West Bengal : क्या चुनावी रैली या नियमों की अनदेखी है ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना के बढ़ते मामलों का कारण? जानें विशेषज्ञों ने क्या कहा

वरिष्ठ चिकित्सा विशेषज्ञ डॉक्टर अमिताव नंदी ने कहा, ‘‘इसमें कोई संदेह नहीं है कि लंबी चुनावी प्रक्रिया ग्रामीण बंगाल में महामारी के मामलों में वृद्धि की वजह बनी है.

वरिष्ठ चिकित्सा विशेषज्ञ डॉक्टर अमिताव नंदी ने कहा, ‘‘इसमें कोई संदेह नहीं है कि लंबी चुनावी प्रक्रिया ग्रामीण बंगाल में महामारी के मामलों में वृद्धि की वजह बनी है.

West Bengal Coronavirus Case: इस साल 26 फरवरी को विधानसभा चुनाव की घोषणा होने के बाद से कल शनिवार तक कोलकाता को छोड़कर दूसरे जिलों में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 48 गुना अधिक तक की वृद्धि हुई है.

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कोलकाता. पश्चिम बंगाल में कोरोना संक्रमण (West Bengal Coronavirus Case) का ग्राफ तेजी से ऊपर जा रहा है. संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर राज्य में 15 दिन का संपूर्ण लॉकडाउन घोषित कर दिया गया है. राज्य में 16 मई की सुबह 6 बजे से 30 मई तक लॉकडाउन लागू रहेगा. इसी बीच विशेषज्ञों ने ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते कोरोना संक्रमण पर बड़ी बात कही है.

विशेषज्ञों का मानना है कि लंबा चुनाव अभियान पश्चिम बंगाल के ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड-19 के मामलों में वृद्धि (West Bengal Election Campion) की वजह बना है और इस साल 26 फरवरी को विधानसभा चुनाव की घोषणा होने के बाद से कल शनिवार तक कोलकाता को छोड़कर दूसरे जिलों में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 48 गुना अधिक तक की वृद्धि हुई है. अधिकतर चिकित्सा पेशेवरों का कहना है कि चुनाव रैलियों में भारी भीड़ के चलते महामारी के मामलों में वृद्धि हुई है.

40 गुना अधिक हो गई संक्रमितों की संख्या

निर्वाचन आयोग ने 26 फरवरी को जब चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की थी तो उस समय पश्चिम बंगाल में उपचाराधीन मरीजों की संख्या केवल 3,343 थी जो कल शनिवार तक के आंकड़ों के अनुसार अब लगभग 40 गुना अधिक 1.32 लाख हो गई है. हालांकि, कोलकता को छोड़कर दूसरे जिलों में वायरस का प्रसार काफी तेजी से हुआ है जहां 26 फरवरी को उपचाराधीन मरीजों की संख्या केवल 2,183 थी जो 15 मई तक 48 गुना बढ़कर 1.06 लाख हो गई.

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राजनीतिक कारणों से बढ़ा कोरोना संकट

वरिष्ठ चिकित्सा विशेषज्ञ डॉक्टर अमिताव नंदी ने कहा, ‘‘इसमें कोई संदेह नहीं है कि लंबी चुनावी प्रक्रिया ग्रामीण बंगाल में महामारी के मामलों में वृद्धि की वजह बनी है. कारण कुछ और नहीं, सिर्फ राजनीतिक और राजनीतिक है.’’ राज्य में विधानसभा चुनाव आठ चरणों में 27 मार्च से 29 अप्रैल तक हुआ था. सामुदायिक औषधि विशेषज्ञ डॉक्टर संजीब बंद्योपाध्याय ने कहा कि आठ चरणों में ‘‘अवैज्ञानिक’’ तरीके से चुनाव कराना महामारी के मामलों में वृद्धि का कारण है.



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बंगाल में एक दिन में 20,846 नए केस

पश्चिम बंगाल में कोरोना के रेकॉर्ड मामले सामने आ रहे हैं. शुक्रवार को यहां एक दिन में सर्वाधिक 20,846 नये मामले सामने आने के बाद संक्रमण के कुल मामले 10,94,802 हो गए हैं. स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि बीमारी से 136 और लोगों की मौत होने के बाद मृतक संख्या 12,993 हो गई है. राज्य में गुरुवार से 19,131 लोग स्वस्थ हुए हैं.

ममता बनर्जी के छोटे भाई का कोरोना से निधन

इससे पहले कोरोना के चलते सीएम ममता बनर्जी के छोटे भाई असीम बनर्जी का निधन हो गया. वह पिछले एक महीने से कोरोना से संक्रमित थे. असीम कोलकाता के मेडिका सुपरस्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती थे.

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