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कोविड की दूसरी लहर में भी डट कर लड़े लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, सभी सांसदों को लिखेंगे खत

कोरोना की दूसरी लहर आने के बाद सबसे पहले ओम बिरला ने कोटा-बूंदी कोविड हेल्पलाइन शुरू की.

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला अब तमाम लोकसभा सासदों को चिठ्ठी भी लिखने वाले हैं. ओम बिरला लोकसभा के सभी सांसदों को अपने लोकसभा क्षेत्रों मे कोरोना काल के दौरान हुए अनुभवों को साझा करने के लिए कहेंगे.

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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला इन दिनों खासे व्यस्त हैं. इस कोरोना काल में जब पूरा संसद भवन बंद पड़ा है, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के कार्यालय में काम काज अनवरत चलता नजर आ रहा है. खुद ओम बिरला हर रोज सुबह 11 बजे संसद भवन जा कर अपने कार्यालय में बैठ रहे हैं. कोरोना की अब तक की सबसे मुश्किल दूसरी लहर में ओम बिरला ने हर रोज लोकसभा में जा कर काम काज निपटने और नए संसद भवन के निर्माण कार्य का हाल जानने को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना रखा है.

एक सांसद होने के नाते उन्हें अपने लोकसभा क्षेत्र कोटा का तो ध्यान रखा ही लेकिन बतौर लोकसभा स्पीकर उन्होंने साबित कर दिया कि राजनीतिक की भावना से उपर उठते हुए केन्द्र और राज्य सरकारों के बीच कोरोना जैसी कठिन परिस्थितियों के बीच ओम बिरला ने एक सेतु की भूमिका निभायी. लोकसभा के तमाम सांसदों के साथ साथ ओम बिरला राज्यों की विधानसभाओं के पीठासीन अधिकारियों से भी लगातार संपर्क में रहे. यहां तक की राज्यों के विधायकों से भी सीधा संपर्क कर उनके इलाके का भी हाल जाना.

ओम बिरला सभी सांसदों को लिखेंगे खत
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला अब तमाम लोकसभा सासदों को चिठ्ठी भी लिखने वाले हैं. ओम बिरला लोकसभा के सभी सांसदों को अपने लोकसभा क्षेत्रों मे कोरोना काल के दौरान हुए अनुभवों को साझा करने के लिए कहेंगे. लोकसभा अध्यक्ष चाहते हैं कि सभी सांसद अपने उन अनुभवों को साझा करें जो उनके लोकसभा क्षेत्रों में कोरोना के खिलाफ जंग में काम आए. सांसदों के अनुभव और अनोखे प्रयोग जो सफल रहे उन्हें लोकसभा अध्यक्ष के कार्यालय भेजने को कहा जाएगा. ओम बिरला चाहते हैं कि इन अनुभवों को एक बुकलेट बना कर पूरे देश के साझा भी किया जाएगा और अगले मानसून सत्र में अनोखे प्रयोग कर सफल होने वाले सांसदों को विशेष रुप से बोलने की अनुमति भी दी जाएगी. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला कहते हैं कि सांसदों द्वारा किए गए ये सफल प्रयोग प्रेरणा भी देंगे और आने वाले दिनों में आपदा से जूझने में खासी मदद करेंगे.

कोटा में कोरोना से अनाथ हुए बच्चों के लिए निशुल्क शिक्षा एवं कोचिंग

लोकसभा अध्यक्ष बिरला का संसदीय क्षेत्र कोटा है जो 12वीं के बाद की प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिए कोचिंग का देश का सबसे बड़ा केन्द्र है. इसलिए ओम बिरला ने कोटा में मेडिकल व आईआईटी प्रवेश परीक्षा की तैयारी करने आए कोचिंग विद्यार्थियों का ख्याल तो रखा ही और साथ ही उन्हें घर पहुंचने तक उनका अभिभावक की तरह ध्यान रखा. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 19 मई को संसदीय क्षेत्र के स्कूल संचालकों तथा कोचिंग प्रबंधन के साथ वीडियो काॉफ्रेंसिंग की. इसके बाद ओम बिरला के आव्हान पर कोचिंग प्रबंधन ने निर्णय लिया कि देश भर के ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता या परिवार के कमाने वाले सदस्य की कोरोना के कारण मृत्यु हो गई है, यदि वे मेडिकल या इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए कोटा आते हैं तो उनको निशुल्क कोचिंग दिलवाई जाएगी.

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उनके आवास की व्यवस्था भी की जाएगी. स्कूल संचालकों द्वारा संसदीय क्षेत्र कोटा-बूंदी के ऐसे बच्चे जो स्कूल में पढ रहे हैं उनको निशुल्क शिक्षा दिलवाई जाएगी तथा उनकी किताबों व यूनीफार्म की व्यवस्था भी की जाएगी.

कोटा में कोरोना की लहर थामने के लिए हर गांव तक पहुंचे
कोरोना की दूसरी लहर आने के बाद सबसे पहले ओम बिरला ने कोटा-बूंदी कोविड हेल्पलाइन शुरू की. उनके दिल्ली स्थित कार्यालय तथा कोटा स्थित कैंप कार्यालय में 24 घंटे चलने वाली इस हेल्पलाइन में कोई भी कोविड रोगी फोन कर मदद की मांग कर सकता है. कार्यालय में लोगों के आग्रह को नोट कर न सिर्फ उन पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है बल्कि उस पर काम करने के बाद आग्रह करने वालों को बताया भी जाता है. ओम बिरला बताते हैं कि उन्होंने कोटा के हजारों घरों में निशुल्क दवा किट बंटवाई है. ओम बिरला के लोकसभा क्षेत्र कोटा में ये काम 16 अप्रैल से चल रहा है. ऐसे रोगी जिनके पास दवा खरीदने के पैसे नहीं हैं या जिनके पास कोई सेवा करने वाला नहीं है तो वे हेल्पलाइन पर फोन कर दवा के लिए कह सकते हैं. कोटा-बूंदी सहित सम्पूर्ण कोटा संभाग को ऑक्सीजन उपलब्धता के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए ओम बिरला ने 8 ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना की जिसके लिए उन्होने केंद्र और राज्य सरकार से आनन फानन में स्वीकृति दिलाई.

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ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों में जन जागरण करने तथा कोविड रोगियों को उचित उपचार प्राप्त करने में सहायता करने के उद्देश्य से कोटा-बूंदी संसदीय क्षेत्र के प्रत्येक वार्ड और 281 ग्राम पंचायतों में 3 से 5 सदस्यों वाली स्वास्थ्य कोरोना योद्धा सैनिकों की टीमों का गठन किया गया है. इन टीमों को पल्स ऑक्सीमीटर, थर्मोमीटर, मास्क, ग्लब्ज और सेनेटाइजर उपलब्ध करवाए गए हैं. यह स्वास्थ्य कोरोना योद्धा सैनिक डोर टू डोर बेसिस पर आक्सीजन का स्तर नाप रहे हैं, बुखार का माप कर रहे हैं. यदि किसी व्यक्ति में लक्ष्ण दिख रहे हैं तो उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर दिखा रहे हैं तथा दवा भी दिलवा रहे हैं.

जो दवा नहीं मिल रही हैं उनकी व्यवस्था कर रहे हैं. गंभीर कोविड रोगियों को आक्सीजन युक्त एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल या अन्य नजदीकी बड़े अस्पताल पहुंचा रहे हैं. इसके अलावा जनजागरण का काम भी कर रहे हैं. कोटा-बूंदी में 24 से अधिक स्थानों, खास कर ग्रामीण क्षेत्रों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर कंसंट्रेटर की सुविधा निशुल्क उपलब्ध करवा दी गई है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी राहत मिली है.


संकटमोचक की भूमिका में नजर आ रहे ओम बिरला

अगर कोरोना के चलते कोटा लोकसभा क्षेत्र में कोई परिवार अपना कमाने वाला खोता है तो ओम बिरला ने ऐलान किया है कि ऐसे परिवारों की विवाह योग्य बेटियों की शादी भी जनसहयोग से करवाई जाएगी. जाहिर है कोरोना की दूसरी लहर की विषम परिस्थितियों में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला संकट मोचक की भूमिका निभा रहे हैं. साथ ही केंद्र व राज्य सरकार के बीच एक मजबूत सेतू की भूमिका निभा रहे हैं. ओम बिरला लगातार राज्यों की विधानसभा के पीठासीन अधिकारियों से संपर्क में हैं और राज्य सरकार की ओर से भेजे गए मंत्रिमंडलीय प्रतिनिधिमंडल की केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात करवाने में अहम भूमिका अदा की. ओम बिरला कहते हैं कि इस संक्रमण काल में जो भी विषय उनके संज्ञान में लाया जा रहा है वो उसे पूरी संवेदनशीलता के साथ उस पर आवश्यक कार्यवाही कर रहे हैं.