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लोकसभा चुनाव 2019: ओवैसी बोले- रमजान में वोट डालकर 'शैतान' को हराएंगे मुसलमान, बेवजह है विवाद

News18Hindi
Updated: March 13, 2019, 3:10 PM IST

असदुद्दीन ओवैसी ने इस विरोध को पूरी तरह नाजायज़ बताते हुए इसे कोरी राजनीति करार दिया है.

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  • Last Updated: March 13, 2019, 3:10 PM IST
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लोकसभा चुनाव 2019 के लिए चुनावों की तारीखों का एलान होते ही एक नया विवाद भी खड़ा हो गया है. कई राजनीतिक पार्टियों और लखनऊ ईदगाह के इमाम व शहर काज़ी मौलाना खालिद रशीद फरंगी ने कहा है कि 6 मई से 19 मई के बीच होने वाले लोकसभा चुनाव के दौरान रोज़ेदार मुसलमानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा. ऐसे में रमजान के दौरान इलेक्शन की तारीख तय करने से पहले सलाह-मशविरा करना चाहिए था. उधर एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने इस विरोध को पूरी तरह नाजायज़ बताते हुए इसे कोरी राजनीति करार दे दिया है.

क्या बोले ओवैसी ?
ओवैसी ने साफ कहा है कि रमजान के दौरान मतदान की तारीखों को लेकर जो विवाद खड़ा किया जा रहा है वो बेमतलब का है, इसकी कोई वजह ही नहीं है. ये तो साफ़ है कि मुसलमान रमजान में ज़रूर रोज़े रखते हैं लेकिन इससे उनकी सामान्य जिंदगी पर कोई फर्क नहीं पड़ता है. लोग ऑफिस जाते हैं और गरीब से गरीब भी इस दौरान उपवास करता है.

 




ओवैसी ने कहा, 'मेरा मानना है कि रमजान में तो मुसलमान पहले से ज्यादा वोट करेंगे क्योंकि बाकी कामों से वो ज्यादा आज़ाद रहेंगे.' उन्होंने साथ ही कहा कि मैं सभी राजनीतिक पार्टियों और संगठनों से अपील करता हूं इस मामले को लेकर राजनीति न करें.

 



मौलाना खालिद रशीद फरंगी ने जताया एतराज
बता दें कि लखनऊ ईदगाह के इमाम व शहरकाजी मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने 6 मई से 19 मई के बीच होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर कड़ी नाराजगी जताई है. मौलाना फरंगी महली ने कहा है कि 5 मई को मुसलमानों के सबसे पवित्र महीने माहे रमजान का चांद देखा जाएगा. मौलाना ने कहा कि अगर चांद दिख जाता है तो 6 मई से रोजा शुरू हो जाएगा. रोजा के दौरान देश में 6 मई, 12 मई व 19 मई को मतदान होगा. जिससे देश के करोड़ों रोजेदारों को परेशानी होगी. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को देश के मुसलमानों का ख्याल रखते हुए चुनाव कार्यक्रम तय करना चाहिए था. फरंगी महली ने इन तारीखों पर पुनर्विचार करने की मांग चुनाव आयोग से की है.

सियासत हुई तेज
तारीखों के ऐलान के बाद वोटिंग से ज्यादा रमज़ान पर सियासत तेज हो गई है. बंगाल से लेकर बिहार और यूपी से लेकर दिल्ली तक चुनाव और रमज़ान पर बयानबाजी हो रही है. विपक्षी नेता कह रहे हैं कि रमज़ान में वोटिंग होने से मुसलमानों को परेशानी होगी. वहीं बीजेपी नेता शाहनवाज का कहना है कि रोज़े में क्या मुसलमान जरूरी काम नहीं करते. लेकिन हाल ही में हुए उपचुनाव कुछ और ही कहानी बयां करते हैं. ये दोनों ही चुनाव रमज़ान में हुए थे. हालांकि ये पहला मौका है जब आम चुनाव के लिए रमज़ान में वोट डाले जाएंगे.

बयान कुछ भी हों, लेकिन आंकड़े ये कहते हैं
बीते साल पश्चिमी यूपी में लोकसभा की एक सीट कैराना और विधानसभा की एकसीट नूरपुर पर उपचुनाव हुए थे. ये दोनों सीट गवाह हैं कि रमज़ान होने के बाद भी सुबह से शाम तक लोग वोट देने के लिए डटे रहे थे. गौरतलब रहे कि दोनों ही सीट पर मुस्लिम वोटों की संख्या ज्यादा है.

7 चरणों में होगा चुनाव
लोकसभा चुनाव 11 अप्रैल से शुरू होकर 19 मई तक सात चरणों में संपन्न कराए जाएंगे जबकि मतगणना 23 मई को होगी. चुनाव आयोग के मुताबिक इस बार 21वीं सदी में जन्मे 1.5 करोड़ वोटर पहली बार अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने वाले हैं. ऐसे में जिन लोगों ने अभी तक भी अपने वोटर लिस्ट में नाम नहीं जुड़वाया है 20 मार्च तक उनके लिए आखिरी मौका है. यानी के अगर आपको लोकसभा चुनाव-2019 में वोट डालना है तो 20 मार्च वोटर लिस्ट में नाम लिखवाने के लिए आखिरी डेट है.

जानकारों के मुताबिक 5 मई को पहला रोज़ा होने की उम्मीद है. इसके चलते तीन चरणों 6 मई, 12 मई और 19 मई को होने वाली वोटिंग रमज़ान के दौरान होगी. चुनाव आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार 6, 12 और 19 मई के तीन चरण में 543 में से 169 सीट पर रमज़ान में वोट डाले जाएंगे.

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First published: March 11, 2019, 2:59 PM IST
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