लिए पेश करने के लिए वोटिंग कराई गई. जिसमें इसके पक्ष में 303 और विपक्ष में 82 वोट पड़े. इसके साथ ही बिल को पेश करने का प्रस्‍ताव पारित हो गया. अब बिल पर संशोधन पर वोटिंग हो रही है. ओवैसी द्वारा लाए गए संशोधन को लोकसभा में ध्‍वनिमत से खारिज कर दिया गया. ओवैसी का दूसरा संशोधन भी खारिज हो गया.



तीन तलाक बिल पर वोटिंग
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लोकसभा में दिन भर चली तीन तलाक बिल पर बहस के बाद अब वोटिंग हो रही है. सभी सदस्‍य पर्चियों के जरिए प्रस्‍ताव के पक्ष या विपक्ष में अपना वोट दर्ज कराएंगे.

रविशंकर प्रसाद- बदलाव का असर दिखेगा

कानून मंत्री ने कहा कि चुनाव में हमें मुस्लिमों का वोट कम ही मिलता है लेकिन जब जीतते हैं तो सबका साथ सबका विकास की बात करते हैं. अपराध करने पर मुआवजा देने के प्रावधान पर सवाल उठाए गए, लेकिन जब मुस्लिम पति जेल जाता है, तो यह सवाल क्‍यों नहीं उठता है.

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि हिंदू धर्म में भी ऐसे बदलाव किए गए, अब जिसका असर भी दिख रहा है. कुप्रथाएं बंद हो गई हैं. पीड़ित महिलाएं क्या स्टेक होल्डर नहीं हैं, सिर्फ उन्हें ही इसका हक है. मुस्लिम महिलाएं इस सदन की ओर आज बड़ी उम्‍मीद से देख रही हैं. इसलिए इस बिल को सभी मिलकर पारित करें.



प्रसाद ने कहा कि जो लोग इस बिल का विरोध कर रहे हैं, वे बताएं कि मुस्लिम महिलाओं के लिए उन्‍होंने क्‍या किया है. बधाई देते हुए प्रसाद ने कहा कि इस कानून के बाद हमारी ईद और 15 अगस्‍त आज ही है. यह सवाल धर्म, वोट और पूजा का नहीं, बल्कि नारी न्‍याय, गरिमा और सम्‍मान का है.

कानून मंत्री ने कहा कि ऐसा कौन सा धर्म है तो बेटियों के साथ नाइंसाफी करने के लिए कहता है. संविधान में हर धर्म के लिए कानून है फिर चाहते हिंदू हो या पारसी. अगर कोई कानूनी तौर पर तलाक देता है, तो इससे किसी को दिक्‍कत नहीं है. अगर लोग नियमों का पालन करेंगे तो उन्‍हें अपराधी नहीं कहा जाएगा.

तीन तलाक से नहीं टूटेगी शादी

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि इस बिल के अनुसार पत्‍नी को सुनने के बाद बेल पर फैसला इसलिए लिया जाएगा क्‍योंकि उससे समझौता का अवसर खुलेगा. अगर कोई उस वक्‍त तीन तलाक न देने की बात कबूलेगा तो उसे छोड़ दिया जाएगा. अगर वे अपने तीन तलाक पर कायम रहता है, तो जेल में रहेगा. उन्‍होंने कहा कि तीन तलाक पर शादी नहीं टूटती है, इसलिए जेल में सजा काटते हुए भी पति को गुजारा भत्‍ता देने का प्रावधान किया गया है.



 

तीन तलाक पर कांग्रेस के पैर डगमगा रहे- प्रसाद

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि इस सदन में महिला अधिकारों से जुड़े कानून पहले भी पारित हो चुके हैं. दहेज कानून सभी धर्मों में लागू होते हैं, यह कानून कांग्रेस लेकर आई थी. उन्‍होंने कहा कि शाहबानों के मामले में कांग्रेस के कदम क्‍यों डबमगाने लगते हैं. जबकि 400 से ज्‍यादा का संख्‍याबल था.

प्रसाद ने कहा कि तीन तलाक को तो गलत बताते हैं, लेकिन, साथ ही वोट बैंक की चिंता भी करते हैं. तीन तलाक बिल पर फिर कांग्रेस के पांव हिल रहे हैं. शरिया वाले देशों ने भी तीन तलाक को बैन किया है, हम तो संक्‍युलर देश हैं.

रविशंकर प्रसाद बोले- पैगम्‍बर साहब ने भी इसे गलत माना

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि पैगम्‍बर साहब ने भी तीन तलाक को गलत माना था. उन्‍होंने कहा कि ओवैसी साहब अगर पीडि़त महिलाओं के हक में बात करते तो अच्‍छा लगता. क्‍योंकि मैं उन्‍हें इस्‍लाम का जानकार मानता हूं.

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के दो जजों ने तीन तलाक को गलत बताया और एक ने कहा कि अगर कुरान में गलत है तो कानून में कैसे सही माना जा सकता. संसद को किसी बिल पर कानून लाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशे की जरुरत नहीं है. संसद कानून लाने में सक्षम है. मोदी सरकार तीन तलाक बिल की पीडि़त महिलाओं के साथ खड़ी रहेगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह फैसला किया है.



रविशंकर प्रसाद बोले- मैं मोदी सरकार का कानून मंत्री

लोकसभा में तीन तलाक बिल पर चर्चा के दौरान कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि पीडि़त महिलाएं पुलिस के पास जाती थीं, लेकिन पुलिस के पास कार्रवाई का हक नहीं है. ऐसी महिलाओं को क्‍या सड़क पर छोड़ दें. उन्‍होंने कहा कि मैं मोदी सरकार का कानून मंत्री हूं राजीव गांधी का कानून मंत्री नहीं.

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि अगर 1986 में ही यह काम हो गया होता तो आज इस बिल की जरुरत ही नहीं पड़ती. इसमें भी समझौते का विकल्‍प खुला हुआ है. हमनें हिंदुओं पर जब आपराधिक कानून बनाया तो किसी को दिक्‍कत क्‍यों नहीं हुई? दहेज और घरेलू हिंसा के लिए भी कानून है.

तीन तलाक पर सदन में तीसरी बार चर्चा

तीन तलाक बिल पर कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सदन के सभी सदस्‍यों का आभार जताया. उन्‍होंने कहा कि यह बिल महिलाओं के लिए लाया गया है. इसलिए महिला सदस्‍यों को विशेष आभार जताता हूं. उन्‍होंने कहा कि यह बिल मुस्लिमों के लिए इसलिए लाया गया, क्‍योंकि तीन तलाक केवल वहीं है. कहीं और होता तो उनके लिए भी लाया जाता. सदन को इस बिल पर तीसरी बार चर्चा करनी पड़ रही है. उन्‍होंने कहा कि कुछ लोग कानून की निगरानी में नहीं, बल्कि कानून को रोकने के लिए यहां पर हैं.



टीडीपी सांसद बोले- सभी कानून बराबर होने चाहिए

लोकसभा में तीन तलाक बिल पर चर्चा के दौरान टीडीपी सांसद जयदेव गल्‍ला ने कहा कि इस बिल को कोर्ट भी गलत बता चुका है. सभी के लिए बराबर कानून होना चाहिए. क्‍या हिंदू को भी तलाक पर जेल भेजा जाएगा. अगर ऐसा नहीं तो क्‍या ये कानून केवल मुस्लिमों के लिए है. चर्चा के दौरान बीजेपी सांसद अपराजिता सारंगर ने भी इस बिल पर सरकार को बधाई दी.

पूनम महाजन बोलीं- महिलाओं को सशक्‍त बनाने के लिए यह बिल

तीन तलाक बिल पर बीजेपी सांसद पूनम महाजन ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी महिलाओं को सशक्‍त बनाने के लिए यह बिल लेकर आए हैं. समय के साथ ही धार्मिक विचारों में भी बदलाव आना चाहिए. हिंदू धर्म में भी ऐसे कई बदलाव किए गए हैं.

उन्‍होंने कहा कि इस बिल में भी बुरा न सहने के बारे में सिखाया गया है. छोटी छोटी बातों पर तलाक देने के कई मामले सामने आए हैं. आज तलाक को जमाक बना दिया गया है. अब इसे रोकना जरुरी है. सरकार से पिछले पेंडिंग मामलों को भी इस कानून के अंतर्गत लाने की मांग की.



ओवैसी बोले- तीन तलाक बिल महिलाओं के खिलाफ

तीन तलाक पर एआईएमआईएम के सांसद असदु्द्दीन ओवैसी ने कहा कि यह बिल मुस्लिम महिलाओ के पक्ष में नहीं है. यह कानून मुस्लिम महिलाओं के खिलाफ जुर्म करेगा. इस्‍लाम में 9 तरह के तलाक होते हैं. इस कानून के अनुसार अगर आप शौहद को गिरफ्तार करेंगे तो खातून को मेंटेनेंस कौन देगा. शौहद जेल में बैठकर मेंटेनेंस कैसे देगा?

ओवैसी ने कहा कि इस बिल में तीन तलाक को अपराध बना दिया है. कोर्ट ने समलैंगिकता को गैर अपराधिक बना दिया है, ऐसे में आप तीन तलाक को अपराध बनाकर नया हिन्दुस्तान बनाने जा रहे हैं. उन्‍होंने कहा कि तीन तलाक अगर गलती से कहा जाए तो शादी नहीं टूटती और यही सुप्रीम कोर्ट भी कह रहा है. इस कानून के जरिए सरकार मुस्लिम औरतों पर जुर्म कर रही है.



लोकसभा में ओवैसी ने कहा कि पति की गिरफ्तारी के बाद क्‍या कोई शौहर पत्‍नी को मुआवजा दे पाएगा. अगर पति जेल चला जाएगा तो क्‍या औरत तीन साल तक उसका इंतजार करती रहे. उस औरत से शादी से निकलने का हक मिलना चाहिए.

उन्‍होंने कहा कि बेल देने का हक केवल कोर्ट को है. लेकिन हत्‍या में भी पीड़ित को नहीं सुना जाता है. तीन तलाक बिल लाकर सरकार शादी खत्‍म कर रही है और औरत को सड़क पा ल रही है. मुस्लिमों को तहजीब से दूर करने के लिए यह बिल लाया गया है.

उन्‍होंने कहा कि इस्‍लाम में शादी जन्‍म-जन्‍म का साथ नहीं होता है. केवल एक कांन्‍ट्रैक्‍ट होता है. एक जिंदगी के लिए. हम उसमें खुश हैं. इसकी तकलीफ सबको मालूम है. तभी सदन में बैठे सभी लोग हंस रहे हैं.



आज़म खान का विरोध

लोकसभा में ट्रिपल तलाक बिल पर बहस के दौरान आजम खान की बातों पर हंगामा मच गया. उन्होंने महिला स्पीकर रामा देवी पर पर्सनल कमेंट कर दिए. रविशंकर प्रसाद ने कहा कि 19 साल के उनके सदन के अनुभव में आज तक किसी भी सदस्य ने अध्यक्ष पद पर बैठे किसी सदस्य से, विशेषतौर पर महिला सदस्य के साथ इस तरह का बर्ताव नहीं किया है.

जेडीयू ने बिल का विरोध किया 

एनडीए की सहयोगी जेडीयू ने तीन तलाक बिल का विरोध किया है. जेडीयू के नेता राजीव रंजन सिंह ने कहा कि तीन तलाक बिल समाज के एक खास वर्ग के मन में अविश्वास की भावना पैदा करेगा. उन्होंने कहा, ''हड़बड़ी में कोई काम करने की जरूरत नहीं है. आपसी कानून को बनाकर पति-पत्नी के रिश्ते को तय नहीं कर सकते. तलाक को कोई भी पसंद नहीं करेगा, आपको कानून बनाने के बजाए उस समुदाय के लिए जन-जागृति पैदा करना चाहिए.


विपक्ष को वोट बैंक खिसकने का डर: नक़वी

अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने लोकसभा में ट्रिपल बिल पर अपनी बात रखते हुए कहा कि जो लोग इस बिल के विरोध में है वो इस पर अपना तर्क दें न कि कुतर्क. उन्होंने ये भी कहा कि कुछ लोगों को इस बिल के समर्थन से वोट बैंक खिसकने का डर सता रहा है लेकिन ये बिल सुधार के साथ है, आपके उधार के साथ नहीं है. उन्होंने कहा, '' गलतफहमी में न रहें कि तीन तलाक बिल राज्यसभा में पास नहीं हो पाएगा''.

इस तरह के बिल का हम विरोध करते हैं: सुदीप बंदोपाध्याय

तृणमूल कांग्रेस के सांसद सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा वो इस बिल के हक़ में नहीं है. उन्होंने कहा, ''अगर आप यहां पास करा लेंगे तो राज्यसभा में बिल को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा. ऐसे में इस बिल को स्टैंडिंग कमेटी के पास भेजा जाए''.

पहले ऑनर किलिंग पर कानून बनाए बीजेपी : कनिमोझी
तीन तलाक बिल का विरोध करते हुए डीएमके सांसद कनिमोझी ने कहा केंद्र सरकार को इस बिल को पास कराने की इतनी जल्दी क्यों है. इस बिल को लाकर देश में बंटवारे का संदेश जा सकता है. अभी तक केंद्र सरकार ने महिला आरक्षण को लेकर कुछ भी नहीं किया है. महिलाओं के हक में बात करने वाले पहले महिला आरक्षण बिल लेकर आएं. कनिमोझी ने कहा कि क्या आपने कभी ऑनर किलिंग को लेकर बिल लाने की सोची है. ऑनर किलिंग को लेकर अभी तक क्या कानून बना है. बीजेपी नेता आजादी की बात करते हैं लेकिन आज के हालात ऐसे हैं कि देश के खाने, पहनने की आजादी नहीं है.

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मीनाक्षी लेखी और अखिलेश यादव के बीच हुई बहस
तीन तलाक बिल के दौरान बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी और सपा मुखिया अखिलेश यादव के बीच तीखी बहस हो गई. मीनाक्षी लेखी ने यूपी में तीन तलाक बिल के बढ़ते मामलों के लिए अखिलेश सरकार को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि आपकी सरकार में शरिया अदालतें चलती रहीं, जिसके कारण तीन तलाक के मामले लगातर बढ़ते रहे. उन्होंने कहा कि पता नहीं आप कैसे मुख्यमंत्री थे. इस पर अखिलेश यादव ने आपत्ति जताते हुए लोकसभ अध्यक्ष से अपनी बात कहने की इजाजत मांगी लेकिन उन्हें बोलने नहीं दिया गया.

तीन तलाक बिल में किए गए बदलाव
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हम पहले जब इस बिल को लेकर आए थे तब कुछ आशंकाएं थी. बिल से जुड़ी सभी आशंकाओं को दूर कर दिया गया है. अब पीड़ित और उसके रिश्तेदार ही केस कर सकते हैं, बेल के लिए मजिस्ट्रेट को अधिकार दिए हैं लेकिन पीड़ित के सुनवाई के बाद ही ऐसा हो सकता है.

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मुसलमान पुरुषों के हक में नहीं है बिल : एनके प्रेमचंद्रन
तीन तलाक बिल का विरोध करते हुए केरल के एनके प्रेमचंद्रन ने कहा कि यह बिल क्रिमिनल ज्युरिसप्युडेंस के मूलभूत सिद्धांतों का विरोध करता है. यह बिल केवल मुसलमान पुरुषों को पीड़ित करने का जरिया है. उन्होंने कहा कि जब तीन तलाक का आरोपी पति जेल में होगा तो वह पत्नी और बच्चों को गुजारा भत्ता कैसे देगा. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला अपने आप में एक कानून है इसलिए इसके लिए कानून की जरूरत नहीं है. यह बिल महिलाओं और पुरुषों के हक में नहीं है.

भारत में एक ही संविधान है : मीनाक्षी लेखी
तीन तलाक बिल पर चर्चा करते हुए बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी ने कहा कि किसी के घर के अंदर भले ही खुद का कानून चलता हो लेकिन घर के बाहर एक ही कानून चलता है वो है भारत का संविधान. मीनाक्षी लेखी ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष इस बात को लेकर परेशान है कि आखिर प्रधानमंत्री मोदी मुस्लिम महिलाओं का हितैषी कैसे हो सकता है. उन्होंने कहा कि धार्मिक कानून गलत हैं, इस सोच को बदलने की जरूरत है. लेखी ने कहा कि बाबा साहब भी हिन्दू कानूनों को रोकना चाहता थे और बाद में इसी वजह से उन्होंने कांग्रेस छोड़ी. लेखी ने कहा कि पीएम मोदी हिन्दुस्तान के प्रधानमंत्री होने का हक अदा कर रहे हैं जो नेहरू के बाद राजीव गांधी ने नहीं अदा किया था. विपक्ष मानता है कि हिन्दू पीएम मोदी मुस्लिम महिलाओं का भाई नहीं हो सकता.

 

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First published: July 25, 2019, 6:45 AM IST
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