तेजी से घट रही है कोरोना संक्रमित हो चुके लोगों में एंटीबॉडी, बुजुर्गों में प्रतिशत ज्यादा: स्टडी

ये नई स्टडी इंपीरियल कॉलेज ऑफ लंदन की है.
ये नई स्टडी इंपीरियल कॉलेज ऑफ लंदन की है.

‘इम्पीरियल कॉलेज लंदन’ (The Imperial College London) के एक अध्ययन के तहत इंग्लैंड में 3,65,000 से अधिक लोगों की जांच की गई. अध्ययन में पाया गया कि कोविड-19 के लिए जिम्मेदार कोरोना वायरस से रक्षा करने वाले एंटीबॉडी समय के साथ कम हो रहे हैं, जो संकेत देते हैं कि रोग प्रतिरोधक क्षमता केवल कुछ ही महीने बनी रह सकती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 27, 2020, 5:58 PM IST
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लंदन. ब्रिटेन में अनुसंधानकर्ताओं ने पाया है कि कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके व्यक्ति को संक्रमण से बचाने वाले एंटीबॉडी (protective antibodies) तेजी से घट रहे हैं. इसके कारण कोविड-19 संक्रमण से लंबे समय तक रोग प्रतिरोधक क्षमता (Long-term immunity) बने रहने की उम्मीदें धूमिल होती नजर आ रही हैं. ‘इम्पीरियल कॉलेज लंदन’ (The Imperial College London) के एक अध्ययन के तहत इंग्लैंड में 3,65,000 से अधिक लोगों की जांच की गई. अध्ययन में पाया गया कि कोविड-19 के लिए जिम्मेदार कोरोना वायरस से रक्षा करने वाले एंटीबॉडी समय के साथ कम हो रहे हैं, जो संकेत देते हैं कि रोग प्रतिरोधक क्षमता केवल कुछ ही महीने बनी रह सकती है.

ये बोले अनुसंधानकर्ता
अध्ययन करने वाले अनुसंधानकर्ताओं में शामिल रहे प्रोफेसर वेंडी बार्कले ने कहा, ‘हर बार सर्दी के मौसम में लोगों को संक्रमित करने वाला कोरोना वायरस छह से 12 महीने बाद लोगों को फिर से संक्रमित कर सकता है.’ उन्होंने कहा, ‘हमें आशंका है कि कोविड-19 संक्रमण के लिए जिम्मेदार वायरस से संक्रमित होने पर भी शरीर इसी तरह प्रतिक्रिया देता है.’

एंडीबॉडी कम होने के मामले युवाओं की अपेक्षा बुजुर्गों में अधिक
‘इम्पीरियल कॉलेज लंदन’ में निदेशक पॉल इलियॉट ने कहा, ‘हमारे अध्ययन दर्शाते हैं कि समय के साथ उन लोगों की संख्या में कमी देखी गई है, जिनमें एंटीबॉडी हैं.’ अध्ययन में कहा गया है कि एंडीबॉडी कम होने के मामले युवाओं की अपेक्षा 75 साल और इससे अधिक आयु के लोगों में अधिक पाए गए हैं.
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