Lok Sabha Election 2019: अनंतनाग में 2% वोटिंग, 300 बूथों पर नहीं पड़ा एक भी वोट

अनंतनाग जम्मू-कश्मीर की बेहद संवेदनशील सीट है. यहां अकेले तीन चरणों में मतदान हुए. तीसरे, चौथे और पांचवें चरण के तहत वोटिंग हुई. लेकिन लगातार मतदान प्रतिशत गिरता गया.

News18Hindi
Updated: May 7, 2019, 8:38 AM IST
Lok Sabha Election 2019: अनंतनाग में 2% वोटिंग, 300 बूथों पर नहीं पड़ा एक भी वोट
अनंतनाग जम्मू-कश्मीर की बेहद संवेदनशील सीट है.
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Updated: May 7, 2019, 8:38 AM IST
लोकसभा चुनाव 2019 के पांचवें चरण के मतदान सोमवार को खत्म हो गए. इस चरण में जम्मू-कश्मीर के लद्दाख और अनंतनाग सीट पर भी वोटिंग हुई. आतंकवादियों की धमकी का असर यहां मतदान पर देखने को मिला. सोमवार को अनंतनाग में सिर्फ 2.38 फीसदी वोटिंग रिकॉर्ड हुई. वहीं, पुलवामा के एक बूथ पर जीरो फीसदी मतदान दर्ज हुआ. यहां एक बूथ के पास ग्रेनेड अटैक के बाद एक भी वोटर्स वोट डालने नहीं पहुंचा.

चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर के अलग-अलग 300 पोलिंग स्टेशन पर एक भी वोट नहीं पड़ा. लद्दाख और अनंतनाग में सोमवार को महज 12.46 फीसदी लोगों ने मताधिकार का इस्तेमाल किया.

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अनंतनाग जम्मू-कश्मीर की बेहद संवेदनशील सीट है. यहां अकेले तीन चरणों में मतदान हुए. तीसरे, चौथे और पांचवें चरण के तहत वोटिंग हुई. लेकिन लगातार मतदान प्रतिशत गिरता गया. 23 अप्रैल को हुई तीसरे चरण की वोटिंग में 12.86 फीसदी मतदान रिकॉर्ड किया गया. 29 अप्रैल को चौथे चरण के मतदान में अनंतनाग में 8.72 फीसदी वोटिंग हुई. वहीं, सोमवार (6 मई) को संपन्न हुए पांचवें चरण के चुनाव में सिर्फ 2.38 फीसदी वोट पड़े.

कुल 8.76 फीसदी वोटिंग
चुनाव आयोग के मुताबिक, अनंतनाग के शोपियां, पुलवामा और कुलगाम में सोमवार को हुए मतदान में कुल 8.76 फीसदी वोटिंग हुई. जबकि, अनंतनाग और लद्दाख संसदीय क्षेत्र को मिला दिया जाए, तो कुल 44.51 फीसदी वोटिंग दर्ज हुई. 2014 के लोकसभा चुनाव में इस सीट पर 28.42 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ था.



चुनाव आयोग के मुताबिक, पांच फेज की वोटिंग के बाद जम्मू-कश्मीर की कुल छह लोकसभा सीटों बारामूला, जम्मू, श्रीनगर, उधमपुर, अनंतनाग और लद्दाख में कुल 44.51 फीसदी वोटिंग दर्ज हुई.



अनंतनाग लोकसभा सीट पर 18 प्रत्याशी चुनाव मैदान में

राज्य की अनंतनाग लोकसभा सीट पर 18 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं. पीडीपी और नेशनल कॉन्फ्रेंस के बीच कांटे का मुकाबला होता रहा है. लोकसभा चुनाव 2019 में अनंतनाग लोकसभा सीट पर पीडीपी से पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती फिर से चुनाव जीतने के लिए मैदान में हैं. इनका मुकाबला नेशनल कॉन्फ्रेंस के हसनैन मसूदी से है. कांग्रेस ने गुलाम अहमद मीर तो वहीं बीजेपी ने सोफी यूसुफ को खड़ा किया है. जम्मू-कश्मीर की इस सीट से बीजेपी के प्रत्याशी अपनी जमानत तक नहीं बचा पाते हैं.

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इसलिए अहम है अनंतनाग सीट
जम्मू-कश्मीर की अनंतनाग लोकसभा सीट कई मायनों में अहम है. 2014 में इस सीट पर राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने जीत दर्ज की थी, लेकिन उनके इस्तीफे के दो साल तक इस सीट पर उपचुनाव नहीं हो पाया है. इसके पीछे घाटी में अशांति का माहौल जिम्मेदार है. चुनाव आयोग के अगर आंकड़ों को देखें, तो 1996 में छह महीने के भीतर उपचुनाव कराने के कानून के बाद यह सबसे ज्यादा समय तक खाली रहने वाली सीट है.

इस सीट से महबूबा के अलावा पीडीपी अध्यक्ष रहे मुफ्ती मोहम्मद सईद और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे मोहम्मद शफी कुरैशी भी सांसद बन चुके हैं. ये सीट पीडीपी का गढ़ है. 2014 में हुए विधानसभा चुनावों में अनंतनाग की 16 विधानसभा सीटों में से 11 सीटों पर पीडीपी जीती थी.

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