Home /News /nation /

लोकसभा चुनाव: दिल्ली की कुर्सी पर टिकी नजर, नए समीकरण साधने में जुटे KCR

लोकसभा चुनाव: दिल्ली की कुर्सी पर टिकी नजर, नए समीकरण साधने में जुटे KCR

के चन्द्रशेखर राव (फ़ाइल फोटो)

के चन्द्रशेखर राव (फ़ाइल फोटो)

पिछले पांच सालों में राजनीति के अखाड़े में केसीआर की ताकत काफी बढ़ गई है. केसीआर को लगता है कि साल 2019 में उनके लिए 1999 और 2009 के मुकाबले ज़्यादा बेहतर हालात होंगे.

लोकसभा चुनाव के नतीजे आने से पहले ही जोड़ तोड़ की राजनीति शुरू हो गई है. दिल्ली के राजनीतिक गलियारों से कई सौ किलोमीटर दूर हैदराबाद में भी अगले प्रधानमंत्री को लेकर हलचल बढ़ गई है. तेलंगाना के मुख्यमंत्री और टीआरएस के फाउंडर के चंद्रशेखर राव के खेमे से भी नए राजनीतिक समीकरण को लेकर संकेत मिलने लगे हैं.

केसीआर के करीबियों का कहना कि अगर 23 मई को नतीजों के बाद किसी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिलता तो वो गैर बीजेपी पार्टियों के साथ सरकार बनाने की कोशिश करेंगे. केसीआर ने इसको लेकर क्षेत्रीय दलों से बातचीत भी शुरू कर दी है. भले ही वो प्रधानमंत्री बने या न बने लेकिन इतना तय है कि दक्षिण भारत से तीसरा पीएम बनाने के लिए उन्होंने दिल्ली की तरफ कदम बढ़ाने शुरू कर दिए हैं.

कहा जा रहा है कि राष्ट्रीय राजनीति में आने के लिए केसीआर ने पूरी ताकत झोंक दी है. माना जा रहा है कि अगर बीजेपी बहुमत से थोड़ा दूर रहती है तो केसीआर उन्हें भी समर्थन दे सकते हैं.

पिछले पांच सालों में राजनीति के अखाड़े में केसीआर की ताकत काफी बढ़ गई है. केसीआर को लगता है कि साल 2019 में उनके लिए 1999 और 2009 के मुकाबले ज़्यादा बेहतर हालात होंगे.

साल 1999 और 2009 केसीआर के लिए बेहद खराब रहे थे. 1999 में उन्हें टीडीपी की टिकट पर जीत मिली थी. उस वक्त उन्हें कैबिनेट पोर्टफोलियो नहीं मिला था. उनके मुखिया चंद्रबाबू नायडू ने उन्हें विधानसभा में उपसभापति बना दिया था. लेकिन एक साल बाद ही केसीआर ने टीडीपी से नाता तोड़ लिया था. उन्होंने तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) के नाम से अपनी एक अलग पार्टी बना ली थी.

साल 2004 के लोकसभा चुनाव में केसीआर की पार्टी को 5 लोकसभा सीटों पर जीत मिली थी. बाद में केसीआर यूपीए की सरकार में मंत्री भी बने. साल 2009 में लोकसभा चुनाव के नतीजों से सिर्फ एक दिन पहले वो एनडीए में शामिल हो गए. लेकिन अगले दिन ही उन्हें करारा झटका लगा और उनकी पार्टी को सिर्फ दो सीटों पर जीत मिली थी. कांग्रेस की सत्ता में एक बार फिर से वापसी हो गई. आंध्र प्रदेश में एक बार फिर से वायएसआर किंग बन गए. लेकिन इस बार एक बार पिर से केसीआर केंद्र की राजनीति में आने को बेकरार हैं.

ये भी पढ़ें:

चीन से बोले ट्रंप: 2020 में मैं ही जीतूंगा, अभी कर लो समझौता

गूगल जैसी सर्विस देती है Jio की ये App, जानें इसकी 5 बातें
एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स

Tags: Andhra Pradesh, K Chandrashekhar Rao, Lok Sabha Election 2019, Telangana

विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर