PM Cares फंड पर हंगामा: अनुराग ठाकुर ने लिया नेहरू-गांधी परिवार का नाम तो अधीर रंजन ने जताया विरोध, हंगामे के बाद लोकसभा स्थगित

सांसदों के हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित करनी पड़ी (File Photo)
सांसदों के हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित करनी पड़ी (File Photo)

Parliament Monsoon Session: लोकसभा में शुक्रवार को पीएम केयर्स फंड को लेकर सांसदों ने हंगामा किया जिसके चलते सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित करनी पड़ी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 18, 2020, 7:34 PM IST
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नई दिल्ली. लोकसभा (Loksabha) में गुरुवार को पीएम केयर्स फंड (PM Cares Fund) को लेकर हंगामा हो गया है. सदन में हुए हंगामे के चलते कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित करनी पड़ी. निचले सदन में विधेयक पेश किये जाने का विरोध करते हुए कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने पीएम केयर्स फंड के गठन को लेकर सवाल उठाये. कुछ सदस्यों ने इस कोष को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय आपदा कोष में मिला देने का सुझाव दिया. संसद (Parliament) के मानसून सत्र (Monsoon Session) के पांचवें दिन केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर (MoS Anurag Thakur) ने पीएम केयर्स फंड को लेकर बयान दिया.

केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने लोकसभा में कहा कि पीएम केयर्स फंड का विरोध वैसा ही है जैसे इन्होंने कई चुनावों में हारने के बाद ईवीएम (EVM) का विरोध किया था. इन्होंने जन-धन, नोटबंदी, तीन तलाक और जीएसटी को खराब करार दिया था. इन्हें हर चीज में खराबी लगती है लेकिन तथ्य यह है कि इनका इरादा ही खराब है. अनुराग ठाकुर ने सदन में गांधी परिवार का जिक्र किया और प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष का लाभ लेने वाले लोगों के नाम उजागर करने की धमकी दी. जिस पर विपक्ष के सांसदों ने विरोध किया.

अनुराग ठाकुर ने कहा कि नेहरू जी ने 1948 में एक शाही आदेश की तरह प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष बनाने का आदेश दिया था लेकिन उसका पंजीकरण आज तक नहीं हो पाया है. इसे एफसीआर की मंजूरी कैसे मिली? ठाकुर ने आगे कहा कि PM-CARES फंड एक सार्वजनिक धर्मार्थ ट्रस्ट है जिसे भारत के लोगों के लिए स्थापित किया गया है. आप (विपक्ष) ने गांधी परिवार के लिए विश्वास पैदा किया. नेहरू और सोनिया गांधी पीएम के राष्ट्रीय राहत कोष के सदस्य रहे हैं. इस पर एक बहस होनी चाहिए




देश की जनता की सोच पर सवाल उठा रहा विपक्ष
वित्त राज्य मंत्री ने कहा कि ये लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच नहीं, बल्कि देश की जनता की सोच पर प्रश्नचिह्न लगा रहे हैं. ठाकुर ने कहा कि एक तरफ देश कोरोना महामारी से लड़ने की तैयारी कर रहा था और प्रधानमंत्री अनेक कदम उठा रहे थे तब विपक्ष के लोग राजनीति कर रहे थे. उन्होंने कहा कि पीएम केयर्स फंड में गरीबों से लेकर अमीरों, सांसदों, विधायकों, छोटे छोटे बच्चों, सेवानिवृत शिक्षकों, बुजुर्गो, स्वतंत्रता सेनानियों आदि ने अपनी जमा पूंजी महामारी से लड़ने के लिए दी है, लेकिन विपक्ष विरोध करके इन लोगों का भी अपमान कर रहा है.

ठाकुर ने कहा, ‘‘1948 में तत्कालीन प्रधानमंत्री ने शाही हुकुम की तरह प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष बनाने का आदेश दिया.’’ उन्होंने दावा किया कि इस कोष का आज तक पंजीकरण नहीं कराया गया है. इसकी जांच होनी चाहिए कि इसको विदेशी योगदान विनियमन संबंधी मंजूरी कैसे मिली. ठाकुर ने कहा, ‘‘अब दूध का दूध, पानी का पानी होना चाहिए.’’

विपक्ष ने लगाया- लोकसभा अध्यक्ष पर भेदभाव का आरोप
अनुराग ठाकुर के विपक्ष पर निशाना साधने पर तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया कि लोकसभा अध्यक्ष बीजेपी के सदस्यों का बचाव कर रहे हैं. बनर्जी ने कहा कि अध्यक्ष हमेशा विपक्ष के सांसदों को ही रोकते हैं. कल्याण बनर्जी ने यह भी कहा कि अगर अध्यक्ष उन्हें निलंबित करना चाहते हैं तो वो इसके लिए भी तैयार हैं. वहीं कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कल्याण बनर्जी का समर्थन करते हुए कहा कि नव निर्वाचित सदस्य भी विपक्षी सदस्यों के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं. चौधरी के बयान पर लोकसभा सदस्य ओम बिरला ने उन्हें भी शांत कराने की कोशिश की.

वित्त राज्य मंत्री ने यह भी कहा कि पीएम केयर्स कोष पूरी तरह से संवैधानिक रूप से पंजीकृत चैरिटेबल ट्रस्ट है. ठाकुर ने नेहरू गांधी परिवार को लेकर भी कुछ टिप्पणियां कीं जिस पर नाराजगी जताते हुए कांग्रेस सदस्यों ने सदन से वॉकऑउट किया. इस दौरान तृणमूल कांग्रेस के एक सदस्य की टिप्पणी के बाद पश्चिम बंगाल से भाजपा सांसद लॉकेट चटर्जी अपने स्थान पर खड़े होकर कुछ कहते देखी गईं. इस पर तृणमूल कांग्रेस के कल्याण बनर्जी ने खड़े होकर गहरी आपत्ति व्यक्त की और कुछ देर तक जोरदार तरीके से विरोध दर्ज कराते रहे.

लोकसभा अध्यक्ष ने की सांसदों को शांत कराने की अपील
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उन्हें शांत कराने का प्रयास करते हुए कहा कि सत्ता पक्ष, विपक्ष के सदस्य हों या कोई मंत्री हों... अगर वो उठकर बोलने का प्रयास करेंगे तो मुझे उन्हें नाम लेकर बाहर निकलने के लिए कहना होगा. उन्होंने कोविड-19 से बचने के लिये किये गए इंतजाम का जिक्र करते हुए कहा कि सदस्यों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है. हालांकि, कल्याण बनर्जी बार-बार खड़े होकर अपनी बात कहते रहे.

दोबारा सदन शुरू होने के बाद भी जारी रहा हंगामा
इस बीच, कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के भाषण का जिक्र करते हुए कहा कि हमने एक भी असंसदीय, असंवैधानिक बात नहीं की है. लेकिन इन्होंने (ठाकुर) सारा माहौल खराब कर दिया. उन्होंने यह भी कहा कि हमने पीएम केयर्स फंड की बात करते हुए कभी प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) के लिए कुछ गलत नहीं कहा.

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा, ‘‘आसन के कहने के बाद भी अगर सदस्य नहीं मानते हैं तब मैं इस तरह से सदन चलाने का न आदी हूं और न चलाऊंगा. सभी सदस्य आचार संहिता बनाये रखें.’’ उन्होंने हंगामे के बीच कार्यवाही 3 बजकर 50 मिनट पर आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी.

एक बार के स्थगन के बाद लोकसभा की बैठक फिर शुरू होने पर भी सदन में शोर-शराबा जारी रहा और पीठासीन सभापति रमा देवी ने कुछ ही मिनट बाद कार्यवाही शाम 5 बजे तक के लिए स्थगित कर दी. बैठक फिर शुरू होने पर भी स्थिति ज्यों की त्यों बनी रही और बैठक शाम साढ़े पांच बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी.
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